जोधपुर में हुआ प्रदेश स्तरीय शांति सम्मेलन, उमड़ी युवाओं की भीड़

गांधी के विचारों को करें आत्मसात: शर्मा

जोधपुर। शांति एवं अहिंसा विभाग जयपुर के तत्वावधान में प्रदेश स्तरीय शांति सम्मेलन शनिवार को जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में सेवा ग्राम वर्धा की चेयरपर्सन आशा बोथरा व संभागीय आयुक्त श्री भंवरलाल मेहरा की मौजूदगी एवं शांति व अहिंसा विभाग के निदेशक मनीष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसमें जोधपुर सहित प्रदेश भर के विभिन्न जिलों व ब्लॉकों से सैकड़ों युवा कार्यकर्ता एवं गांधीवादी विचारकों ने भाग लिया।

*मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हुआ सम्मेलन*

शांति एवं अहिंसा विभाग के जिला समन्वयक श्री शिवकरण सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन एवं उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शांति एवं अहिंसा विभाग की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के तहत यह शांति सम्मेलन आयोजित किया गया। 

*गांधी के उपदेश एवं विचार पूरी दुनिया में अनुकरणीय*

मुख्य वक्ता शांति एवं अहिंसा विभाग जयपुर के निदेशक श्री मनीष कुमार शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीजी ने अपने जीवन एवं आदर्शों की वजह से न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में एक अमिट छाप छोड़ी है और उनके अहिंसावादी सिद्धांतों एवं विचारों का अनुसरण आज पूरा विश्व कर रहा है।  उन्होंने कहा कि संसार के तमाम देशों ने भी यह स्वीकार किया है कि गांधी मजबूरी का नहीं, बल्कि मजबूती का नाम है। 

*गांधी का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं*

शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने देश में सबसे पहले राजस्थान में शांति व अहिंसा विभाग का गठन कर अनूठी पहल की है और गांधी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाकर मुख्यमंत्री के इस सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी हम सभी तमाम कार्यकर्ताओं की है। 

*गांधी विचार बनाता है महान*

संभागीय आयुक्त श्री बीएल मेहरा ने कहा कि अहिंसा को अपनाने वाला व्यक्ति ही जीवन में महान बनता है और अहिंसा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जिससे संपूर्ण विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।

*गांधी को समझने पूरा जीवन भी है कम*

सेवाग्राम आश्रम वर्धा की चेयरपर्सन आशा बोथरा ने गांधीजी के जीवन, दर्शन, सिद्धांत एवं उनके संदेशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि गांधी को समझने के लिए हमारा पूरा जीवन ही कम पड़ जाता है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग गांधी के अपमान पर तुले हुए हैं और हमें ऐसी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। 

*गांधी जीवन दर्शन अत्यन्त प्रासंगिक*

सम्मेलन को राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रमेश बोराणा, राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती संगीता बेनीवाल, शांति व अहिंसा समिति के श्री अजय त्रिवेदी व जिला परिषद जोधपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अभिषेक सुराणा समेत कई वक्ताओं ने संबोधित कर गांधीजी के जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।  कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पार्षद श्री ओमकार वर्मा ने किया।  कार्यक्रम संयोजक शिवकरण सैनी ने शांति व अहिंसा निदेशालय एवं विभाग के कार्यकलापों के साथ-साथ प्रदेश स्तरीय सम्मेलन की महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

*विशेष सत्रों में गांधी विचारों व सिद्धान्तों पर चर्चा*

इस दौरान दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित प्रदेश स्तरीय शांति व अहिंसा सम्मेलन में प्रदेश के सभी 50 जिलों के संयोजकों एवं सभी ब्लॉकों के कार्यकर्ताओं के साथ शांति-अहिंसा समितियों के प्रतिनिधियों एवं गांधीवादी चिंतकों व विचारकों ने भाग लिया और ’महात्मा गांधी के जीवन दर्शन की वर्तमान युग में प्रासंगिकता’ सहित अहिंसा एवं शांति जैसे मूल्यों पर भी विशेष सत्र आयोजित कर उपस्थित लोगों को गांधीजी के विचारों व उनके सिद्धांतों से अवगत कराया। 

सम्मेलन में संगीत व्याख्याता डॉ. अनूपकुमार की टीम ने गांधी भजन भी प्रस्तुत किए। सभी संभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

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