अंकित मिश्रा ने संभाली राउंड टेबल इंडिया राजस्थान की कमान
जोधपुर। कोरोनाकाल में समाज के लिए अनेक सेवा कार्य कर आमजन को लाभान्वित करने वाले राउंड टेबल इंडिया राजस्थान की जिम्मेदारी अंकित मिश्रा ने संभाल ली है। उन्होंने जयपुर के विजय जौहर से अपना कार्यभार ग्रहण किया।
मिश्रा ने राजस्थान में राउंड टेबल ऑफ इंडिया (आरटीआई) को एक उत्कृष्ट संगठन बताते हुए कहा कि लॉकडाउन के बावजूद भी राउंड टेबल ऑफ इंडिया का कार्य रूका नहीं। सेवा के जज्बे के चलते अकेले राउंड टेबल इंडिया द्वारा विभिन्न सरकारी स्कूलों में 100 नए कक्षा कक्षों का निर्माण कराया गया। साथ ही जोधपुर और बीकानेर के सरकारी अस्पतालों में कोविड महामारी के दौरान वार्डों को रिनोवेशन कराने के साथ आधुनिक सुविधाओं से सुज्जित किया गया। यहीं नहीं पहले और दूसरे लॉकडाउन के दौरान हजारों लोगों में भोजन के पैकेट व राशन के किट का वितरण कर लाभान्वित किया। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक सेंटर में कुल 30 लाख मूल्य की राशन सामग्री व भोजन के पैकेट का वितरण किया गया। यह सब केवल एक टीम भावना से ही संभव था।
मिश्रा ने बताया कि राजस्थान में राउंड टेबल ऑफ इंडिया की कुल 18 टेबल और 300 सक्रिय सदस्य है। पूरे भारत में 314 सक्रिय टेबल और 3500 सक्रिय सदस्य हैं, जो बहुत कम उम्र के वंचित बच्चों की भलाई के लिए काम करते हैं। आरटीआई जरूरतमंद सरकारी स्कूलों को बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। इसके तहत गत 12 वर्षों में 80 लाख छात्रों को लाभान्वित किया जा चुका है। राजस्थान में अब तक 500 से अधिक कक्षाओं का निर्माण किया है, जिससे हर साल 22 हजार 500 छात्र लाभान्वित होते हैं। राउंड टेबल का अगला कदम हील है। इसके माध्यम से सरकारी अस्पतालों को अपडेट किया जा रहा है। महामारी के इस कठिन समय के दौरान उन्हें और अधिक सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। राजस्थान में पीबीएम अस्पताल, बीकानेर और उम्मेद अस्पताल, जोधपुर के आईसीयू वार्डों को निजी और व्यक्तिगत भामाशाओं के सहयोग से अपडेट किया गया है।
मिश्रा ने कहा कि बच्चों को सीखने और बढऩे के लिए सुविधाओं को अपडेट करने के साथ ही समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे है। उसी तरह स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को अपडेट करना होगा, ताकि कोविड और अन्य बीमारियों की चुनौती का बेहतर ढंग से सामना किया जा सके। पिछले एक साल से स्कूल बंद है, कमी हमेशा से रही है इसलिए स्कूलों को बेहतर ढंग से समायोजित करने और छात्रों को शिक्षित करने के लिए भी काम किया जा रहा था। आज वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रवेश तो मिल रहा है लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पडे, इसके लिए राउंड टेबल केवल कक्षाएं ही नहीं बनाता, वरन फर्नीचर से लेकर शौचालय, खेल की सुविधा से लेकर वृक्षारोपण, ड्रिप सिंचाई से लेकर वर्षा जल संचयन तक स्कूल की सभी मुलभूत सविधाएं व बुनियादी ढांचा मजबूत करने पर कार्य कर रहा है। राउंड टेबल द्वारा बनाए सरकारी स्कूल आज किसी भी निजी स्कूल से कम नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि आरटीआई की विशेषता है कि वह युवाओं को सामाजिक कारणों से जोड़ता है और वे आमजन से जुडकर उन समस्याओं का समाधान ढूंढते है, जिनका सामना आज दुनिया कर रही है। उन्होंने निवर्तमान बोर्ड को बधाई दी और शिक्षा और चिकित्सा के बुनियादी ढांचे की बेहतरी के लिए आमजन से आगे आने व राउंड टेबल का सहयोग व समर्थन करने की अपील की। उन्होने कहा कि जितना सहयोग मिलेगा, उससे दुगनी राशि का कार्य राउंड टेबल द्वारा किया जाएगा।