नई तकनीकी को अपना पेपरलेस कोर्ट के लिए अहम कदम उठाने होंगेः न्यायाधीश संदीप मेहता
Gulam Mohammed, Editor, Seva Bharati News
वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. मुरलीधर पुरोहित की स्मृति में आयोजित प्रथम व्याख्यान माला में सुप्रीम कोर्ट के जज, गोवा हाईकोर्ट ओर राज हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश सहित कई जजों ने शिरकत कर मान बढ़ाया
राज हाईकोर्ट प्लेटिनम जुबलीः
जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने कहा कि न्यायिक जगत में वर्तमान समय प्रौद्योगिकी विकास के साथ नवीन चुनौतियों और उन्हे आत्मसात करते हुए अपनाने का है। पिछले कुछ समय में व्यापक परिवर्तन आया है। जिसने न्यायालय में पैरवी करने के तौर तरीके में आमूलचूल परिवर्तन किया है। उन्होने आव्हान किया कि राजस्थान हाईकोर्ट की प्लेटिनम जुबली वर्ष में बार और बैंच को यह लक्ष्य निर्धारित करना होगा कि नवीनतम तकनीकी को अपनाते हुए पेपरलेस कोर्ट की दिशा में अहम कदम उठाएंगे।
वरिष्ठ अधिवक्त पुरोहित का व्यक्तित्व अद्वितीय,युवाओं के प्रेरणा स्त्रोतः संदीप मेहता
न्यायाधीश मेहता राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए अपन संस्मरण भी सुनाए और कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय मुरलीधर पुरोहित की स्मृति में व्याख्यान माला को सम्बोधित कर रहे थे। न्यायाधीश मेहता ने कहा कि पुरोहित का व्यक्तित्व अद्वितीय था और उनको राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना के एक साल बाद प्रेक्टिस शुरू करने का अवसर प्राप्त हुआ। पुरोहित ना केवल समकालीन अधिवक्ताओं बल्कि युवाओं अधिवक्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा के स्त्रोत रहे। न्यायाधीश मेहता ने बतौर सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अपने अनुभवों का साझा करते हुए कहा कि अब वरिष्ठ अधिवक्ता भी ऑनलॉइन मैकेनिज्म के तहत पेपरलेस पैरवी कर रहे है। यहा तक की जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट पूर्णतया पेपरलेस हो गया है। इससे गरिमामय इतिहास के साक्षी राजस्थान हाईकोर्ट को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं को युवा सम्मान दे:मुख्य न्यायाधीश
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिवक्ता पुरोहित के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि युवा अधिवक्ताओं को कोर्ट रूम में हमेशा वरिष्ठ अधिवक्ताओं के प्रति सम्मान पेष करे। उन्होंने जोधपुर में हाईकोर्ट की प्लेटिनम जुबली पर आयोजित कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रषंसा करते हुए इस आयोजन के लिए लॉयर्स एसोसिएषन अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट आनंद पुरोहित को इस में शरीक होने के लिए अवसरदेने के लिए आभार जताया।
अधिवक्ताओं के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करेः विजय विश्नोई
गोवा-गुवाहाटी हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश विजय विश्नोई ने सम्बोधित करते हुए स्वर्गीय पुरोहित के जीवन से जुड़े स्मरण सुनाते हुए अपने प्रेक्टिस समय के अनुभव साझा किए। उन्होंने स्व एमडी पुरोहित द्वारा जिस अंदाज ओर अपने पन के स्नेह से डांट लगाते थें। उसका उल्लेख जब मंच से किया तो हॉल में तालियों की गूंज ओर हंसी के फंव्वारे छूट गए।उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के प्रति अपने सम्मान को प्रदर्शित करना चाहिए।
स्व एमडी पुरोहित वकीलों के भीष्म पितामह थेः भाटी
वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने कहा कि स्वर्गीय पुरोहित राजस्थान हाईकोर्ट के भीष्म पितामह थे। उनके जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हमने जब प्रेक्टिस शुरू की तो उन्होने जो ज्ञान दिया वो आज भी हमारे लिए अविस्मरणीय है।
विकट परिस्थितियों में आज भी उनकी याद आती हैः गोविंद माथुर
इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने कहा कि स्वर्गीय पुरोहित जैसा व्यक्तित्व आज के जमाने में देखने को नही मिल सकता है। मुझे विकट परिस्थितियों में आज भी उनकी याद आती है। उनके जब दो पुत्रों का एक साथ निधन हो गया तो उन्होने पूरे परिवार को सम्भाला ऐसा विराट व्यक्तित्व और किसी का नही हो सकता है। राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास,वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस खरलिया,वरिष्ठ अधिवक्ता जगमालसिंह चौधरी ने अपने संस्मरण और अनुभवों के साथ उनके जीवन से जुड़े वृतांत बता।
मुझे खुशी है कि प्लेटिनम जुबली वर्ष पर में नई शुरूआत हुई: आनंद पुरोहित
प्रारंभ में स्वागत भाषण में लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ओर स्व मुरलीधर जी पुरोहित के पुत्र सीनियर एडवोकेट आनन्द पुरोहित ने स्वागत करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि राज हाईकोर्ट की प्लेटिनम जुबली वर्ष पर स्वर्गीय एमडी पुरोहित की स्मृति में व्याख्यान से शुरूआत की है। जो आगे निरन्तर जारी रहेगी।
इन न्यायाधीशों ने उपस्थित हो मान सम्मान बढाया : स्व एमडी पुरोहित की याद में आयोजित इस संगोष्ठी में कई न्यायाधीश,सीनियर एडवोकेटस ओर अधिरकारियों ने उपस्थित होकर मान सम्मान बढाया। इनमें प्रमुख रूप से राज हाईकोर्ट के न्यायाधीश दिनेश मेहता,न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग,न्यायाधीश फरजंद अली, न्यायाधीश रेखा बोराणा, न्यायाधीश कुलदीप माथुर, न्यायाधीश डॉ नुपूर भाटी, न्यायाधीश राजेंद्र प्रकाश सोनी, न्यायाधीश योगेंद्र कुमार पुरोहित भी मौजूद रहे। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन एवं राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं अधिवक्ता मौजूद रहे।