निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन कर विरोध जताते कर्मचारी
सिरोही जयन्तिलाल दाणा)। केंद्र तथा राजस्थान सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों तथा निजीकरण के विरोध में सरकारी कर्मचारियों के साथ अब भारतीय जीवन बीमा तथा बैंक के कर्मचारी भी कूद पडे है। राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ नेता गोपाल सिंह राव ने बताया कि सरकार सरकारी उपक्रमों तथा संस्थाओं के निजीकरण को बढ़ावा देकर कर्मचारियों की छंटनी करने पर तुली है। केंद्र सरकार निजीकरण करके सरकारी उपक्रमों के साथ अब बैंक तथा बीमा के कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। सरकार उपक्रमों के निजीकरण, भारतीय जीवन बीमा तथा बैंक के कर्मचारियों के साथ अन्याय का पूरजोर विरोध कर्मचारी महासंघ, बैंक के संगठन तथा बीमा के संगठनों में हो रहा है। आईपीओ का विरोध, निजीकरण का विरोध तथा श्रम विरोधी नीति के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों के साथ बैंक तथा बीमा के कर्मचारी सड़कों पर उतर गए हैं। आंदोलन के चरण में 15 व 16 मार्च को बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर रहे तथा विरोध जताया। गत 18 मार्च को भारतीय जीवन बीमा के कर्मचारियों ने आंदोलन, हड़ताल और प्रदर्शन करके अपना विरोध जताया है। वरिष्ठ कर्मचारी नेता गोपालसिंह राव ने बताया कि मोदी सरकार की कर्मचारी तथा श्रमिक विरोधी नीतियों का पूरजोर विरोध सम्पूर्ण राष्ट्र में चरम पर है। सरकारी कर्मचारियों, बैंक तथा बीमा सहित सभी कर्मचारियों को निजीकरण के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है। कर्मचारियों की छंटनी निजीकरण तथा सुविधाओं में कटौती से कर्मचारी आक्रोश में है। सुमेरपुर में भारतीय जीवन बीमा के नोर्थन जोन इंसोरेंस एम्पलोय एशोसिएशन एण्ड जोइंट फ्रंट के सचिव मुकेश शर्मा अध्यक्ष जे.के. भीलवाला गजाराम देवासी, रमेश अग्रवाल, श्रीराम अग्रवाल, भैराराम माली, टोयाराम मीणा, महेश दवे, दयानंद सोनी, अशोक सोनी, योगेंद्र मीणा ने विरोध प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया। सिरोही में भारतीय जीवन बीमा तथा बैंक ओफ इंडिया के कर्मचारी गोविंद राम जीनगर, भंवर लाल डांगी, सूर्य प्रकाश शर्मा, सुमेरसिंह देवड़ा, वसीम कुरेशी, महेश चौधरी, बालकृष्ण खत्री, जीनल परमार, सुनील कुमार, मोहनलाल, झालाराम, प्रवीण कुमार माली, सुरेंद्र सांखला, नवनीत माली, चेतन प्रकाश, कुलदीप सिंह, मालम सिंह, रमेश कुमार वैष्णव, दीपाराम गांधी, नगमा सेन, भूपेश माली, मगनलाल वैष्णव, रणजीत सिंह कोटेचा, रविंद्र चौहान, अशोक कुमार, नटवर सिंह घडिया, दिनेश कुमार माली, मोती लाल माली, मुकेश कुमार सहित अनेक कर्मचारियों ने रोष जताया।