गुड फ्राइडे पर आराधना व प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन
सिरोही (जयन्तिलाल दाणा)। संत जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में गुड फ्राइडे पर क्रूस यात्रा प्रार्थना आराधना कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर रोबिन फादर जोश के सानिध्य में क्रॉस यात्रा आराधना व प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर के प्रवक्ता रंजी स्मिथ ने बताया कि प्रातः काल गिरजाघर में ईसाई समुदाय द्वारा आराधना कार्यक्रम का आयोजन हुआ। तत्पश्चात दोपहर 12 बजे से गिरजाघर परिसर में क्रूस यात्रा आरंभ हुआ। ईसाई समुदाय के लोगों तेज धूप में 14 स्थानों पर क्रोस यात्रा में घुटने टेक कर प्रार्थना कर ईश्वर की महिमा गाते हुए गिरजाघर के मुख्य द्वार जाकर क्रॉस यात्रा 1.30 बजे समापन के पश्चात गिरजाघर में प्रार्थना कार्यक्रम संत जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर के पल्ली पुरोहित, फादर रोबिन और फादर जोस ने पवित्र बाइबल के सुसमाचारों का प्रवचन कर प्रार्थना कार्यक्रम आरंभ किया। प्रार्थना कार्यक्रम में ईसाई युवा युवतियांे द्वारा पवित्र बाइबल का वचन किया। पल्ली पुरोहित फादर रोबिन ने ईसाई समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु यीशु शुक्रवार के दिन अपने जीवन का बलिदान दिया था, इसलिए उनकी याद में हम सभी गुड फ्राइडे मनाया जाता है। उन्होंने कहा यीशु मसीह ने अपनी मृत्यु के बाद फिर से जीवन धारण किया था। साथ ही यह संदेश दिया था कि वह हमेशा मनुष्य के साथ है और मनुष्य की भलाई करना ही उनका उद्देश्य है। यहीं वजह है कि इस दिन को गुड फ्राइडे है कहते हैं यह महान आत्मा के त्याग और बलिदान का दिवस माना जाता है और जो अपने ऊपर अन्य करने वालों को भी माफ कर देता है और दुख में भी खुशी मनाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा की गुड फ्राइडे के दिन हमें परमपिता परमेश्वर को धन्यवाद देना चाहिए, जो मनुष्य के रूप में हम सबके बीच में आए और संसार को मानवता के रास्ते पर चलना सिखाया। उन्होंने पूरी मानव जाति को एक निगाह से देखा सब के पापों को अपने ऊपर लेकर सभी को सुख में जीवन प्रदान किया। आज ईसाई समुदाय के लिए गुड फ्राइडे एक महत्वपूर्ण पर्व है। आज के दिन प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर उपवास रखते हैं यह उपवास हमारे जीवन के लिए एक संदेश है। प्रार्थना करने के पश्चात प्रभु यीशु को ईसाई समुदाय द्वारा चुंबन कर दुआ मांगी। प्रार्थना बाहर आने के पश्चात ईसाई समुदाय द्वारा उपवास खोला गया।