आईआईटी जोधपुर का दसवा दीक्षांत समारोह 26 अक्टूबर को

अधिस्वीकृत पत्रकार गुलाम मोहम्मद, सम्पादक, सेवा भारती, जोधपुर

आगामी पांच वर्ष में आईआईटी जोधपुर को पांचवी रैंक दिलाने को प्रयासरत :- डायरेक्टर अग्रवाल

जोधपुर। आईआईटी जोधपुर का दसवा दीक्षांत समारोह 26 अक्टूबर को आईआईटी परिसर में आयोजित किया जायेगा। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ होगे जबकि समारोह की अध्यक्षा शासक मंडल आईआटी जोधपुर ए. एस. किरण कुमार करेगे। विशिष्ट अतिथि के रूपय में केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखवात और इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. राम माधव होगे। यह जानकारी आज संवाददाता सम्मेलन में आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने दी। उन्होने कहा कि वे जोधपुर आईआईटी को देश की पांच बेहतरीन आईआईटी सेंटर के रूप में विकसित करने के लिये कृत संकल्प है।
उन्होने बताया कि इस दसवें दीक्षांत समारोह में एक हजार स्टूडेंटस को डिग्रिया, मेडल दिये जायेगे। कार्यक्रम दोपहर साढे तीन बजे से शुरू होगा जिसमे निदेश के स्वांगत संबोधन एवं संस्थान का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जायेगा। इसके बाद कार्यक्रम के अध्यक्ष डा. ए.,एस किरण कुमार का संबोधन, विष्ठि अतिथि डा. राम माधव और केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्रसिंह का संबोधन होगा।
इस के बाद बी टेक, स्नातकोतर और पीएचडी स्नातकों को पदक एवं पुरस्कार वितरण किया जायेगा।
कार्यक्रम के दौरान एआईओटी फैब एवं इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाई का और फैकल्टी एवं स्टाफ आवासीय परिसर का उद्घाटन आन लाईन व्यवस्था से स्टेज से किया जायेगा।
कार्यक्रम के अंतिम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखंड़ की ओर से दीक्षांत भाषण दिया जायेगा। इसके बाद विधिपत रूप से समारोप समापन की घोघणा और राष्ट्रगान के बाद शैक्षणिक शोभायात्रा का प्रस्थान किया जायेगा।
संवाददाता सम्मेलन में आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनकी सोच है कि वो आगामी दिनो में जोधपुर आईआईटी को जो वर्तमान में देश की आईआईटी में 28 वें पायदान पर है जिसको पांचवे स्थान पर पहुंचाना है। इसके लिये वो आईआईटी जोधपुर में इन्फ्रा स्ट्रेक्चर को बढाने के साथ वर्तमान ढाई सौ की फैक्लटी को बढाकर पांच हजार करेगे और ढाई हजार स्टूडेंट की संख्या को बढाकर पांच हजार तक पहुंचायेगे।
उन्होने कहा कि आईआईटी का काम देश और प्रदेश के विकास के लिये नये ्रनये आविष्कार और योजनाओं को बनाना है लेकिन उसको धरातल पर क्रियान्वयन के लिये केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों को धन मद के लिये आगे आना होगा।

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