एक्सपोर्टर्स की समस्याओं पर किया मंथन
जोधपुर। कॉनकोर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कमल जैन का जोधपुर पहुंचने पर उद्यमियों द्वारा स्वागत किया गया।
उद्यमी आइसीडी कॉनकोर कंटेनर डिपो में एक कंटेनर के लोड होने में लगने वाले समय के कारण परेशान थे। जैन ने जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट फेडरेशन के निर्मल भंडारी, नरेश बोथरा, प्रियेश भंडारी, नरेन्द्र जैन, राजेन्द्र बंसल, जेपी जैन, ललित जौहरी और जेएचइए के अध्यक्ष भरत दिनेश, राजेन्द्र मेहता व मनीष झंवर से मुलाकात की। कई मद्दों पर बातचीत हुई और स्थान अभाव के कारण कंटेनर लोडिंग में दिक्कत पर भी मंथन हुआ। कॉनकोर जोधपुर के टैक्नीकल हैड प्रेम प्रकाश और सीनियर माकेटिंग एग्जीक्यूटिव आशीष तिवाड़ी भी मौजूद थे।
दरअसल आइसीडी कोरकॉर कंटनेर डिपो में एक कंटेनर को लोड करने में 8 घंटे से लेकर 24 घंटे तक का समय लग रहा है। इससे एक्सपोटर्स परेशान तो है ही, साथ ही पैनल्टी भी चुकाने को मजबूर हो रहे हैं। यह परेशानी पिछले तीन-चार माह में सामने आई है। जेएचईएफ के संरक्षक निर्मल भंडारी व अध्यक्ष नरेश बोथरा ने बताया कि कोनकॉर आईसीडी के स्थानीय व मून्दडा पोर्ट में कंटेनरों के लोडिंग में बहुत समय लग रहा है। पहले एक कंटेनर एक से दो घंटे में लोड हो जाता था, वही अब कंटेनर के लोडिंग में सात से आठ घंटे तक का समय लग रहा है। कई बार तो यह समय एक से दो दिन तक लग जाता है। जिसके चलते एक्सपोटर्स को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अनेक बार तो कंटनेर मिसप्लैस हो जाता है, जिससे विदेश जाने वाले कंटेनर देरी से पहुंच पाते है। इससे एक्सपोटर्स के साथ-साथ ट्रांसपोटर्स व सीएचए को भी शारिरिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड रहा है। कोनकॉर आईसीडी में उपकरणों व सुविधा की कमी है। जिसका खामियाजा उद्यमियों को उठाना पड़ रहा है।
इस समस्या का जल्द समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि एक्सपोटर्स की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्थान मुहैया कराया जाएगा। साथ ही कॉनकोर के समक्ष उपलब्ध स्थान को इस सुविधा के लिए लिया जाएगा, जो वर्तमान में रेलवे यार्ड स्पेस के तौर में उपयोग में लिया जा रहा है। यदि रेलवे यह जमीन कॉनकोर को दे दे तो इस समस्या का स्थायी निदान हो जाएगा। गौरतलब है कि तकरीबन दो हजार से अधिक खाली कंटेनर कॉनकोर में है। जिसके चलते जगह कम होने के कारण क्रेन व अन्य उपकरणों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।