ग्रामीणों एवं पुलिसकर्मियों को दी योजनाओं एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी

विधिक सेवा प्राधिकरण जिला सचिव ने बावड़ी पुलिस चौकी में किया संवाद

जोधपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला की सचिव पूर्णिमा गौड ने खेड़ापा थाना न्यायक्षेत्र में पुलिस चौकी बावड़ी में खेड़ापा थानाधिकारी नेमाराम के साथ नालसा द्वारा जारी तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण से पीड़ित के लिए योजना, जनजातीय लोगों के अधिकारों का संरक्षण और प्रवर्तन, आपदा से पीड़ित परिवार को लाभान्वित की योजना तथा रालसा की राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजनाओं के बारे में आम ग्रामीणजनों एव पुलिस कर्मचारियों को जानकारी दी।
सचिव श्रीमती गौड़ ने बताया कि राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत अपराध से पीड़ित पक्ष के पुनर्वास एवं प्रतिकर की महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें सरकारी कोष से विभिन्न अपराधों के पीड़ितों को देय प्रतिकर राशि दिलाने के प्रावधान किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि अपराध से पीड़ित या उसके आश्रित, जिनको पुनर्वास की आवश्यकता है एवं अपराध से उनके परिवार की आय को हानि पहुंची है, जिससे आर्थिक सहायता के बिना उनका गुजारा कठिन हो गया है या उन्होंने अपनी आय से अधिक इलाज पर खर्च कर दिया है और जिन्हें किसी अन्य स्कीम में प्रतिकर नहीं मिला है तथा अभियोजन पक्ष का समर्थन किया है, ऐसे लोग उक्त योजना में पात्र माने जाते हैं।
सचिव गौड़ ने यह भी बताया कि किस तरह से अंतरिम प्रतिकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा थानाधिकारी या मजिस्ट्रेट के प्रमाण-पत्र पर पीड़ित पक्ष को आवश्यक चिकित्सा खर्च तथा अन्य अंतरिम राहत के रूप में अंतरिम प्रतिकर दिया जाता है। यह प्रमाण-पत्र थानाधिकारी या मजिस्ट्रेट को बिना आवेदन के अपने आप जारी करने होते हैं, फिर भी यदि प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो तो पीड़ित पक्ष इनके लिए आवेदन कर सकता है तथा अंतिम प्रतिकर -विचारण न्यायालय द्वारा आपराधिक प्रकरण के निर्णय के समय अभियुक्त के दोषसिद्ध होने पर या दोषमुक्त अथवा उन्मोचित होने पर समुचित मामलों में पीड़ित पक्ष को प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अनुशंषा प्रेषित की जाती है।
उन्होंने बताया कि इसके लिये पीड़ित पक्ष के आवेदन की आवश्यकता नहीं है, फिर भी यदि ऐसी अनुशंषा नहीं की जाती है तो पीड़ित पक्ष इसके लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन कर सकता है। इसके अलावा यदि अपराधी का पता नहीं लगने या फरार हो जाने पर पीड़ित पक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में अपराध से एक वर्ष में प्रतिकर हेतु आवेदन कर सकता है।

सचिव पूर्णिमा गौड़ ने स्थायी लोक अदालत, विधिक सहायता तथा आगामी प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी सभी को जानकारी दी गई।
इस अवसर पर खेड़ापा बावड़ी चौकी हेड कांस्टेबल भगाराम, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश, मुकेश तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे। शिविर के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला की ओर से महेंद्र राजपुरोहित ने आभार व्यक्त किया।

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