स्वरांगन ने बहायी शास्त्रीय भक्ति संगीत की सरिता

जोधपुर। राजस्थान विवेकानंद रामकृष्ण भाव प्रचार परिषद एवम् रामकृष्ण सेवाश्रम के संयुक्त तत्वावधान में श्री गौरीशंकर महादेव ब्रह्मबाग के सभागार में आयोजित 74 वे अर्धवार्षिक अधिवेशन में शास्त्रीय एवम् भक्ति संगीत सभा में स्वरांगन के साधकों ने संगीत की रसधारा बहायी। सेवाश्रम के प्रमुख प्रो ओ पी एन कल्ला  ने बताया कि, इस संगोष्ठी के प्रथम सत्र में श्री यज्ञानंद जी महाराज की उपस्थिति में सेवाश्रम और भाव प्रचार परिषद के कार्यों से साधकों को जोड़ा गया। 

दूसरों सत्र में स्वरांगन के डॉ अनूपराज पुरोहित के सान्निध्य में सभी साधकों ने राग यमन में ध्रुवपद, सादरा, स्वरमालिका, से प्रारंभ किया। तत्पश्चात् मीरा, सूर, कबीर, नामक, तुलसी आदी संतों की अनुभव वाणी को गाकर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वरांगन संगीत संस्थान पिछले पॉंच वर्षों से शास्त्रीय संगीत और भक्ति संगीत के क्षेत्र में हर घर संगीत के माध्यम से सूर्यनगरी में पुनः सांगीतिक वातावरण बनाने हेतु अग्रसर है। इस हेतु डॉ अनूपराज और स्वरांगन के सभी साधकों को स्वामी जी खूब आशीर्वाद दिया। तबले पर  शुभम् ने संगत की और मंच संचालन जोधपुर परिषद के युवा प्रमुख डॉ अमित व्यास ने किया। कार्यक्रम के अंत में विनय कल्ला  सभी का हार्दिक आभार जताते हुए कहा कि सेवाश्रम भविष्य में ही निरंतर इस प्रकार के कार्यों को आयोजित करवाता रहेगा।

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