पाली शहर के 9 इलाकों के सीमा क्षेत्र में आना जाना पूर्णतया प्रतिबंधित
- सेवा भारती समाचार
पाली। नगर परिषद पाली के क्षेत्र में निवासरत नागरिक के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद पाली शहर के दो दर्जन इलाकों को बफरजोन के साथ जीरो मोबिलिटी ऐरिया घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही पाली शहर के 9 इलाकों के सीमा क्षेत्र में जन साधारण का आना जाना पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट दिनेश चन्द जैन ने बताया कि पाली नगर परिषद क्षेत्र के नाडी मौहल्ले इलाके में एक महिला के कोरोना पॉजीटिव पाए जाने के बाद कुछ प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए गए है। कोरोना वायरस के अत्यधिक संक्रमण के फैलाव की आशंका के मद्देनजर जन साधारण के स्वास्थ्य, आमजन के जीवन एवं लोक शांति को खतरा पैदा हो सकता है। इस कारण दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जीरो मोबिलिटी निषेधाज्ञा जारी की गई है। इसके तहत बादशाह का झण्डा, सिटी डस्पेंसरी जुना हवाला, पल्लीवालों का बास, चेतना रेस्टोंरेंट क्षेत्र, केरिया दरवाजा, मोची कॉलोनी, महावीर उद्योग नगर, सिंघी कॉलोनी तथा सम्पूर्ण नाड़ी मौहल्ला क्षेत्र को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र (लोकिंग एरिया-जनसाधारण का आना जाना पूर्ण निषेध) घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के अतिरिक्त नगर परिषद पाली के 22 अन्य क्षेत्रों को बफर जोन के साथ जीरो मोबिलिटी ऐरिया घोषित किया गया है। इनमें मण्डिय़ा रोड़, रामदेव रोड पुलिस चैकी क्षेत्र, कुम्हारों का बास, न्यू मोची कॉलोनी, पिंजरापोल गौशाला क्षेत्र, धर्मपुरा दरगाह क्षेत्र, गजानन्द मार्ग क्षेत्र, जंगीवाडा-जालोरी दरवाजा क्षेत्र, भाटी मार्केट, जर्दा बाजार रोड़, सरफा बाजार, सोमनाथ मंदिर क्षेत्रा, धानमण्ड़ी, धौला चैतरा, भैरूघाट, पानी दरवाजा, घोषीवाड़ा, बिडलों का बास, छोटा-बड़ा मुथों का बास, डेण्डा बास/समेगिया पाटी, नारेलों की पोल, अमरदासजी गली, रामबास/मौती चैक तथा पानी दरवाजा क्षेत्र शामिल है।उन्होंने बताया कि जिले के सभी नागरिकों के जीरो मोबिलिटी क्षेत्र व बफरजोन में आने-जाने पर प्रतिबंध है। इस आदेश की अवेहलना करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, राजस्थान एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1957 एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत सख्त कार्यवाही की जाएंगी।