झण्डे की रस्म के साथ ही उर्स परवान चढ़ा

सूफी कांफ्रेंस में सूफीमत पर हुई चर्चा

जोधपुर। अफताब ए जोधपुर ख्वाजा अब्दुल लतीफ शाह साहिब नज़मी सुलेमानी चिश्ती अल फारुकी रहमतुल्लाहि अलैही का 121 वा उर्स झण्डे की रस्म के साथ परवान चढ़ने लगा। इस अवसर पर सूफी कांफ्रेंस में सूफीमत पर औलमाये किराम के बयानात हुए।
दरगाह प्रवक्ता अमजद खान ने बताया की दरगाह सज्जदानशीन पीर मोहम्मद नजमुल हसन अल लतीफी व दरगाह नाजिम पीर मोहम्मद अबुल हसन मिनाई की सरपरस्ती में झण्डे की रस्म अदा की गई। दरगाह महफिल खाने में सूफी कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता सय्यद नूर मिया अशरफी ने ख्वाजा अब्दुल लतीफ रहमतुल्लाहि अलैहि की जीवनी पर बोलते हुवे बताया कि इनकी जिंदगी इंसानियत के लिए एक अजीम दर्स है।  कारी मुकर्रम अपने उद्बोधन में बताया कि ख्वाजा लतीफ साहब की जीवनी से हमे इंसानियत, भाई चारा का पाठ पढ़ाया।  नातख्वा कारी शरीफ पालवी ने नाते रसूल पेश की। मंच संचालन  मास्टर हसनेंन अशरफी ने की। इस मौके पर पीर मोहम्मद कमरूल हसन मिनाई, पीरजादा फैजुल हसन लतीफी, मौलाना अबुल कलाम नूरी, छोटू उस्ताद, हिदायतुल्लाह खान, पीर अब्दुल रज्जाक मिनाइ, अय्यूब मिनाई, पीर अब्दुल वाहिद मीनाई, पीर जावेद मिनाईं, हासिब हुसैन चिश्ती, नईम मिनाई, असलम मिनाई, जल्लालुद्धीन खान, रिजवान खान, अकरम खान, सय्यद शफीक अली, इकरार चिश्ती, जियाउद्दीन खान, सोनू खान, आदिल चिश्ती, नौशाद चिश्ती, शोएल चिश्ती, राजा चिश्ती, आमीन अब्बासी मौजूद थे।

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