बोस के नाम से आवंटित भूमि पर नेताजी की गरीमा व मर्यादा को ताक में रखकर फिर चलाया बुलडोजर
हाऊसिंग बोर्ड के नाम से वेल्फेयर सोसायटी बनाने का लगायाआरोप
सिरोही। अखिल भारतीय ’’भारत-रत्न’’ नेताजी सुभाषचन्द्र बोस राष्ट्रीय सेवा समिति मुख्यालय सिरोही के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी लुम्बाराम मेघवाल ने मीडिया को अवगत कराया कि राजस्थान हाऊसिंग बोर्ड कोलोनी में कुछ लोगो द्वारा हाऊसिंग बोर्ड के नाम से वेल्फेयर सोसायटी बनायी गई हैं तथा हाऊसिंग बोर्ड के नाम से वेल्फेयर सोसायटी गठित की है।
नेताजी फाउण्ड़ेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेघवाल ने बताया कि वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष व उनके सहयोगियों ने बुलडोजर मंगवाकर हमारी संस्था के नाम (नेताजी सुभाषचन्द्र बोस सेवा समिति मुख्यालय सिरोही) से आवंटित भूमि पर सफाई का नाम देकर उस भूमि में बुलडोजर चलाकर नेताजी की भूमि की चारदिवारी व वृक्षारोपण को भारी नुकसान पहुॅचाया जबकि किसी की आवंटित भूमि पर इस प्रकार से बुलडोजर चलाना गैर कानूनी है। अगर सफाई भी करनी है तो आवंटित भूमि की संस्था की जिम्मेदारी हैं अथवा नगर परिषद् सिरोही/राजस्थान आवासन मण्डल की जिम्मेदारी रहती है। उन्होने किस नियम कायदो व किसकी अनुमति से इस पवित्र भूमि पर बुलडोजर चलाया तो क्यों चलाया…. ? ऐसा करके उन्होने आजादी के महानायक श्री नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की गरीमा व मर्यादा को ठेस पहुॅचायी है। आजादी के महानायक के नाम से आवंटित हमारी संस्था को उक्त भूमि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने वर्ष 2002 में इसे आवंटित कर 5 लाख रूपये की राशि भरने हेतु हमें पत्र भेजा गया था हमारी संस्था तब से लगाकर आज तक राज्य सरकार व केन्द्र सरकार से नेताजी सुभाष की आवंटित भूमि के लिए लम्बी लडाई लडकर इसे निःशुल्क भूमि देने हेतु सरकार व नेताजी फाउण्डेशन आमने सामने हैं। दिलचस्प बात यह है कि सरकार डॉ. बी.आर. अम्बेडकर, महात्मा गांधी व अन्य राष्ट्रभक्तो के नाम राज्य सरकार निःशुल्क भूमि आवंटित कर स्वयं भवन बनाकर देती हैं तो नेताजी सुभाष के लिए ऐसा क्यों नहीं हो सकता… ? यह मामला हमारा राजस्थान आवासन मण्डल व राज्य सरकार के बीच लम्बी लडाई का है। अभी हाल में ही राजस्थान हाऊसिंग बोर्ड द्वारा हमें एक पत्र जारी कर 5 लाख की राशि को बढाकर 1 करोड 17 लाख रूपये की राशि भरने का हमें पत्र भेजा गया है। साथ ही आवासन मण्डल ने नये सिरे से कुछ हिदायत भी दी गई हैं जो नेताजी फाउण्डेशन को स्वीकार्य नहीं है। वहीं दूसरी तरफ नेताजी के नाम आवंटित भूमि को हाऊसिंग बोर्ड कोलोनी में बनी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष व उनके सहयोगी इस भूमि पर सफाई का नाम देकर कब्जा करन का आरोप भी लगाया है।
