विश्व बाल श्रम निषेध दिवस की संध्या पर शिविर कार्यक्रम आयोजित हुआ

सिरोही। जिला प्रशासन सिरोही, श्रम विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति एवं नगर परिषद के संयुक्त तत्वाधान में को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस की संध्या पर सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड सिरोही परिसर में शिविर आयोजित कर कार्यक्रम किया गया।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर गितेश श्रीमालवीय ने इन बच्चों को बाल श्रम व भिक्षावृति से मुक्त कर शिक्षा से जोडने के दिशा निर्देश शिक्षा विभाग व संबंधित अधिकारियों को दिये। साथ ही जिले को बाल श्रम से मुक्त करने के लिये सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सिरोही जिले को बाल श्रम से मुक्त करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
        उपखण्ड अधिकारी हंसमुख कुमार ने भी बाल श्रम समाज में किस प्रकार अभिशाप है जबकि पुलिस उपाधीक्षक मदनसिंह ने बाल श्रम से सम्बंधित कानूनों की जानकारी दी एवं बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रतन बाफना ने बाल श्रम मुक्त करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला । वहीं श्रम विभाग से उपस्थित श्रम कल्याण अधिकारी डूंगराराम ने बाल श्रम मे लिप्त बालकों हेतु जनकल्याणकारी योजना एवं बाल अधिकारों से रूबरू करवाया।
        मंच का संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने किया और उन्होंने बच्चों के अधिकारों व बाल अधिकारों के नियमों के बारे में जानकारी दी गई।
       इस अवसर पर जिला शिक्षाधिकारी गंगा कलावत, नगर परिषद के आयुक्त महेन्द्र चैधरी, पुलिस मानव तस्करी यूनिट के अधिकारीगण एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य प्रकाश माली, श्रीमती शशिकला मरडिया, प्रताप सिंह नून एवं अन्य जनों ने भाग लिया।  
         बाल श्रम/भिक्षावृति/कचरा बिनने वाले 60 बच्चों तथा उनके अभिभावकों ने शिविर में भाग लिया। इस अवसर ब्लाॅक चिकित्साधिकारी विवेक कुमार के नेतृत्व में चिकित्सक टीम द्वारा इन बच्चों को मास्क तथा सेनिटाइजर वितरण किया गया एवं स्वास्थ्य परीक्षण कर शिविर स्थल पर ही दवाईयां उपलब्ध कराई गई।
इस मौके पर शिक्षा विभाग के विपिन डाबी, अमृत माली आदि उपस्थित रहे उन्हें शिक्षा विभाग की ओर से आमजन को निवेदन किया गया कि कोई व्यक्ति जो इन बच्चों को निःशुल्क पढाना चाहे वे अपना आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी, सिरोही को प्रस्तुत करे तथा अन्य अधिकारियों द्वारा अन्य विभागेंा द्वारा बाल श्रम निषेध करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दियंे गये। साथ ही सभी जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग, बाल कल्याण विभाग, चिकित्सा विभाग, नगर परिषद व अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने सिरोही जिले को बाल श्रम से मुक्त करने की प्रतिज्ञा ली गई।

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