गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी पंडित ब्रह्मदत्त पालीवाल जीवन रचित पुस्तक का विमोचन समारोह
जोधपुर। पदम श्री श्याम सुंदर पालीवाल जोधपुर पहुंचे पंडित ब्रह्म दत्त पालीवाल की जीवन रचित पुस्तक का जैसलमेर बाईपास स्थित अंपायर रिसोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में विमोचन किया गया, इस अवसर पर मंचासीन अतिथि रामेश्वर दाधीच पूर्व महापौर, घनश्याम ओझा,राजेंद्र पालीवाल, भंवरलाल पालीवाल के साथ अन्य अतिथियों ने पंडित ब्रह्म दत्त पालीवाल जीवन रचित पुस्तक का विमोचन किया गया।
समारोह में मौजूद मंत्री अखिल भारतीय पालीवाल ब्राह्मण संघ के भंवरलाल पालीवाल ने बताया कि पद्म श्री आदरणीय नानाजी पंडित ब्रह्म तत्व पालीवाल शिक्षा के प्रति समर्पित थे उन्होंने उसे समय प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नति करवा कर लवा गांव के प्रथम सरपंच होने के नाते अध्यापकों की नियुक्ति व अध्यापकों के साथ स्वयं विद्यालय की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते थे।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि शिक्षा व जागरूकता विषय आज की महति आवश्यकता है, उन्होंने जन जागरण को बल देते हुए कहा कि मनुष्य समाज सेवा परोपकार के कार्य करते हुए अपने को अमर बना सकता है, शिक्षा प्रसार को समर्पित सच्चे गांधीवादी सिद्धांति और समाज सुधारक पंडित ब्रह्म दत्त जीने अपने जीवन में जो कार्य किया वह अविश्वामरणीय है इसको कभी भी बुलाया नहीं जा सकता है, उन्होंने अपना जीवन समाज व देश के लिए समर्पित किया हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने कीमती समय में से समय निकालकर परिवार निर्माण समाज निर्माण व राष्ट्रीय के लिए कार्य करते रहना चाहिए हम सभी में आज पंडित जी की तस्वीर नजर आ रही है।
आज इस अवसर पर उनके परिजनों द्वारा उनके जीवन के मैं किए गए अमिट कार्यों को पुस्तक में संजोये रखने का कार्य उनके पुत्र श्री डॉ वेद प्रकाश जी ने किया हम सभी उनके आभारी हैं आप इसी तरह समाज सुधार को संजोये रखे आपने हमें इस अवसर पर बुलाया मान सम्मान दिया इसके लिए में तहे दिल से आभारी रहूंगा।
अखिल भारतीय पालीवाल ब्राह्मण संघ के मंत्री भवन लाल पालीवाल ने बताया कि पुस्तक के लेखक डॉक्टर वेद प्रकाश जी ने उनके जीवन रचित पुस्तक समाज को समर्पित करते हुए बताया कि पिताजी गरीब निर्बल के मसीहा गांव और किसान के हितेषी शिक्षा के अग्रदूत पंचायती राज के पुरोधा बनकर एक कर्मठ महापुरुष का जीवन जिया था। समारोह में आए विशिष्ट अतिथियों का पुष्प माला,साफा और मोमेंटो प्रदान कर सम्मान भी किया गया।