मुख्यमंत्री ने ली गांधीवादी स्वयंसेवी संस्थाओं की वर्चुअल संगोष्ठी
जोधपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वी जंयती वर्ष एवं स्वतंत्रता दिवस की 75वी वर्षगांठ के उपलक्ष में दांडी मार्च के समापन दिवस पर गांधीवादी व स्वयंसेवी संस्थाओं का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नेत्रहीन विकास संस्थान जोधपुर द्वारा गांधी के भजन की प्रस्तुति दी गई। संगोष्ठी में हनुमानगढ जिले के जिला मुख्यालय में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया गया। कार्यक्रम में राजीव गांधी सेवा केन्द्र जोधपुर से एडीएम सिटी द्वितीय सत्यवीर, उपनिदेशक समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अनिल व्यास, गांधी दर्शन समिति के संयोजन डॉ अजय त्रिवेदी, गांधी शांति प्रतिष्ठान सचिव शरद जैन, मीरा संस्थान से आशा बोथरा सहित गांधीवादी विचारकों, संस्थाओं के प्रतिनिधियों आदि ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन मूल्य पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक हैं। उनका जीवन सिद्धांतों का ऐसा खजाना है जो हर क्षेत्र में हमारा मार्गदर्शन कर सकता है। उनके विचार आज की परिस्थितियों में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए गवर्नेंस और सामाजिक कार्यों में भूमिका निभाने के उद्देश्य से प्रदेश में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज की स्थापना की जाएगी। युवा पीढ़ी को गांधीजी के जीवन मूल्यों, सिद्धांतों और आदर्शों को अपनाकर समाज और देशहित में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश में युवा शांति सेना बनाने जैसे नवाचार किए जा सकते हैं ताकि अधिक से अधिक युवाओं को गांधीजी के जीवन दर्शन से जोड़ा जा सके। हमारा प्रयास है कि राजस्थान बापू के विचारों और जीवन दर्शन को आगे बढ़ाने की दिशा में देश का केन्द्र-बिंदु बने। गहलोत ने कहा कि गांधीजी के जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में शांति और अहिंसा प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अब इसे शांति एवं अहिंसा निदेशालय बनाया जा रहा है। जल्द ही राज्य में सर्वोदय विचार परीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा। जयपुर के सेंट्रल पार्क में महात्मा गांधी संस्थान और महात्मा गांधी दर्शन म्यूजियम बनाया जाएगा।