देश की आजादी में शहीदें आजम भगतसिंह का ऐतिहासिक योगदान: मेघवाल
सिरोही (जयन्तिलाल दाणा)। अखिल भारतीय भारत रत्न नेताजी सुभाषचंद्र बोस राष्ट्रीय सेवा समिति मुख्यालय सिरोही एवं केन्द्र सरकार, राज्य सरकार व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में इंकलाब जिंदाबाद व वंदे मातरम का नारा देने वाले शहीदें आजम भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेव बलिदान सप्ताह समारोह के अंतर्गत राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय कालंद्री में देश की आजादी में शहीद भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेव के अविस्मरणीय योगदान पर परिचर्चा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नेताजी फाउंड़ेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी लुम्बाराम मेघवाल व कार्यक्रम की अध्यक्षता के रूप में विद्यालय की संस्था प्रधान श्रीमति रंजना कोटेसा व विषिष्ठ अतिथि के रूप में व्याख्याता सनद आढ़ा मंच पर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेघवाल व कार्यक्रम अध्यक्ष व विशिष्ठ अतिथि द्वारा शहीदें आजम भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेवजी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित व मार्ल्यापण कर नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें सैल्यूट प्रदान किया। इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी लुम्बाराम मेघवाल ने देश की आजादी में शहीदें आजम भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेव के अविस्मरणीय योगदान पर परिचर्चा विषयक पर व्यापक परिचर्चा देकर युवा पीढ़ी को शहीद भगतसिंह के विचारों से रूबरू करवाया। देश की आजादी के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस, शहीदें आजम भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेव व चंद्रशेखर आजादजी ने कंधे से कंधा मिलाकर ब्रिटिश हुकुमत से लोहा लिया। उन्होंने अंग्रेजांे को भारत देश से भगाने के लिए ऐतिहासिक भूमिका अदा की। कार्यक्रम में विद्यालय की संस्था प्रधान श्रीमती रंजना कोटेसा व विशिष्ठ अतिथि सनद आढ़ा ने भी अपने विचार व्यक्त कर युवा पीढी में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाई। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र छात्राओं व अध्यापकों व गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
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