सैंशन न्यायालय का अहम फैसला, हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
सिरोही(जयन्तिलाल दाणा)। वर्ष 2016 में कालंद्री थाने में मुकदमा परिवादी ने गत 29 सितंबर 2016 को रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में खासाराम निवासी मोहब्बत नगर के साथ भरत कुमार व भरत कुमार के पिता भूराराम व भूराराम की पत्नी हंजादेवी ने मारपीट की है। केसाराम के दौडकर मौके पर जाने पर खासाराम घर के बाहर रोड पर पडा था तथा खासाराम की पत्नी पोसी के खून आ रहा था। खासाराम एवं पोसीदेवी को अभियुक्तों ने मारपीट कर गंभीर चोटे पहुंचाई है। दौराने इलाज खासाराम की मृत्यु हो गई, जिस पर प्रकरण दर्ज कर अभियुक्त भरत कुमार, भूराराम एवं हंजादेवी के विरुद्ध धारा 341, 323, 325, 302/34 भारतीय दंड संहिता में आरोप पत्र न्यायालय में पेश हुआ। बाद विचारण अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक दिनेश राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत गवाहान एवं दस्तावेज के आधार पर सेशन न्यायालय ने आरोपी भरत कुमार पुत्र भूराराम निवासी मोहब्बत नगर को आरोप अंतर्गत धारा 302 भारतीय दंड संहिता में आजीवन कारावास एवं दस हजार रुपए का अर्थदंड एवं आरोपी अंतर्गत धारा 325 भारतीय दंड संहिता में दो वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपए का अर्थदंड तथा अभियुक्त हंजादेवी पत्नी भूराराम निवासी मोहब्बत नगर को आरोप अंतर्गत धारा 325/34, 323, 341 भारतीय दंड संहिता में दोष सिद्ध करार दिया जाकर अभियुक्त को दो वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपए के अर्थदंड से तथा धारा 323 भारतीय दंड संहिता में अभियुक्त को छह माह की साधारण कारावास व एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी लोक अभियोजक दिनेश कुमार राजपुरोहित ने की।