जोधपुर में मारवाड़ महोत्सव-2026 का रंगारंग आगाज, लोक संस्कृति के रंगों से सजी सूर्यनगरी

बीएसएफ का कैमल टैटू शो, मूंछ-साफा प्रतियोगिता, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और सांस्कृतिक संध्या रहेंगे आकर्षण

जोधपुर। राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से मारवाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और जीवंत लोक कलाओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से जोधपुर में दो दिवसीय मारवाड़ महोत्सव-2026 का शनिवार को रंगारंग आगाज हुआ। महोत्सव के तहत शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक प्रतियोगिताओं, हस्तशिल्प प्रदर्शनियों और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के सभी कार्यक्रमों में आमजन एवं पर्यटकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।

मेहरानगढ़ दुर्ग पर सूर्य आराधना से शुरुआत

महोत्सव के प्रथम दिवस 24 अक्टूबर को सुबह 6:15 बजे मेहरानगढ़ दुर्ग पर सूर्य आराधना के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद सुबह 7 बजे दुर्ग से क्लॉक टावर तक हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। सुबह 8 बजे क्लॉक टावर से राजकीय उम्मेद स्टेडियम तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक वेशभूषा और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।

उम्मेद स्टेडियम में पारंपरिक प्रतियोगिताओं की धूम

राजकीय उम्मेद स्टेडियम में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक विभिन्न आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया गया। यहां बीएसएफ का कैमल टैटू शो एवं हथियार प्रदर्शनी के साथ पतंग प्रदर्शन, पतंगबाजी, सैंड आर्ट और लाइव पेंटिंग जैसी गतिविधियां आयोजित हुईं।

महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में मूंछ प्रतियोगिता, साफा बांधने की प्रतियोगिता, मिस मारवाड़, मारवाड़ श्री, रस्साकशी और मटका दौड़ जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन आयोजनों के माध्यम से मारवाड़ की जीवनशैली, लोक अभिरुचियों और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

हस्तशिल्प प्रदर्शनी और सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाओं का संगम

सम्राट अशोक उद्यान में 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 7:30 बजे तक हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें क्षेत्र की पारंपरिक कला एवं शिल्प को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

इसी स्थल पर शाम 7:30 बजे से रात 9:30 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। इसमें इंडियन आइडल फेम पीयूष पंवार सहित विभिन्न लोक कलाकार अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को मारवाड़ की समृद्ध परंपराओं से रूबरू कराया जाएगा।

मारवाड़ महोत्सव स्थानीय लोक कलाकारों, हस्तशिल्पियों और पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन देने के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है। दो दिवसीय यह महोत्सव सूर्यनगरी की ऐतिहासिक पहचान और मारवाड़ की जीवंत संस्कृति को एक साथ प्रस्तुत कर रहा है।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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