कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार 12वे दिन भी जारी

जोधपुर । लाचु कॉलेज प्रशासन द्वारा अविधिक तरीके से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे 29 कर्मचारियों को जबरन अनिवार्य सेवानिवृत कर दिया तथा साथ ही इनके समर्थन मे बैठे चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। इससे इन कर्मचारियों की आजीविका तथा परिवार पर मानसिक व वित्तीय संकट उत्पनहो गया है। इससे प्रतीत है कि लोकतंत्र मे कॉलेज प्रबंधन की तानाशाही व हठधर्मिता, राज्य सरकार व प्रशासन की उदासीनता लगातार जारी है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा राज्य सरकार के नियमों से परे जाकर फ़रवरी 2023 माह से अपनी मानमानी के चलते कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर लगभग आधा कर दिया है। इस कटौती को लेकर कॉलेज के कर्मचारी द्वारा पिछले सात माह से इस कटौती का विरोध किया जा रहा है लेकिन प्रबंधन ने कर्मचारियों के प्रति कोई नम्र रवैया नहीं बरता और आज दिन तक वेतन में कटौती की जा रही है। अपनी वाजिब मांगों को लेकर कर्मचारी पिछले 12 दिनों से कॉलेज में धरना दे रहे है इसके बावजूद प्रशासन द्वारा न तो कर्मचारीयो को वार्ता हेतु बुलाया गया न ही वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु किसी प्रकार का कोई आष्वासन नहीं दिया गया है। इस दौरान कई कर्मचारियों की तबियत भी बिगड़ गयी, जिस कारण उन्हे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कॉलेज प्रशासन द्वारा कॉलेज परिसर में कर्मचारियों में भय व्याप्त करने हेतु बाउंसर लगाये गए। कॉलेज प्रशासन द्वारा कर्मचारियों पर छात्राओ/महिलाओ कर्मचारियों को अंदर आने से रोकने का इलज़ाम लगाया गया जबकि कर्मचारियों द्वारा किसी भी छात्राओ/महिलाओ कर्मचारियों को कॉलेज मे प्रवेश करने से नहीं रोका गया था।
इसी क्रम मे कर्मचारियों द्वारा जन प्रतिनिधि प्रोफेसर (डॉ) अय्यूब खान को ज्ञापन सौंपा तथा कर्मचारियों पर कॉलेज मे हो अत्याचार से अवगत कराया। उन्होने कॉलेज की आधारशीला से जुड़े कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्मम एवं कठोर निर्णय, पिछले सात महीनों से कर्मचारियों के वेतन से DA मे की कटौती की निंदा की। जहाँ एक ओर कर्मचारी एवं उनसे संबंधित सम्पूर्ण परिवार आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहा हैं उसी बीच उनकी बर्खास्तगी का निर्णय अत्यंत निंदनीय हैं। उन्होने कर्मचारियों को आश्वासन दिया की उनकी समस्त पीड़ा एवं मुद्दे को माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक जी गहलोत साहब को प्रेषित करने का भरोसा दिलाया।
कॉलेज स्टॉफ ने मांग की है कि 29 कर्मचारियों को दी गयी अनिवार्य सेवानिवृति तथा चार कर्मचारियों का निलंबन आदेश को तुरन्त प्रभाव से निरस्त किया जाए, महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान में की जा रही कटौती को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए तथा बकाया का वेतन भुगतान का भुगतान किया जाये। कुछ कर्मचारियों के नियमितीकरण के समय सेवा नियमों में बदलाव कर महंगाई भत्ते (DA) के स्थान पर PA (68 %) फिक्स कर दिया गया है, उक्त कर्मचारियों के सेवा नियम भी पूर्व में नियमित कर्मचारियों के समान कराने की मांग की। महंगाई भत्ते में समय समय पर बढ़ोतरी की मांग की गई। कर्मचारियों के अवकाश लेने पर उन्हें उस दिन के लिए अवैतनिक कर दिया जाता है, जबकि कर्मचारी के खाते मे प्रयाप्त पीएल शेष है।

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