मन को सुंदर बनाने से होगा पर्यूषण पर्व सार्थक – साध्वी रतिप्रभा

जोधपुर। आचार्य महाश्रमण की सुशिष्या साध्वी रतिप्रभा के सानिध्य में जाटाबास स्थित तेरापंथ भवन में पर्यूषण महापर्व का सातवां दिवस ध्यान दिवस के रूप में मनाया गया।

 साध्वी रतिप्रभा ने कहा की ध्यान महामार्ग है। विश्व में सभी धर्मो के मार्ग अलग हो सकते है पर ध्यान सर्वत्र है। हर युग में मनुष्य के अशांति, तनाव और चिंता से मुक्त होकर आध्यात्मिक आनंद पाने के लिए ध्यान सर्वोपरी रहा है। स्वयं में प्रवेश करने के लिए ध्यान ही एकमात्र मार्ग है। आत्म ज्ञान प्राप्त करने की कुंजी ध्यान है। समस्त तीर्थंकरों ने अपने साधनाकाल में अधिकतम ध्यान साधना की। ध्यान शांति और एकाग्रता साधने का मार्ग है। 

  साध्वी मनोज्ञयशा ने भगवान महावीर के त्रिपृष्ठ वासुदेव आदि 23 भवों तक का वर्णन किया। भगवान् महावीर के अहिंसा, शांति, संयम, सहिष्णुता, अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों को अपनाकर हम परिवार समाज और राष्ट् में स्वर्ग का निर्माण कर सकते है। साध्वी पावनयशा ने सुमधुर गीतिका का संगान किया। 

 इस अवसर पर आज तप अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ जिसमें साध्वी वृन्द द्वारा सामूहिक गीतिका की प्रस्तुति हुई व संघीय संस्थाओ सभा, युवक परिषद, महिला मण्डल द्वारा तपस्वियों का जैन दुपटा, साहित्य, मंगल भावना यंत्र देकर अभिनंदन किया गया। सभी तपस्वियों की अनुमोदना में अनेकों ने अनुमोदन स्वरूप तपस्या करने का संकल्प स्वीकार किया। सभाध्यक्ष पनालाल कागोत, युवक परिषद अध्यक्ष कमल सुराणा, महिला मण्डल से निर्मला समदडिया ने तपस्वियों के प्रति मंगल कामना व्यक्त की। इस अवसर पर मंजु देवी चोपड़ा ने 7, केवलराज सुराणा 7, दीपक सुराणा 7, अभिषेक सुराणा 7, अशोक सुराणा 7, वीणा देवी सुराणा 7, लवकेश सालेचा 7, शिल्पा सालेचा 7, अंजली तातेड 7 आदि भाई- बहनों ने पंचोले, तेले, बेले आदि तपस्या का प्रत्याख्यान किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मितेश जैन ने किया। 

सामूहिक पारणा बैनर विमोचन – तेरापंथ युवक परिषद द्वारा 20 सितंबर 2023 को सुबह 7 बजे से तेरापंथ भवन जाटाबास में आयोजित संवत्सरी सामूहिक पारणा के बैनर का विमोचन सभाध्यक्ष पनालाल कागोत, परिषद अध्यक्ष कमल सुराणा, अर्थ सहयोगी दिलखुशराज चौधरी, अंकित चौधरी, महेंद्र सुराणा, विनोद सुराणा, नवरतन चौरडिया, अंजू जैन, प्रिया चौधरी ने किया। उपाध्यक्ष श्रेणिक सुराणा ने बताया की बुधवार को संवत्सरी महापर्व का प्रवचन सुबह 08 बजे से प्रारंभ होगा व अष्ट प्रहरी पौषध सुबह 06.15 बजे ग्रहण कराये जायेंगे व सांयकालीन प्रतिक्रमण शाम 06.30 से प्रारंभ होगा। 

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