भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटैक ने मनाया 37वा स्थापना दिवस
जोधपुर। भारतीय कला, संस्कृति विरासत न्यास इंटैक के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर चिंकारा व अन्य वन्य जीवों के लिए वर्ष पर्यन्त तक जल की उपलब्धता के लिए इण्टैक व ब्रिज फाउण्डेशन की ओर से तैयार कर संरक्षित करवाये गये दुगर गांव के बनड़ा तालाब व डूडी नगर के शम्भू नाडा को गांव वासियों को सुपुर्द किया गया।
इण्टैक जोधपुर चैप्टर के संयोजक डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर ने बताया कि वर्ष 2020 के मई-जून के समय इण्टैक एवं ब्रिज फाउण्डेशन ने कोरोना काल में चिंकारा व अन्य जानवरों को वर्षपर्यन्त जल की उपलब्धता हो सके, इस प्रण के साथ दुगर गांव के बनड़ा तालाब व डूडी नगर के शम्भू नाडे का जीर्णोद्धार का कार्य ग्रामीणों के साथ मिलकर करवाया। साथ ही इस क्षेत्र में ओरण विकसित कर सौ पौधों का पौधारोपण भी किया। इस जीर्णोद्धार कार्य के माध्यम से ग्रामीणों को इस महामारी के दौरान रोजगार उपलब्ध करवाया गया।
बनड़ा तालाब पर प्रतिदिन चार-पांच सौ चिंकारा, हिरण, गायें व अन्य जानवर पानी पीने आते हैं। इस बार की वर्षा में दोनों तालाब ओवरफ्लो हो गये। तालाब में पहली बार में इतना पानी आने से अनेक प्रजातियों के पक्षियों का भी यहाँ विचरण होने लगा है और तालाब के पास की पहाडिय़ों पर लगभग सौ से अधिक गिद्ध भी नजर आ रहे हैं।
उपरोक्त दोनों तालाब इण्टैक राजस्थान चैप्टर के संयोजक गजसिंह के निर्देशन में बनवाए गए। साथ ही प्राचीन परम्परा के अनुसार तालाब पर गोवर्धन स्तम्भ का शिलालेख भी लगाया गया जिसे बाड़मेर के कारीगरों द्वारा हाथों से खुदाई कर बनाया। पिछले सौ वर्षों में पहली बार इस प्रकार के गोवर्धन स्तम्भ का शिलालेख लगाया गया है। यह शिलालेख सात फीट ऊंचा एवं एक फीट बाई एक फीट का है जिसकी चारों दिशाओं पर आकृतियां बनी है। एक तरफ चिंकारा, दूसरी तरफ गाय अपने बछड़े को दूध पिलाते हुए व दो अन्य दिशाओं में सूर्य व चन्द्रमा की आकृतियां बनी है।
इन तालाबों के जीर्णोद्धार के कार्य में स्व. मनोहरसिंह दुगर एवं स्व. ठा. हरीसिंह पालकिया, दुर्गाराम, हरजी, समर्थ शर्मा, महेन्द्रसिंह चांपावत पीलवा एवं बाड़मेर संयोजक यशोवद्र्धन शर्मा, भागीरथ वैष्णव, जेएम बूब व प्रदीप सोनी का विशेष सहयोग रहा। ब्रिज फाउण्डेशन की रेणुजी ब्रिज एवं इण्टैक से मनु भटनागर का आर्थिक सहयोग रहा।