मूक-बधिर एवं दिव्यांग बच्चों के संग बाँटी खुशियाँ
सीरियारी के महावीर मूक-बधिर विद्यालय में युवांश टांक के जन्मदिन पर मिठाई, वस्त्र, फल एवं स्वादिष्ट भोजन वितरित
सीरियारी । सोजत निवासी अभिषेक टांक (वर्तमान में बेंगलुरु) के पुत्र युवांश टांक के चौथे जन्मदिन के अवसर पर सीरियारी स्थित महावीर मूक-बधिर विद्यालय दिव्यांग संस्थान में सोमवार को एक भावुक एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया।
इस अवसर पर 54 दिव्यांग बच्चों को नए वस्त्र, चरण पादुकाएं, मिठाई, नाश्ता, चॉकलेट, फल एवं स्वादिष्ट भोजन वितरित किया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मीयता की मुस्कान देखते ही बनती थी। जन्मदिन का जश्न न केवल एक बालक के लिए, बल्कि वहाँ मौजूद हर बच्चे के लिए विशेष अवसर बन गया। संस्थान के प्रबंधक श्री मदन मेवाड़ा एवं श्रीमती ममता मेवाड़ा ने बताया कि संस्थान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए कार्यरत है, जहाँ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों एवं शिक्षा का समुचित वातावरण प्रदान किया जाता है। यह प्रयास दिव्यांग बच्चों को सामान्य जीवन की अनुभूति कराता है।
समाज सेवा की प्रेरणादायक पहल
इस सेवा कार्य में श्रीमती शीला टांक, सुश्री महिमा टांक, श्रीमती कुसुम व्यास एवं श्रीमती मंजू व्यास ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों में मिष्ठान, फल, बिस्किट, वस्त्र एवं चरण पादुकाएं वितरित कीं।
सांयकाल आयोजित प्रार्थना सभा एवं आरती के पश्चात सभी दिव्यांगजनों को भोजन प्रसादी भी वितरित की गई।
मारवाड़ की सेवा भावना का उदाहरण
संस्थान प्रबंधन ने जानकारी दी कि सीरियारी क्षेत्र में समय-समय पर प्रवासीजन एवं स्थानीय परिवार अपने परिजनों के जन्मदिवस या अन्य अवसरों पर दिव्यांग बच्चों के बीच आकर इस प्रकार की सेवा गतिविधियाँ करते रहते हैं, जो समाज में संवेदनशीलता, करुणा और समर्पण का सशक्त संदेश देता है। यह आयोजन न केवल मानवता का अनुपम उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जन्मदिन जैसे निजी अवसर को सामाजिक सेवा से जोड़कर उसे और भी सार्थक बनाया जा सकता है।