विधायक कोष से स्वीकृत 10 लाख की राशि से निर्मित सामुदायिक हॉल का शिलान्यास
जोधपुर। वर्तमान समय में आधुनिक शिक्षा के बिना तरक्क़़ी संभव नहीं है। राजस्थान मदरसा बोर्ड से पंजीकृत मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम देकर मदरसों में अध्ययनरत बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार प्रयासरत है। यह बात अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ़़ एवं जन अभाव अभियोग निराकरण मंत्रीशाले मोहम्मद नेशुक्रवार को लूनी विधानसभा क्षेत्र के मेहरानपुरा माणकलाव में स्थित मदरसा ख़ादिमूल कुरआन के वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित कार्यक्रम में कही। अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने माणकलाव में विधायक महेन्द्र विश्नोई के विधायक कोष से स्वीकृत 10 लाख रूपए की राशि से निर्मित सामुदायिक हॉल का शिलान्यास भी किया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार अल्पसंख्यक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है, अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए मदरसा बोर्ड से पंजीकृत मदरसों में स्मार्ट क्लास रूम जो इस मदरसा में पहले दिया हुआ है, कम्प्यूटर लैब कक्ष, मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत अतिरिक्त कक्षा कक्ष, खेलकूद सामग्री एवं फर्नीचर दिया जा रहा है। इससे मदरसा के बच्चों को दीनी तालीम के साथ बेहतर दुनियावी तालीम भी दी जा रही है ताकि वे तरक्क़़ी कर सकें। इसके अलावा अल्पसंख्यक बालक-बालिका छात्रावास, जवाहर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं। इससे अकलियत के बच्चों का शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले समय मे बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा कि उर्दू के 444 पदों को बढ़ाकर 1000 की घोषणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की है। 10 से अधिक बच्चे उर्दू, सिंधी के पढऩे के जहां इच्छुक होंगे वहां सरकार अतिरिक्त विषयशुरू कर अध्यापकों की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा अकलियत लोगों को कैसे फायदा दिया जाए इसके लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विधायक निधि से निर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान लूनी विधायक महेन्द्र बिश्नोई, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गुलाम मोहम्मद खान, डॉ अयूब खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।