जोधपुर के संदीप टाक ने मलेशिया में रचा इतिहास
“आयरनमैन – कुछ भी असंभव नहीं”
जोधपुर। 1 नवम्बर 2025 को जालोर ज़िले के मूल निवासी और वर्तमान में जोधपुर निवासी संदीप टाक ने मलेशिया के लंगकावी द्वीप में आयोजित विश्व के सबसे प्रतिष्ठित और कठिनतम एकदिवसीय खेल आयोजन आयरनमैन (IRONMAN) को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रचा।
आयरनमैन प्रतियोगिता की शुरुआत अमेरिकी नेवी सील्स के कमांडोज़ ने की थी। वे यह जानना चाहते थे कि तैराकी, साइक्लिंग और दौड़ — इन तीनों में से सबसे कठिन खेल कौन-सा है। चर्चा के परिणामस्वरूप इन तीनों को मिलाकर यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता बनाई गई, जिसे केवल सबसे मजबूत और धैर्यवान खिलाड़ी ही पूरा कर पाते हैं और “आयरनमैन” की उपाधि अर्जित करते हैं। यह प्रतियोगिता केवल शारीरिक क्षमता नहीं, बल्कि मानसिक शक्ति की भी कठिन परीक्षा होती है। इसमें तीन अलग-अलग कठिन खेलों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना आवश्यक होता है—
आयरनमैन में शामिल तीन चरण:
3.8 किलोमीटर समुद्री तैराकी
180 किलोमीटर साइक्लिंग
42.2 किलोमीटर पूर्ण मैराथन दौड़
(इन तीनों चरणों को मिलाकर अधिकतम 17 घंटे में पूरा करना होता है, साथ ही प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग कटऑफ समय निर्धारित होता है।)
आयरनमैन प्रतियोगिताएँ विश्व के 60 से अधिक देशों में आयोजित होती हैं, जिनमें मलेशिया का लंगकावी आयरनमैन विश्व की दूसरी सबसे कठिन आयरनमैन प्रतियोगिता मानी जाती है। जुलाई 2025 में संदीप टाक ने ओशनमैन 10 किमी तैराकी प्रतियोगिता, किनाबालू (मलेशिया) में भी पूरी की। यह विश्व की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन ओपन वॉटर महासागरीय तैराकी प्रतियोगिता मानी जाती है।
सिर्फ दो वर्षों में तैराकी, साइक्लिंग और दौड़ में महारत हासिल कर संदीप टाक ने ये उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज कीं—
अल्ट्रा सी स्विमर (Ultra Sea Swimmer) – 10 किमी या उससे अधिक समुद्री तैराकी करने वाले खिलाड़ी
अल्ट्रा मैराथन रनर (Ultra Marathon Runner) – 42.2 किमी से अधिक दूरी की मैराथन दौड़ पूरी करने वाले धावक
राजस्थान का गौरव बने संदीप टाक
संदीप टाक अब राजस्थान के पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने एक साथ आयरनमैन (IRONMAN) और ओशनमैन (OCEANMAN) दोनों की उपाधियाँ हासिल की हैं। साथ ही, पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर) से यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले आयरनमैन होने का गौरव भी उनके नाम हो गया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है कि यदि लक्ष्य दृढ़ हो, तो कुछ भी असंभव नहीं।