जो कुछ हिन्दुस्तान के हित में है वो ही हिन्दुस्तानियों के हित में है: पद्मश्री वासे

धर्म जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं‘ विषय पर आयोजित
राष्ट्रीय सर्वधर्म सेमीनार में सभी धर्मगुरूओं ने कौमी एकता का लिया संकल्प

जोधपुर। खुसरो फाउण्डेशन, नई दिल्ली एवं मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में वर्तमान हालात के सन्दर्भ में क़ौमी एकता को बढ़ावा देने, शान्ति, मानवता और प्रेम का सन्देश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘‘धर्म जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं‘ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सर्वधर्म सेमीनार का आयोजन गुरूवार को बुझावड स्थित मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया।
 बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुस्लिम धर्म गुरू व शहर क़ाज़ी, क़ाज़ी सैयद वाहिद अली ने कहा कि पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने इस्लाम धर्म को अम्न व सलामती का मज़हब बताया और कहा कि दुनिया के सभी लोग अल्लाह का परिवार हैं इसलिए सभी को आपसी भाईचारे के साथ एक-दूसरे की भावनाओं का ध्यान रखते हुए मिलकर रहना चाहिए।
 हिन्दू धर्मगुरू जूना खेड़ापति, महंत रूद्र गिरी ने कहा कि सभी धर्मों में एक ही बात पर जोर दिया गया कि सच्चाई की पैरवी करें और सभी लोगों को अपने-अपने इच्छानुसार अपने अकीदे पर कायम रहते हुए राष्ट्र धर्म को ही निभाना चाहिए और किसी धर्म को बुरा नहीं समझना चाहिए।
 कबीर पंथ अखिल भारतीय सैन भक्तिपीठ के संत माधवदास ने कहा कि ये सेमीनार सभी धर्मो को करीब लाने की बहुत अच्छी कोशिश है। हमें नही भूलना चाहिए कि इस ब्रहमाण्ड में सबसे महत्वपूर्ण इंसान है और उनके बीच में दूरियां पैदा करने की किसी भी कोशिश को हमें मिलकर कामयाब नहीं होने देना है। आज कबीर के प्रेम के ढाई अक्षर को आम करने की जरूरत है।
 सिख धर्मगुरू गुरूद्वारा, श्री गुरूसिंह सभा के मुख्यग्रंथी जयपाल सिंह ने कहा कि हमें इर्ष्या व लालच से बचना चाहिए। इसकी वजह से इन्सानों में भाईचारा खत्म हो रहा है। हमें कर्म व धर्म की सही पैरवी करके खुद को अच्छा इन्सान साबित करना चाहिए।
 ईसाई धर्म के धर्मगुरू व सोम्मेर्विल्ले मेमोरियल चर्च के फादर रेव्ह. जितेन्द्र नाथ ने कहा कि ‘धर्म जोड़ने के लिए तोड़ने के लिए नहीं‘, यही सच है, और जो भी इस विषय के खिलाफ काम कर रहे है उनकी मानसिकता सही नहीं है। बाइबिल प्रेम का ग्रंथ है और ईशु मसीह प्यार के पैगम्बर (संदेशष्टा) है इसलिए इन्सानों को एक-दूसरे से जोड़ने की हर सम्भव कोशिश करनी चाहिए।
 जैन धर्मगुरू एवं सिंघानिया यूनिवर्सिटी, राजस्थान के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ सोहनराज तातेड़ ने कहा कि धर्म ने एक ही शिक्षा दी है कि और वो ये है हम अच्छे इन्सान बनें और वही सच्चा धार्मिक भी है जो सच्चा इन्सान है। जब ज़मीन एक, आसमान एक, सूरज और चांद एक और उन सबका पैदा करने वाला खुदा एक तो फिर इन्सान क्यों एक नहीं हो सकते घ्
 खुसरो फाउन्डेशन नई दिल्ली के चेयरमैन पद्मश्री प्रोफेसर अख़्तरूल वासे ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि धर्म कोई भी हो वो इन्सानों को जोड़ने का काम करता है। जो कुछ हिन्दुस्तान के हित में है वो ही हिन्दुस्तानियों के हित में है। उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम हो या कोई भी दूसरा धर्म वो सभी इन्सानों के लिए प्यार और दयाभाव का संदेष देते है इसीलिए हमारे स्वयं और देशहित में यही सही है कि हम नफरतों की दीवारों को तोड़ें और एक-दूसरे के करीब आयें।
  मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मोहम्मद अतीक ने कहा कि हमें कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे हमारा धर्म बदनाम हो और इन्सानों को तकलीफ पहुंचे। उन्होंने कहा कि मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी में बगैर किसी भेदभाव के हम नई नस्ल को तालीम दे रहे हैं ताकि वो अपने खानदानों और मुल्क की तरक्क़ी में भागीदार बन सकें।  
 प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक एवं राजस्थान प्रौढ शिक्षण समिति, जयपुर की अध्यक्ष आशा बोथरा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज के दौर में हमें अपने कर्म से खुद मिसाल कायम करनी होगी और उन सभी नफरत फैलाने वाली व दूरीयां पैदा करने वाली ताकतों को नाकाम बनाना होगा।
 मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के सभी व्याख्यताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अब्दुल्लाह खालिद ने सभी धार्मिक सम्प्रदायों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमें उन ताकतों से दूर रहना चाहिए जो हमें अलग करना चाहते है। छात्र-छात्राओं का प्रतिनिधित्व करते हुए छात्रा हयात खान ने कहा कि मज़हब व्यक्तित्व निर्माण करता है, मोहब्बत सिखाता है, हर तरह की चिंताजनक कठिनाईयों और मानसिक दबाव से बचाता है। धार्मिक एकता ही इस देश के आर्थिक विकास की गारन्टी है।
 अंत में सभी धर्म गुरूओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर कौमी एकता का प्रण लिया कि वो मोहब्बत के संदेश को आम करेंगे। विभिन्न धर्मो के मानने वालों के बीच दूरी कम करने की कोशिश करेंगे। सेमीनार में शिक्षाविद् डॉ भरत कुमार, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद अली चुंदडीगर, महासचिव निसार अहमद खिलजी, पूर्व कोषाध्यक्ष मोहम्मद इस्हाक, सदस्य मोहम्मद इस्माईल, डीन एकेडमिक इमरान खान पठान, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रेहाना बेगम, यूनिवर्सिटी स्टाफगण सहित विभिन्न धर्माे से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की। तिलवाते कुरान हाफिज मोहम्मद शरीफ ने की। शिक्षक मोहम्मद जावेद ने कौमी एकता पर नज़्म पढी। संचालन मौलाना शाहिद हुसैन नदवी ने किया और धन्यवाद यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अमीन ने दिया।
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