बच्चों ने सीखा व्यावहारिक ज्ञान, अभिभावकों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
पीएम श्री विद्यालय बागा सूरसागर में बाल मेले का भव्य आयोजन

जोधपुर। पीएम श्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय बागा सूरसागर में आज 21 अक्टूबर 2026 को बाल मेले का भव्य आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक श्रीमती बेबी नंदा ने बताया कि मेले का शुभारंभ एडीपीसी श्रीमती रजनी शेखावत, नवनिर्वाचित युवा पार्षद वार्ड संख्या पाच श्री विशाल सांखला तथा समसा के पीओ श्री महेंद्र कडेला ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
मेले में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न स्टॉल लगाकर अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। चना चाट, फ्रूट चाट, टॉफी, खींचिया-पापड़ सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने स्टॉलों के माध्यम से गणना, लेन-देन, वस्तुओं की कीमत निर्धारित करने, संवाद कौशल, सहयोग एवं आत्मनिर्भरता जैसे व्यावहारिक जीवन कौशल सीखे।
एडीपीसी श्रीमती रजनी शेखावत ने बाल मेले की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा निर्णय लेने की योग्यता विकसित होती है। खेल-खेल में सीखने की यह प्रक्रिया बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है।
समसा के पीओ श्री महेंद्र कडेला ने बाल मेले को गतिविधि आधारित शिक्षण का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। विद्यार्थियों को स्वयं करके सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, मिल-जुलकर कार्य करने तथा जीवनोपयोगी कौशल विकसित करने के अवसर मिलते हैं।
नवनिर्वाचित युवा पार्षद श्री विशाल सांखला ने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें तथा पढ़ाई के लिए उचित वातावरण और प्रोत्साहन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिक्षित बच्चे ही समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं।
प्रधानाध्यापक श्रीमती बेबी नंदा ने अपने संबोधन में कहा कि बाल मेले में ‘माल मिला गतिविधि’ के माध्यम से बच्चों को वस्तुओं की पहचान, उपयोगिता, मूल्य निर्धारण, खरीद-बिक्री तथा लेन-देन की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। यह नवाचार बच्चों में गणितीय समझ, तार्किक सोच, संवाद कौशल और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चे आनंदपूर्वक सीखते हैं और सीखी हुई बातों को लंबे समय तक याद रखते हैं।
मेले के दौरान अभिभावकों के मध्य विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को श्रीमती रजनी शेखावत एवं पार्षद श्री विशाल सांखला ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। विद्यार्थियों की स्टॉल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को भी पुरस्कार वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं का संचालन दीपिका चारण, अप्सरा बानो एवं पूजा आईफा ने किया, जबकि मंच संचालन श्री लक्ष्मण सिंह ने किया। मेले की व्यवस्थाओं में एसएमसी सदस्य सरफराज एवं शराफत की विशेष भूमिका रही। तीजा देवी, रेशमा, निशा, लक्ष्मी, यशोदा, आयशा सहित अन्य एसएमसी सदस्यों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में सहयोग दिया। छात्रों एवं अभिभावकों को विद्यालय की तरफ से अल्पाहार दिया गया।
बाल मेले ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच सहभागिता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हुए ‘सीखें, समझें और करके सीखें’ की अवधारणा को साकार किया।
