ग्रुप मीटिंग, सिंगिंग जैसी एक्टिविटी से रखते हैं साथियों को मोटिवेट
वर्क फ्रॉम होम: डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करने वाली कई कंपनियों ने स्मूथ वर्किंग के लिए बनाई है रणनीति
जोधपुर। पूरे देश में कोविड-19 बीमारी के कारण लॉक डाउन है। अधिकांश कार्यालय व प्रतिष्ठान बंद है। कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है, इसके लिए कुछ बदलाव भी किए गए हैं। प्रोडक्टिविटी में कमी न आए व सभी साथ ही प्रोत्साहित होकर काम करे इसके लिए कई प्रकार के प्रयोग भी लिए जा रहे हैं।
वर्चुअल कंटेस्ट वर्क फ्रॉम ोम होम सुविधा उपलब्ध करवा रही ई-बिजनीड्स ने वर्चुअल तरीके से सभी को जोडने का प्रयोग किया है। सीईओ नवीन खन्ना बताते हैं कि जब काम की शुरुआत करते हैं तो सबसे पहले गुड मॉर्निंग विश करते हैं। फिर सभी को उस दिन के लिहाज से टास्क दे दिए जाते हैं। माहौल को कुछ हल्का करने के लिए सभी साथियों के साथ ऑनलाइन गेम व वर्चुअल कंटेस्ट भी होते हैं। वीडियो कॉल से ही टीम मीटिंग भी होती है। वेब कैम के साथ ही टी व कॉपी ब्रेक भी होता है। सेंट्रल एकेडमी जैसी स्कूल के लिए ऑनलाइन रिजल्ट व अब नया सेशन भी रोवर यानी डिजिटल माध्यम से शुरू किया गया है और अन्य करवाते डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करने वाली ऐसी ही एक कंपनी सीजी टैक्नोसॉफ्ट के सीटीओ पुनीत राव ने बताया कि सबसे पहले 200 लोगों की टीम को वर्क फ्रॉम होम करवाने के लिए नेटवर्क मजबूत किया। एक एप्लीकेशन खरीदी मैटर मोस्ट। उस पर पूरी टीम के लॉगइन बनाए गए, इसमें सभी सवाल पूछ सकते है व जवाब दे सकते हैं। टीम को मोटिवेट रखने के लिए हर मैनेजर को टास्क दिया कि दिन में दो बार वीसी से टीम से बात करेंगे। इसके अलावा सभी को जोड़े रखने के लिए वीडियो कॉल से ही गाने के इवेंट करते हैं। प्रतिस्पद्र्धा के लिए कई अवार्ड बनाए हैं। ताकि न हो प्रोडक्टिविटी कम वर्क फ्रॉम होम करने वाली अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए बीच प्रतिस्पद्र्धाएं करवा रही है। इसके पीछे कारण प्रोडक्टिविटी को किसी भी सूरत में कम न होने देना है। अभी तक ऐसी ही कंपनियों के वर्क फ्रॉम होम कल्चर से उत्पादकता में ज्यादा कमी नहीं आई है।