बेजुबानों की सेवा का पर्याय है पुखराज पी शाह
- सामाजिक सेवा एवं पशु सेवा कार्य में जगाई अलख
- हजारों प्राणियों को मिला जीवनदान
सिरोही। जिला मुख्यालय पर संचालित पीपुल फॉर एनिमल्स संस्थान के कर्मठ, निष्ठावान, भामाशाहा व दानदाता के रूप में जाने पहचाने एवं सरल स्वभाव ओर सेवाभावी पुखराज पी शाह रात दिन बेजुबान पशु पक्षियों की सेवा करने के साथ सामाजिक सेवा व पशु सेवा कार्य में अपनी अलख जगा रहे है। हजारों प्राणियों को जीवनदान देने वाले बरलूट निवासी पुखराज पी शाह पिछले करीब 22 वर्षों से पशु पक्षियों की सार संभाल करने के साथ दानदाताओं को प्रेरित कर ग्राम बरलूट में जनसेवा के लिए चिकित्सालय खुलवाए, राजकीय माध्यमिक विद्यालय के संसाधन जोड़ने में सहयोग दिलवाना, ग्रीष्मकाल अवधि तक निराश्रित पशुओं के लिए हरा चारा का प्रबंधन करवाना, सिरोही जिले के वन क्षेत्रों में वन्य प्राणियों के लिए टेंकरों से नियमित पेयजल की व्यवस्था कराना, विद्यार्थियों में जीवरक्षा की भावना से जोड़ने के लिए करूणा क्लब की स्थापना करवाना एवं पशु सेवा संस्थान पीएफए के संचालन हेतु दानदाताओं व जैन साधु साध्वीयों को प्रेरित करवाना, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के तहत एक पौधा बेटी के नाम में सहभागिता निभाना इत्यादि सेवार्थ कार्यों में निस्वार्थभाव से तन, मन व धन से सेवा देने में हमैशा तत्पर रहे, जिसके फलस्वरुप जिला प्रशासन, राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित किया गया।
हजारों पशु पक्षियों के लिए बने पालनहार
पुखराज पी. शाह अपने जिले में समय समय पर अभावग्रस्त गांवों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन दानदाताओं को प्रेरित करके करवा रहे है। इनकी सहभागिता से जिले भर में अब तक 214 शिविर के माध्यम से करीबन 2 लाख से अधिक पशुओं का उपचार करवाकर लाभान्वित किया है। इस सेवार्थ कार्य के लिए शाह का परिवार, रिश्तेदार एवं मित्रगण समय समय पर योगदान दे रहे है।
शाह की धर्मपत्नी भी रही मददगार
सामाजिक सेवा एवं पशु सेवार्थ कार्य के लिए शाह के धर्मपत्नी स्व. कांता बहन ने निरंतर हाथ से हाथ मिलाकर मददगार एवं प्रेरणा की स्त्रोत बनी। मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी में कई पक्षी घायल हो जाते है। इन्हें बचाने के लिए शाह ने पिछले 8 वर्ष से सिरोही जिले में हेल्प लाइन के माध्यम से सहभागिता निभाने के लिए विद्यार्थियों को समय समय पर पारितोषित करने के साथ प्राथमिक उपचार का कीट उपलब्ध करवा रहे है, जिसके फलस्वरुप कई पक्षियों को जीवनदान दिया।
शाह की प्रेरणा से मित्रगण आए आगे
शाह के मित्रगण एवं भामाशाह को प्रेरित कर वन्य क्षेत्रों में वन्य प्राणियों के लिए पानी के होद निर्माण करवाने के साथ पेयजल के नियमित टेंकरों की व्यवस्था करवाई जा रही है, जिससे बेजुबान वन्य प्राणी पानी की प्यास बुझाने के लिए वन क्षेत्रों में विचरण कर सकते है। पक्षियों के लिए हजारों की संख्या में पेयजल हेतु परिंदे व घौंसले लगवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।