मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय बैठक का आयोजन
जिले में शत-प्रतिशत टीकाकृत बच्चों व गर्भवती महिलाओं के कवरेज हेड काउंट करें सुनिश्चित- डॉ प्रीतमोहिंदर
बाड़मेर। मिशन इंद्रधनुष के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्वास्थ्य भवन में बुधवार को आयोजित कर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों व कार्मिकों की बैठक के दौरान सीएमएचओ डॉ गजराज ने मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम की समीक्षा कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में समन्वय स्थापित कर बेहतर लक्ष्य अर्जित करने के लिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये । इस दौरान उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में आने वाली गर्भवती महिलाओं की 4 एएनसी चैकअप की सुनिश्चिता कर जिले में शत -प्रतिशत टीकाकृत बच्चों व गर्भवती महिलाओं के कवरेज का इन्द्राज यूविन सॉफ्टवेयर में करने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये। बैठक के दौरान आरसीएचओ डॉ प्रीतमोहिंदर, डब्लूएचओ के एसएमओ डॉ पंकज, यूएनडीपी से पंकज भट सहित अन्य अनुभाग अधिकारी, समस्त बीसीएमओ, बीपीएम, बीएनओ सहित चिकित्सा अधिकारियों व जिला स्तर से विभिन्न अनुभागों के अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक के दौरान सीएमएचचो ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर लक्ष्य अर्जित करने के लिए एएनएम व आशाओं की जानकारी को अपडेट करने की आवश्यकता है और यह तभी संभव होगा जब अधिकारी स्वयं की जानकारी को अपडेट रखेगा। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को आईएमआई 5.0 के तहत घर घर जाकर सर्वे प्रपत्र आशाओं के माध्यम से भरवाने एक से दो वर्ष व दो से पांच वर्ष तक के टीकाकरण से वंचित बच्चों को प्लान तैयार कर छूटी हुई मीजल्स रूबैला वैक्सीन लगाने के साथ हीं टीकाकरण में आ रहे गेप को सही करने के निर्देश दिये।
बैठक के दौरान आरसीएचओ ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में जिले की प्रगति से अवगत कराकर यू-विन सॉफ्टवेयर की जानकारी देते हुए कहा कि यूविन सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश के लाभार्थी गर्भवती महिला व बच्चों को देश में कही भी टीके लगवाए जा सकेगें। उन्होंने बताया कि यूविन पोर्टल के जरिए अब जच्चा बच्चा के लिए लगने वाले टीकाकरण कार्ड को संभालकर रखने की आवश्यता नहीं है। टीकाकरण कहां, कब लगा और आगे कब लगना है, कि तमाम जानकारी खुद के मोबाईल पर भी उपलब्ध रहेगी तथा लगाए गए टीके का ऑनलाइन प्रमाण पत्रा भी निकाल सकेगा।
डब्लूएचओ से डॉ पंकज ने कहा की अगस्त माह से मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत होगी, इसे सफल बनाने के लिए हर गाँव एवं ढाणी में हेड काउंट कर सभी गर्भवती महिलाओ एवं बच्चो की जानकारी जुटाए, तीन माह तक अतिरिक्त सत्र लगाकर सभी छूटे हुए लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा।