संविधान में संशोधन को लेकर वेबिनार आयोजित

जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नेहरू स्टडी सेंटर की ओर से पंडित जवाहरलाल नेहरू और संविधान में प्रथम संशोधन विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित की गई।
वेबिनार को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने कहा कि प्रथम संविधान संशोधन में ही भारत में सामाजिक एवं आर्थिक न्याय स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया। इससे दलित एवं वंचित वर्ग को समानता का अवसर प्राप्त हुआ। प्रथम संविधान संशोधन ने संविधान में रही कुछ कमियों को दूर करने का कार्य किया। इसे कभी भी न्यायपालिका और व्यवस्थापिका के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यदि भूमि सुधार एवं कृषि सुधार नहीं हुए होते तो जमीन मु_ी भर लोगों के हाथ में रहती। ऐसे में प्रथम संशोधन के लिए भारत को अंतरिम संसद और पंडित नेहरू का ऋणी होना चाहिए।
अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पीसी त्रिवेदी ने कहा कि पंडित नेहरू सदैव यह चाहते थे कि समाज के सभी वर्गों को न्याय मिले। वेबिनार समन्वयक डॉ दिनेश गहलोत ने बताया कि वेबिनार में 760 पंजीकरण हुए। इसमें राजस्थान उच्च न्यायालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह, अधिवक्ता कुलदीप माथुर, अधिवक्ता बलजिंदर संधू, अधिवक्ता राजेश परिहार के साथ-साथ राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो कांता कटारिया, प्रो मीना बरडिया, प्रो केएन व्यास सहित कई शिक्षक भी जुड़े।

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