लॉकडाउन के चलते नदियों में आए परिवर्तन का करा रहे अध्ययन: शेखावत

  • केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने मंत्रालय पहुंचकर की कार्यों की समीक्षा

सेवा भारती समाचार
जोधुपर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के चलते नदियों में प्रदूषण को लेकर आए परिवर्तन का हम अध्ययन कर रहे हैं।
भाजपा के संभाग मीडिया प्रमुख अचल सिंह मेड़तिया ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। शेखावत ने कहा कि लॉकडाउन से पर्यावरण को लेकर परिस्थितियां बदली हैं। जहां तक इंडस्ट्री बेस प्रदूषण की बात है तो यह निश्चित रूप से नदियों में नहीं गया है। उद्योगों से होने वाले जल प्रदूषण और वर्तमान स्थिति का हम अध्ययन कर रहे हैं। जहां तक गंगा की बात है तो पिछले पांच साल में गंगा काफी साफ हुई है। इस समय यमुना का पानी भी साफ हुआ है, लेकिन इसका एकमात्र कारण उद्योगों का बंद होना नहीं है। पिछले दिनों बरसात का पानी भी यमुना में आया है, जिससे नदी साफ हुई है।
पश्चिमी राजस्थान में पानी की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि मैं इस परेशानी को भलीभांति समझता हूं, लेकिन हमारी संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत पानी राज्यों का विषय है। मैंने पिछले तीन दिनों में राज्यों में पानी से जुड़े अधिकारियों से बातचीत की है। इस वैश्विक आपादा के समय जल का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। कई राज्यों ने अतिरिक्त पानी की व्यवस्था की है। भविष्य में पानी की समस्या न रहे, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम इस मुहिम में जुटे हैं कि देश के प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचे। अच्छी बात यह है कि हर घर जल पहुंचाने को लेकर सभी राज्य सरकारें एकमत हैं। अब भी दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को लेकर केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि दूसरे देशों में रह रहे भारतीय छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की चिंता सरकार को है। परिस्थितियां अनूकुल होने पर यदि बाहर से लोग वापस आना चाहें तो उन्हें लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर हालात बुरे हो सकते हैं, ऐसा नहीं कहा गया है। आर्थिक हालात को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने देश में तैयारियों की बात की है। अंतरराज्यीय जल विवादों पर उन्होंने कहा कि इन्हें सुलझाने को लेकर सरकार गंभीर है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना की वैश्विक महामारी समाप्त होने के बाद हमारे पास दो तरह के अवसर होंगे। एक हम उस श्रृंखला में सबसे आगे खड़े हों कि हमने उस समय ठीक से व्यवहार किया। अपने उत्तरदायित्व को निभाया। इसके कारण हम देश में इस आपदा को फैलने से बचा सके। दूसरा यह कि हम शर्म के साथ सिर झुकाकर खड़े हों कि हमने ठीक से व्यवहार किया होता तो हम हजारों लोगों का जीवन बचा लेते। यह हमको तय करना है कि हम कौन सी पंक्ति में खड़े हैं। यह हमें तय करना है कि इतिहास में हमें किस दृष्टिकोण से याद किया जाए।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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