आर्थिक असमानता सरकारों की पूंजीपरस्त नीतियों का परिणाम
- जोधपुर फल सब्जी मण्डी व्यापारी एवं विक्रेता यूनियन सीटू का 12वां सम्मेलन सम्पन्न, परिहार अध्यक्ष एवं चौहान सचिव निर्वाचित
जोधपुर। जोधपुर फल सब्जी मण्डी व्यापारी व विक्रेता यूनियन (सीटू) का 12वां सम्मेलन आर्य समाज सभागार महामन्दिर में सम्पन्न हुआ।
सम्मेलन की शुरुआत झण्डारोहण करते हुए अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह परिहार ने की। मजदूर आंदोलन के साथ किसान आंदोलन एवं देश की सरहदों की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया। सम्मेलन के दौरान आम सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव मुकेश सक्सेना ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार मजदूर विरोधी नीतियों को पूंजिपतियों के आर्थिक फायदे के लिए लागू कर रही है। श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। मजदूरों को एकता कायम कर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करना चाहिए।
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन जिला कमेटी के सदस्य एडवोकेट किशन मेघवाल ने कहा कि देश के निर्माण में मजदूरों एवं किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के लाखों किसान केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए काले कानूनों के खिलाफ पिछले 74 दिनों से सडक़ों पर है। भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य कमेटी सदस्य एडवोकेट महिपाल सिंह ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगतसिंह समेत अनेक क्रांतिकारी ऐसे देश की आजादी के लिए कुर्बान नहीं हुए जहां आजादी के 72 साल बाद मजदूर व किसान को सडक़ों पर उतरना पड़े। मजदूरों को चाहिए कि वे अपनी राजनीतिक चेतना का विकास करते हुए सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संगठन व आंदोलन को मजबूत करे। सीटू के जिला संयुक्त सचिव जयराम खांगटा ने कहा कि देश का मेहनतकश रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है और दूसरी तरफ पूंजिपतियों के संपत्ति बढ़ती जा रही है। समाज में आर्थिक असमानता सरकारों की पूंजीपरस्त नीतियों का परिणाम है। सम्मेलन में सचिव भवानी सिंह राठौड़ ने यूनियन की साल भर की गतिविधियों की रिपोर्ट रखी। सभी प्रतिनिधियों ने सर्वसहमति से वार्षिक रिपोर्ट को पारित किया।
सम्मेलन के अंत में नई कार्यकारिणी का चुनाव किया गया जिसमें सर्व सम्मति से नरेन्द्रसिंह परिहार को अध्यक्ष, उदाराम तंवर, किशन गहलोत, राकेश सांखला को उपाध्यक्ष, रविन्द्र चौहान को जिला सचिव, डूंगरराम चौधरी संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष भतुराम परिहार, कार्यकारिणी सदस्य पप्पूराम सांखला, पन्नालाल चौधरी, मदनलाल गहलोत,भूराराम प्रजापत, ढलाराम देवड़ा, कमल देवडा, विजयसिंह, अरूण देवड़ा, मांगीलाल शर्मा,श्रवण परिहार, हेमन्त कुमार को चुना गया। मंच संचालन धनराज सांखला ने किया।
सम्मेलन में मण्डी शिफ्टिंग व छोटे व्यापारियों को जगह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, सम्मेलन में किसान आन्दोलन का भी समर्थन किया गया। सम्मेलन के माध्यम से प्रशासन, राज्य सरकार द्वारा मनोनीत सदस्य रसीद अली सामरिया का यूनियन द्वारा साफा व माला पहनाकर स्वागत किया गया। मण्डी समस्या के बारे में विभिन्न प्रस्ताव पास किए गए।