हाजी शिहाब चौतुर आज सम्मान समारोह में भाग लेंगे

भारत के पहले पैदल हज यात्री 8600 किमी की यात्रा एक साल 17 दिन में पूरी कर 12 जुलाई को भारत लोटे

आज पुराना उम्मेद स्टेडियम में सभी लोगों की एंट्री निशुल्क रखी गयी है।

सभी देशों की सरकार ने हर संभव मदद की और सहयोग किया।

सेवा भारती रिपोर्टर शम्मी उल्लाह खान

जोधपुर। भारत से मक्का शरीफ तक पैदल हज यात्रा करने वाले पहले हज यात्री शिहाब चौतुर रविवार शाम को सम्मान समारोह कार्यक्रम में भाग लेंगे।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कार्यक्रम आयोजक इंतखाब आलम ने बताया कि यह पहला मौका है, जब शिहाब चौतुर जोधपुर आए तथा वे रविवार को शाम 5 बजे पुराना उम्मेद स्टेडियम में होने वाले सद्भावना कार्यक्रम पैगाम-ए-मोहब्बत व प्रतिभा सम्मान समारोह में उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम में समाज के होनहार बच्चों को पारितोषिक व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जायेगा।
प्रेस वार्ता में शिहाब चौतुर ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए सेवा भारती समाचार को बताया कि इस्लाम में हज करना फर्ज है। पैदल हज यात्रा करना मेरा सपना था, जो मैंने हर हाल में पूरा किया। इसका मतलब यह नहीं कि पैदल हज यात्रा करने का सवाब ज्यादा मिलता है और फ्लाइट से जाने पर कम सवाब मिलता हैं। सवाब दोनों को बराबर मिलता है। मैंने पैदल हज यात्रा पर जाने से पहले 4 साल तक पैदल यात्रा के बारे में रिसर्च किया और जानकारी हासिल की।

अपनी पैदल यात्रा के दौरान मैंने भारत, पाकिस्तान, ईरान, इराक और कुवैत को पार किया और मई के दूसरे सप्ताह में कुवैत से सऊदी अरब की सीमा पार की। केरल के मलप्पुरम जिले से सऊदी अरब के मक्का तक की 8600 किमी की यात्रा एक साल 17 दिन में पूरी कर 12 जुलाई को भारत लौटा हूँ। मैं पैदल हज यात्रा के दौरान राजस्थान में भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर व किशनगढ़ शहर से गुजरा हूँ और यहाँ की सरकार का मेरे साथ पूर्ण रूप से सहयोग रहा तथा हर जगह मुझे पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई गई, जिसका मैं ताउम्र आभारी रहूँगा।
शिहाब चौतुर के भाई हाजी मुश्ताक ने बताया कि शिहाब ने 2 जून 2022 को भारत से उन्होंने पैदल हज यात्रा शुरू की थी। उनकी इस पैदल यात्रा के दौरान भारत सरकार और राज्य सरकारों ने बहुत सहयोग किया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये। शिहाब ने वीजा संबंधी समस्या के कारण वाघा बॉर्डर पर 4 महीने 10 दिन तक अटके रहे। उसके बाद उन्हें पाकिस्तान जाने का स्पेशल वीजा प्राप्त हुआ। इस दौरान जिस देश से वह गुजरे, उन सभी देशों की सरकार ने हर संभव मदद की और सहयोग किया। संयोजक जमील अंसारी ने बताया कि रविवार को होने वाले पुराना उम्मेद स्टेडियम में सभी लोगों की एंट्री निशुल्क रखी गयी है।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button