एड्स के साथ जी रहे लोगों को बेहतर सेवा देने के मामले में सिरोही एआरटी सेंटर प्रदेश में प्रथम
सिरोही। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एड्स के साथ जी रहे लोगों को दी जाने वाली चिकित्सा सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल में स्थापित एआरटी सेंटर बेहतर सेवा के देने के मामले में पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर रहा है।
चिकित्सा सेवाओं के मूल्यांकन के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी स्कोर कार्ड से यह बात सामने आई है। देश के 600 एआरटी सेंटर्स में सिरोही का 29 नंबर रहा है। एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष मेडिसिन डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पीएलएचआईवी मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल सिरोही में एंटी रिट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर 2015 से कार्यरत है।
वर्ष 2019-20 में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) भारत सरकार नई दिल्ली की ओर से एड्स मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा सेवाओं के मूल्यांकन के लिए स्कोर कार्ड जारी किया है, जिसके आधार पर एआरटी सेंटर सिरोही को राज्य स्तर पर प्रथम एवं राष्ट्रीय स्तर पर 29वां स्थान प्राप्त किया है।
नोडल अधिकारी डॉ. चौहान ने इसका श्रेय एआरटी की पूरी टीम को दिया और देश में पहला नंबर लाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने पीएमओ को एआरटी सेंटर को पूरा सहयोग देने पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की अपेक्षा जताई है।
कोरोनाकाल में स्टाफ ने टीम भावना से किया काम, इसी से रहे अव्वल
संस्थान पर कार्यरत परार्मशदाता देशबंधु शर्मा ने बताया कि जब पूरा देश कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त था उस वातावरण में भी स्टाफ नेे एकजूट होकर टीम की भावना से निडर होकर गुणवत्तापूर्वक कार्य किया।
कोरोना के प्रति जागरूकता एवं नियमित एआरटी की दवाईयों के साथ संतुलित आहार एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों की पालन करने पर भी काम किया। यह उपलब्धि दिलाने में एआरटी सेंटर की पूरी टीम, जिसमें डाटा मैनेजर लक्ष्मण कुमार सुथार, फार्मासिस्ट योगेंद्र पाल सिंह, लैब टेक्निशियन ओम प्रकाश पालीवाल, नर्सिंग स्टाफ रामपाल सिंह एवं केयर कोर्डिनेटर रमेश गेहलोत एवं सीएससी पाली के ओआरडब्ल्यू सुरेंद्र सिंदल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।