घर-घर औषधि योजना के अर्न्तगत किया जाएगा पौधों का वितरण

जैसलमेर। मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2021-22 में राज्यभर में वन महोत्सव की थीम “घर-घर औषधि योजना” रखी गई है। इसके तहत वन विभाग द्वारा औषधीय पौधे नर्सरियों में बहुतायत सख्या में तैयार किए गए है।

पौधशालाओं में तैयार हो रहे है औषधीय पौधे

उप वन संरक्षक इ.गा.न.प स्टेज-।। नरपत सिंह चारण ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों की पालना में वन विभाग द्वारा इस वर्ष औषधीय पौधशालाएं तैयार की जाकर इन पौधों को वितरण की कार्यवाही की जाएगी। इसके अन्तर्गत औषधीय पौधों के रूप में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ पौधे तैयार किए गए है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण में लोगों की जीवन शैली में काफी बदलाव हुआ है। संक्रमण से बचाव को लेकर आम नागरिक अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए प्रकृति एवं आयुर्वेदिक दवाईयों का प्रयोग करने के प्रति ज्यादा जोर दे रहें है। इस प्रवृति को बढ़ावा देने के लिए घर-घर औषधि पोधों की पौधशालाएं विकसित कर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ पौधे नर्सरी से उपलब्ध करवाए जाएंगे।

वन विभाग करेगा पौधों का घर-घर वितरण

उप वन संरक्षक चारण ने बताया कि जैसलमेर जिले को वर्ष 2021-22 में 1 लाख 16 हजार 531 परिवारों के लिए तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के 5 लाख 12 हजार 736 पौधे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग को 45 हजार 455 परिवारों के लिए 2 लाख पौधों का लक्ष्य आवंटित किया गया है।

इन पौधशालाओं में तैयार हो रहे हैं पौधे

उन्होंने बताया कि उप वन संरक्षक इन्द्रिरा गांधी नहर परियोजना स्टेज द्वितीय जैलसमेर के अधीन 1365 आरडी आईजीएनपी, 1438 आरडी आईजीएनपी, 1458 आरडी आईजीएनपी, 54 आरडी एसबीएस, 192 आरडी एसबीएस, 1251 आरडी आईजीएनपी, 8 आरडी एमकेडी, पीएलसी-2, 155 आरडी सीडब्ल्युबी, 58 आरडी एसएमजी, 245 आरडी एसएमजी, 80 आरडी जीएसबी, 193 आरडी जीएसबी पौधशालाओं में औषधीय पौधे तैयार करवाये जा रहे है। औषधीय पौधों का वितरण इसी वर्ष जुलाई 2021 में वन महोत्सव से शुरू होगा।

लोगों को औषधीय पौधों के प्रति रूझान बढ़ाना है इस योजना का मुख्य उद्देश्य

उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार को चार प्रकार की औषधीय प्रजाति तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के दो-दो पोधे अर्थात कुल आठ पौधे थेलियों में इस वर्ष सहित कुल पांच वर्षो में तीन बार वन विभाग की पौधशालाओं से निःशुल्क उपलब्ध करवाये जाएगे। उन्होंने बताया कि वनो में उपलब्ध औषधीयों को आयुर्वेद तथा स्थानीय परम्परागत ज्ञान के माध्यम से जिले के निवासियों में स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए इस योजना को लागु किया गया है एवं इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को औषधीय जीवनशैली के प्रति रूझान पैदा करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में जिले में वन महोत्सव की थीम “घर-घर औषधि योजना” रहेगी। जिला स्तर पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा पौध वितरण का प्रबोधन किया जाएगा तथा इसके लिए विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाएगा।

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