नियम विरूद्ध प्रतिनियुक्तियों पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
सिरोही। जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रा.शि. सिरोही द्वारा नियम विरूद्ध की गई विवादस्पद प्रतिनियुक्तियों पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। राजस्थान समग्र शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. उदयसिंह ड़िंगार ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमों प्रावधानो के विपरीत 46 अध्यापकों की 15 माह के लिए प्रतिनियुक्तियां की थी जिसमें 39 तो ऐसे स्कूल है जो प्राथमिक विद्यालय है एवं जहां कक्षा 1 से 5 तक ही नामांकित है, जो कि वर्तमान में कक्षा शिक्षण ही बन्द है। ऐसी नियम विरूद्ध प्रतिनियुक्तियों को एडवोकेट प्रमेन्द्र बोहरा के जरिये माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। एडवोकेट प्रमेन्द्र बोहरा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका पर बहस के दौरान इन नियम विरूद्ध प्रतिनियुक्तियों पर बहस की गई, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोेक लगाने से याचिकाकर्ताओं को प्रताडना से राहत मिलेगी।
समग्र शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. डिंगार, प्रदेश उपाध्यक्ष मांगीलाल परमार, छोगाराम चैहान ने बताया कि डीईओ द्वारा जारी इस विवादास्पद आदेश में खामियाँ है। इस संबंध में उन्होनें बताया कि जिन कक्षाओं का शिक्षण ही बन्द पड़ा है उन कक्षाओं के लिए शिक्षण व्यवस्था करना हास्यास्पद सा है इसी प्रकार सत्रान्त 30 जून 2021 को होगा, जबकि ये प्रतिनियुक्तियां 30 जून 2022 तक की गई है, यह आश्चर्यजनक है। इन विवादास्पद प्रतिनियुक्तियो में छात्र: शिक्षक अनुपात के बारे में भी कई खामियां है।
उन्होनें बताया कि इन विवादास्पद एवं नियमों के विरूद्ध की गई प्रतिनियुक्तियों में लेवल-2 के विषयाध्यापकों को उच्च प्राथमिक कक्षा शिक्षण से हटाकर बंद पडे प्राथमिक शिक्षकों को भी मिड़ल स्कूल से हटाकर प्राथमिक स्कूलों में लगाया गया है, जो प्रावधानों के विपरीत है। इसी क्रम में माध्यमिक सेट अप से प्राथमिक सेट अप में प्रतिनियुक्तियां करना, मानदेय कार्मिको की दूरस्थ प्रतिनियुक्तियां करना, दिव्यांग अध्यापक की भी दूरस्थ प्रतिनियुक्ति कर प्रताड़ित किया गया। समग्र शिक्षक संघ द्वारा इस प्रकरण का हर स्तर पर विरोध कर इस आदेश को निरस्त करने की मांग की है।