सांसद चौधरी ने सोजत में ईएसआईएस या ईएसआईसी अस्पताल खोलने हेतु केन्द्र सरकार की मांग
लोकसभा के शून्य काल में मेंहदी उद्योग से जुड़े हजारों श्रमिकों को बेहतर एवं सस्ते इलाज की सुलभता का उठाया मुद्दा
नई दिल्ली/पाली/जोधपुर। शनिवार को लोकसभा की कार्यवाही में पाली सांसद और पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने केन्द्र सरकार के समक्ष सोजत में ईएसआईएस या ईएसआईसी अस्पताल खोलने की मांग रखी। शून्यकाल में आसन के समक्ष रखी गई मांग में सांसद चौधरी ने बताया कि पाली संसदीय क्षेत्र का सोजत विश्वभर में मेंहदी नगरी के नाम से विश्वविख्यात है। मेंहदी मूलतः विशेष रंगद्रव्य इस क्षेत्र की मिट्टी एवं विशेष जलवायु से ही मिलता है। सोजत के मेहंदी उद्योग में 160 से अधिक फैक्ट्रियों में हजारों की संख्या में मजदुर काम करते है और यही इनकी जीवन रेखा है। यहाँ के लोगों ने सोजत को “मेहंदी नगरी” बनाने हेतु बहुत मेहनत की है, जिसका बाजार 1000 करोड़ रुपये से भी अधिक है। सांसद चौधरी ने सदन को बताया कि उनके प्रयासों पर सोजत की मेहंदी को जीआई टैग की सौगात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दी। इसके लिए समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। इसकी बदौलत यहाँ के उद्योग को एक और नई उड़ान मिलेगी।
श्रमिकों को मिले बेहतर एवं सस्ता इलाज: सांसद चौधरी ने सदन के माध्यम से श्रम मंत्रालय एवं रोजगार मंत्रालय के समक्ष सोजत में ईएसआईएस या ईएसआईसी अस्पताल की सौगात देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस उद्योग के श्रमिकों द्वारा लम्बे समय से की जा रही मांग की जा रही है। यहाँ के हजारों श्रमिकों के इलाज एवं सुरक्षा हेतु सोजत में कोई भी एम्प्लोयी स्टेट इन्सुरेन्स कारपोरेशन या एम्प्लोयी स्टेट इंश्योरंस स्कीम के तहत अस्पताल नहीं है। पाली शहर में एम्प्लोयी स्टेट इंश्योरंस स्कीम अस्पताल है, जो कि सोजत से 50 किलोमीटर से अधिक दुरी पर है। बीमित मजदूरों को पाली शहर में स्थित इन अस्तपालों में इलाज के लिए जाना पड़ता है। सांसद चौधरी ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के मानदंडों के अनुसार 100 बेड का अस्पताल खोलने हेतु उस क्षेत्र में कम से कम 50,000 बीमित लोगों की आबादी होनी चाहिए और साथ ही श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ईएसआईसी ने यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान बीमित व्यक्ति आबादी पर विचार करने के बजाय, आगामी 5 वर्षों में बीमित व्यक्ति आबादी की भविष्य की संख्या को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सांसद चौधरी ने सदन को बताया कि सोजत मेहंदी उद्योग एक बढ़ता हुआ उद्योग है और पिछले वर्षों में यह तेजी से बढ़ा है। मेंहदी को भौगोलिक संकेत यानि जीआई टैग प्राप्त होने के बाद, इस उद्योग में कार्यरत लोगों की संख्या भी बहुत बड़ी है और यह बढ़ती रहेगी। उन्होंने आसन के माध्यम से श्रम एवं रोजगार मंत्री को निवेदन किया कि सोजत में एक ईएसआईएस या ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने की कृपा करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पाली और राजस्थान को गौरवान्वित करने वाले मेहनती मेहंदी मजदूरों को सभी चिकित्सा लाभ और देखभाल मिले, जिसके वे हकदार है।