नारी निकेतन में मानसिक रोगी महिला का किया पारिवारिक पुनर्वास
अधिस्वीकृत पत्रकार गुलाम मोहम्मद, सम्पादक, सेवा भारती, जोधपुर
जोधपुर। सामाजिन्क न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नारी निकेतन जोधपुर द्वारा मानसिक रोगी महिला वीणा (आभासी नाम) का पारिवारिक पुनर्वास किया गया।
अधीक्षक नारी निकेतन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग श्रीमती रेखा शेखावत ने बताया कि कुड़ी भगतासनी क्षेत्र निवासी महिला वीणा (आभासी नाम) को कुड़ी भगतासनी थाने द्वारा महिला की मानसिक स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण महिला को एमडीएम अस्पताल के मनोविकार केन्द्र में भर्ती करवाया गया। उन्होंने बताया कि लगभग तीन माह अस्पताल में उपचार के बाद महिला की मानसिक स्थिति स्थिर होने पर अस्पताल से 7 सितंबर 2024 को नारी निकेतन के हॉफ वे होम में प्रवेशित करवाया गया।
अधीक्षक ने बताया कि नारी निकेतन में आवासनियों के नियमित उपचार के साथ उन्हें विभिन्न प्रकार की दैनिक गतिविधियों -योग, व्यायाम, मेडिटेशन, नैतिक, शिक्षा व अन्य गतिविधियां करवायी गयी व उन्हें व्यस्त रखने के साथ उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता रहा। उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति श्री मनोज गर्ग की घर्मपत्नि श्री मती संगीता गर्ग द्वारा संस्था में आवासनियों को निःशुल्क मेडिटेशन प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसके कारण महिलाओं के मानसिक स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वीणा को भी यह गतिविधियां करवायी गयी व उचित परामर्श दिया गया जिसके कारण यह पूर्णतया स्वस्थ हो गई। इसके बाद संस्था द्वारा महिला के परिवार को बुलाकार उनकी काउंसलिंग की गई, जिससे महिला का अतिशीघ्र पारिवारिक पुनर्वास संभव हो सका। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर को महिला को उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया, इसमें विशेष सहायोग श्रीमती संगीता गर्ग, सुश्री राधिका लोहिया व श्री योगेश लोहिया का रहा। उन्होंने बताया कि महिला को पूर्णतया स्वस्थ देखकर उसके परिवार को अत्यंत खुशी हुई व परिजनों द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।