आत्महत्या कोई विकल्प नहीं है
थिएटर सेल में नाटक वेलकम स्वागत है का मंचन
जोधपुर। जेएनवीयू के थिएटर सेल में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर डॉ.हितेंद्र गोयल द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक ‘वेलकम स्वागत है’ का मंचन हुआ ।अभिनेताओं ने अपने अभिनय,संवादायगी एवं उत्कृष्ट संयोजन के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को इंगित किया और साथ ही महिलाओं से संबंधित कई मुद्दों को रेखांकित करते हुए नाट्य अंदाज़ में उकेर कर प्रेक्षकों को सोचने पर मजबूर किया।
आत्महत्या जैसे घृणित विचार पर चोट करते हुए लेखक एक संवाद लिखता है “जीवन की मुसीबतें और कठिनाइयां इतनी बड़ी कब हो गई कि वह किसी इंसान के इरादों को, हौसलों को इतना कमजोर कर दे कि वह अपने जीवन को ही समाप्त कर दे? क्योंकि आत्महत्या कोई विकल्प नहीं है।” मूल रूप से कथानक एक पुरुष और स्त्री की बस स्टैंड पर मुलाकात एवं उनके मध्य हुई बातचीत है जिसके माध्यम से समाज की विद्रूप मानसिकता, महिला शोषण ,लड़की को अभिशाप मानना, पुरुषों की नकारात्मक मानसिकता जैसी कई बुराइयों पर गहरी चोट की गई । संगीत, नृत्य ,व्यंग्य एवं हास्य से भरपूर यह नाटक प्रेक्षकों के लिए एक यादगार लम्हा बन गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएनवीयू कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो.कल्पना पुरोहित ने की। उन्होंने बताया कि नाटक एक्सप्रेशन का सबसे सशक्त माध्यम है और यह कला जीवन जीने के सभी पहलुओं को समाहित किए हुए हैं ।विशिष्ट अतिथि के रूप में जोधपुर शहर के वरिष्ठ रंग निर्देशक और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी में कोषाध्यक्ष रमेश नामदेव भाटी मौजूद रहे। रमेश भाटी ने बताया कि थिएटर सेल का प्रयास काबिले तारीफ है और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इस तरीके के प्लेटफार्म की बेहद जरूरत थी।मंच पर अपनी अभिनय की अमिट छाप छोड़ने वाले कलाकार थे नेमीचंद, नेहा रांकावत ,विक्रम सिंह राठौड़,अब्दुल्लाह कुरेशी ,करिश्मा सोलंकी ,पुलकित सिंह ,अजय सिंह पंवार, जय सिंह, यशवर्धन दवे, लेखराज ,शुभम चौधरी ,हर्षवर्धिनी गोयल । रंग दीपन अशोक ने किया जबकि संगीत एवं ध्वनि डॉ. हितेंद्र गोयल की परिकल्पना से संपन्न हुआ।
मंचन के दौरान ओल्ड कैंपस स्थित थिएटर सेल के सभागार में वरिष्ठ रंग लेखक और नाट्य निर्देशक बी . एम.व्यास, शहर की वरिष्ठ कवयित्री पद्मजा शर्मा, रंग निदेशक डॉ सुनील माथुर ,डॉ इश्राकुल इस्लाम माहिर, प्रो. रितु जोहरी , डॉ. हेमलता जोशी, श्रीमती ओम कुमारी, आकाशवाणी से भानु पुरोहित , अजय करण जोशी, महेश पंवार, गौरव बजाज, इला ओझा ,गुलनाज खान , मदन बोराणा, सुधांशु मोहन, डॉ काजल वर्मा, आशीष चारण, दिलीप वैष्णव, सुरेंद्र सिंह राठौड़, मयूर ,थियेटर सेल के दोनो बैचेज़ के रंगप्रेमी और विद्यार्थी मौजूद रहे।