संयम, त्याग और साधना के प्रतीक उपकरणों का जीवंत प्रदर्शन
श्री नेमीनाथ दीक्षा कल्याणक महोत्सव
जोधपुर। नागौरी गेट स्थित श्री मुहताजी मंदिर प्रांगण में जैन धर्म के बाईसवें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ का दीक्षा कल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। प्रातः 9 बजे धर्ममय नारों के साथ जुलूस निकाला गया जिसमें साध्वी श्री पीयूषपूर्णा श्रीजी म.सा., साध्वी मंडल, नीलवर्ण पार्श्वनाथ महिला मंडल की श्राविकाएं और श्रावकगण शामिल हुए। शोभायात्रा मंदिर से प्रवचन पांडाल तक पहुँची।
सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी श्रीमती मंजू मेहता और उनके परिजनों ने दीक्षा उपकरणों की टोकरी सिर पर धारण कर संयम और साधना की प्रेरक छवि प्रस्तुत की। उन्हें ट्रस्ट की ओर से बहुमान भी प्रदान किया गया।
साध्वी अंजू म.सा. और साध्वी श्रीनमन म.सा. ने अपने प्रवचनों में दीक्षा उपकरणों की महत्ता बताते हुए कहा कि ये उपकरण केवल भौतिक वस्तुएँ नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण, संयम और मोक्षमार्ग के प्रतीक हैं। जैसे रजोहरण जीव रक्षा का, पातरा-पात्र सीमित उपभोग का, कामली आत्मिक एकांत का, नवकारवाणी सतत आत्मस्मरण का प्रतीक हैं।
कार्यक्रम में श्रीमती शांता मुहता, स्वीटी मेहता, ऊषा मुहता सहित कई श्रद्धालुओं ने उपकरणों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ट्रस्ट अध्यक्ष श्री संजय मेहता और मार्गदर्शक वैभव मुहता के निर्देशन में यह आयोजन संयम और समर्पण के भावों पर आधारित रहा। ट्रस्ट उपाध्यक्ष श्री गजेन्द्र मेहता ने उपकरण बोलियों के लाभार्थियों की जानकारी दी।
यह आयोजन समाज को आत्मचिंतन, वैराग्य और मोक्षमार्ग की ओर प्रेरित करने वाला एक प्रेरक उदाहरण बना।