औद्योगिक इकाईयों तक पानी को पाईपलाइन के माध्यम से पहुंचाने की योजना तैयार की जाए
सेवा भारती समाचार
पाली। जिला कलक्टर अंश दीप ने कहा कि एसटीपी द्वारा उपचारित पानी को औद्योगिक इकाईयों तक पाईपलाइन के माध्यम से पहुंचाने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। जिला कलक्टर ने सोमवार को जिला कलक्टर सभागार में एनजीटी के निर्देशों की पालना के संबंध में आयोजित बैठक में नगर परिषद को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपाचारित पानी को उद्योगों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के संबंध में एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि औद्योगिक इकाईयों को वर्तमान से टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लान में वर्तमान में 5 एमएलडी पानी उपचारित किया जा रहा है जो भविष्य में 10 एमएलडी तक जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ज्यादा मात्रा में पानी उपचारित होने की संभावनाओं के मध्यनजर फैक्ट्रियों में इस पानी के उपयोग को बढ़ाने के लिए पाईपलाइन डालने की कार्ययोजना पर विचार कर रिपोर्ट पेश करें। उन्होंने सीईटीपी के चैयरमैन को मंडिया एवं पुनायता क्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों से उपचारित पानी की मांग प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने रिको के क्षेत्रीय प्रबंधक को ट्रीटमेंट प्लांट सात औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित जमीन की कार्यवाही में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र से सीईटीपी तक टेंकरों द्वारा प्रदूषित पानी लाने की व्यवस्था की गई है। जिसकी सूची सीईटीपी द्वारा परिवहन विभाग को सौंपी गई है इन टैकरों की मार्का व नम्बरों के आधार पर चैकिंग की जाकर यह सुनिश्चिता की जाए की अवैध टैकरों द्वारा प्रदूषित पानी बांडी नदी में पानी खाली नही की जाए। उन्होने परिवहन विभाग को निरन्तर टैकरों के निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी से कहा कि इण्डस्ट्रीज एरिया से सीईटीपी तक प्रदूषित पानी पाईप लाईन के जरिए लाने में अधिक व्यय होने एवं वर्तमान व्यवस्था टैंकरों द्वारा पानी परिवहन की व्यवस्था को अनुमोदित करने के लिए पत्र उच्चाधिकारियों को लिखा जाकर मार्ग दर्शन प्राप्त किया जाए। उन्होंने सीईटीपी को प्लांट अपग्रेडेशन के कार्य में समयब़द्ध तरिके से कार्य करने के साथ ही स्काडा, फ्लोमीटर की कार्यवाही कर निर्धारित मानक पर प्रदूषित पानी को उपाचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेशों की पूर्ण पालना करते हुए प्रदूषित पानी को नदी में छोड़ने के साथ संबंधित विभाग इस दिशा में किए कार्यो की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में सीईटीपी के चैयरमैन अनिल गुलेच्छा ने बताया कि प्लांट संख्या 6 में अपग्रेडशन कार्य शुरू कर दिया गया है मार्च 2021 तक कार्य पूर्ण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि 41 औद्योगिक इकाईयों को कसेंट टू आॅपरेट की पालना नहीं करने पर नोटिस दिए गए है जबकि 45 इकाईयों में वर्तमान में कार्य बंद है परन्तु ये इकाईयां नियमानुसार 10 प्रतिशत राशि सीईटीपी में जमा करवाकर सदस्य बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट में निरंतर मानक पर पानी उपचारित करने के कार्य में प्रगति हो रही है। सभी इकाईयों पर पानी का प्राईमरी ट्रीटमेंट भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रिको प्रथम व द्वितीय औधोगिक क्षेत्र से प्रदूषित पानी पाईप लाईन द्वारा सीईटीपी तक लाने में करीब 8 करोड़ की राशि व्यय होगी साथ ही पाईप लाईन भी शहर की आबादी क्षेत्र से निकलेगी। वर्तमान में जीपीएस टेंकरों के माध्यम से पानी परिवहन की व्यवस्था की जा रही हैं। बैठक में उपखण्ड अधिकारी उत्सव कौशल, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रिय प्रबंधक आर.के.बोड़ा, अधीक्षण अभियंता (जलदाय) राजेन्द्र, नगर परिषद आयुक्त आशुतोष आचार्य, रूडिप के अधीक्षण अभियन्ता एम.के.माथुर, परिवहन अधिकारी राजेन्द्र दवे, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक शैय्यद रज्जाक अली, तहसीलदार केसरसिंह, अधिशाषी अभियंता (जल संसाधन) रामनारायण चैधरी, कृषि विभाग के प्रभात रंजन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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