भगवान शिव यजन से प्रसन्न होकर विश्व का पालन करते हैं – स्वामी सच्चिदानंद
स्वर्णजनित जल, तीर्थों के जल और पंचगव्य से दसविद स्नान
अधिस्वीकृत पत्रकार व प्रधान संपादक गुलाम मोहम्मद
जोधपुर। संत सरोवर सोमाश्रम, माउंट आबू के महंत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज ने कहा कि यज्ञ द्वारा दी गई आहुतियों से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मानव सहित संपूर्ण विश्व का पालन करते हैं, कल्याण करते हैं।
उन्होंने कहा कि जहां शिव हवन होता है वो पूरा क्षेत्र शिवमय, आलोकमय हो जाता है और चारों तरफ का वातावरण शुद्ध हो जाता है। स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज ने यह उद्गार दईजर लाछा बासनी में परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज द्वारा स्थापित संवित धाम आश्रम में महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन के शुभारंभ पर व्यक्त किए।
श्रीविग्रह, श्रीपादुका की पूजा अर्चना और गुरु आज्ञा के बाद समस्त यजमान ने यज्ञ पूर्व प्रायश्चित और वैदिक मंत्रों के बीच दसविद स्नान किया जिसके तहत स्वर्णजनित जल, गंगा, यमुना, क्षिप्रा, कावेरी सहित अन्य तीर्थों के जल, गाय के दूध, दही, घृत, गाय के मूत्र, गोबर, भस्मी सहित दस पदार्थ शामिल हैं।
संवित साधनायन सोसायटी के उपाध्यक्ष दिनेश चन्द्र सिंहल और डॉ सी एस कल्ला ने बताया कि शनिवार को प्रातः यज्ञ मंडप प्रोक्षण, विभिन्न देवताओं की पीठ की स्थापना के साथ ही संवित धाम आश्रम परिसर में मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें सुमंगली महिलाएं, बालिकाएं पारंपरिक परिधान में मंगल कलश लेकर चल रही थी वहीं वेदपाठी ब्राह्मण वैदिक मंत्रों का पाठ ओर संकीर्तन करते हुए आश्रम परिसर और ईश्वर महाकीर्ती यज्ञशाला की परिक्रमा की।
संत सरोवर,सोमाश्रम, माउंट आबू के महंत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज, शंकरलोक आश्रम गांधीनगर, अहमदाबाद से आए स्वामी वीरेश्वर गिरि और श्रीनंदगोकुल आश्रम, श्रीनिवासपुरम, बैंगलोर के महंत स्वामी सुधीरानंद गिरि महाराज भी शोभा यात्रा में शामिल हुए।
13 जुलाई को प्रातःकालीन सत्र में गणपति पूजन, गुरु पूजन के बाद द्वितीय सत्र में अरणी मंथन से अग्नि प्रज्ज्वलित की जाएगी। शाम को 5.30 बजे उद्घाटन सभा होगी जिसमें संत महात्मा प्रवचन देंगे। 25 कुंडिय ईश्वर महाकीर्ती यज्ञशाला में पूरे माह हवन चलेगा जिसमें महामृत्युंजय मंत्र की एक करोड़ आहुतियां दी जाएगी। प्रतिदिन 150 यजमान आहुति देंगे। हवन में ऋत्विज ब्राह्मण, वैदिक कर्मकांडी ब्राह्मण जोधपुर, फलोदी, सोजत, दिल्ली, गुजरात ओर महाराष्ट्र से आकर भाग लेंगे वहीं देश विदेश के यजमान आहुतियां देने के लिए अलग अलग समय पर संवित धाम आश्रम पहुंचते रहेंगे।