रेतीले धोरों पर पसरी आंचलिक विकास की चमक-दमक
सरहदी क्षेत्रों में बह रही अल्पसंख्यक कल्याण की बयार
जैसलमेर। अल्पसंख्यकों के बहुविध उत्थान के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से भरसक प्रयासों में जुटी हुई है। इस दिशा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अल्पसंख्यक मामलात विभाग अपनी कई गतिविधियों का प्रभावी संचालन कर रहा है। प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण मंत्री शाले मोहम्मद द्वारा जारी अनथक प्रयासों की बदौलत आज राजस्थान में अल्पसंख्यक कल्याण की दिशा में व्यापक एवं सार्थक उपलब्धियों का दिग्दर्शन होने लगा है। हाल के वर्षों में अल्पसंख्यक कल्याण के क्षेत्र में हुए ठोस कार्यों व महत्वांकाक्षी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का ही नतीजा है कि आज राजस्थान प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण के मामले में देश में अग्रणी प्रदेश की पहचान बनाने लगा है। प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में अल्पसंख्यक उत्थान की दिशा में बहुआयामी गतिविधियों के संचालन के साथ ही भारत-पाक अन्तर्राष्ट्रीय सरहद पर अवस्थित जैसलमेर जिले में अल्पसंख्यक मामलात विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं और कार्यक्रमों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं। खासकर वर्तमान सरकार के अब तक कार्यकाल में रिकार्ड काम हुआ है जिसने अल्पसंख्यक उत्थान के ग्राफ को बढ़ाने के साथ ही अल्पसंख्यकों को विकास की मुख्य धारा से लाभान्वित करने की दिशा में उत्कृष्ट तरक्की का दिग्दर्शन कराया है। राजस्थान मदरसा बोर्ड अधिनियम, 2020 और राजस्थान वक्फ ट्रिब्यूनल रूल्स 2020 को अधिसूचित किया जाना प्रदेश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
मदरसा शिक्षा विकास
राजस्थान मदरसा बोर्ड द्वारा जिले के 150 पंजीकृत मदरसों में 7058 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन मदरसों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, टीएलएम किट, ग्रीन बोर्ड, नक्शा, चार्ट जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। मदरसों के विकास के लिए एसपीक्यूएम व ईडमी जैसी योजनाओं से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पंजीकृत मदरसों में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं कि लिए टेबल, कुर्सी, अलमारी, दरी फर्श, ग्लोब, डिक्शनरी, ड्यूल डेस्क फर्नीचर, ग्रीन बोर्ड, बैग्स, चॉक, डस्टर एवं खेल सामग्री (क्रिकेट सेट, बैडमिन्टन सेट, फुटबाल, कैरम बोर्ड) मदरसा बोर्ड जयपुर द्वारा प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना
इस योजना में पंजीकृत मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए स्वयं की भूमि का मालिकाना हक पट्टा, रजिस्ट्री होना आवश्यक है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि राजस्थान मदरसा बोर्ड द्वारा दी जाती है जबकि 10 प्रतिशत राशि मदरसा कमेटी स्वयं वहन करेगी। इस योजना में प्राथमिक स्तर के मदरसों को 15 लाख एवं उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसों को 22 लाख रुपए धनराशि का प्रावधान है। इस योजना में जैसलमेर जिले के 44 मदरसों की पत्रावली जयपुर भिजवाई गई है। इनमें से 17 मदरसों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
आदर्श मदरसा योजना
आदर्श मदरसा योजना में जिले के 21 मदरसों का चयन किया गया है। चयनित मदरसों को स्मार्ट क्लास रूम – कम्प्यूटर मय प्रोजेक्टर लगा दिये गये हैं। वर्तमान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक से शिक्षा प्रदान की जा रही है। जिले के 36 पंजीकृत मदरसों को ड्यूल डेस्क एवं बेंच (फर्नीचर) का वितरण किया गया।
छात्रावास सुविधाओं का विकास एवं विस्तार
अल्पसंख्यक छात्रावास योजना के अन्तर्गत अल्पसंख्यक बालक-बालिकाओं को जिला मुख्यालय एवं अल्पसंख्यक बाहुल्य कस्बों में उच्च अध्ययन के अवसर एवं उचित वातावरण प्रदान करने के लिए निःशुल्क आवास, भोजन, पोशाक इत्यादि की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिले में गैर सरकारी (एनजीओ) द्वारा जिला स्तर पर बालक छात्रावास एवं ब्लॉक-मोहनगढ़, फतेहगढ़ एवं नाचना में बालक वर्ग के छात्रावास का संचालन हो रहा है। इनमें कुल 169 बालक प्रवेशित हैं।
राजकीय छात्रावास निर्माण
सम, गोमट, जैसलमेर, सांकड़ा एवं भणियाणा मुख्यालय पर राजकीय छात्रावास का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें से सम गांव में बालक-बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक छात्रावासों का निर्माण हो चुका है जबकि जिला मुख्यालय पर छात्रावास निर्माण कार्य प्रगति पर है। उपखण्ड भणियाणा में छात्रावास के लिए भूमि आवंटन हो चुका है, जहां बजट आवंटन होते ही निर्माण आरंभ कर दिया जाएगा। गोमट में छात्रावास निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके अलावा भविष्य में नाचना, मोहनगढ़ ,फलसूण्ड, फतेहगढ़ एवं रामगढ क्षेत्र में बालक-बालिका छात्रावास खोले जाने प्रस्तावित हैं।
अनुप्रति योजना
राज्य प्रवर्तित योजनान्तर्गत राजस्थान मूल के अल्पसंख्यक वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने पर विभिन्न चरणों में आगे की तैयारी के लिए सहायता राशि दी जाती है। योजनान्तर्गत संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा एवं राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा, संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के विभिन्न स्तरों पर उत्तीर्ण होने तथा कक्षा 10-12 स्कीम के अन्तर्गत 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। अनुप्रति योजनान्तर्गत सिविल सेवा परीक्षा के लिए 1 लाख रुपये तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। वर्तमान में जिले के एक विद्यार्थी को आरएएस प्री पास करने पर 25 हजार रुपए की प्रथम किश्त डीबीटी के तहत जमा करवा दी गई है।
कौशल विकास प्रशिक्षण
अल्पसंख्यक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए विभाग द्वारा राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम जयपुर के साथ एमओयू किया गया है। आरएसएलडीसी द्वारा रिटेल, भवन निर्माण ,सुरक्षाकर्मी, हॉटल, ऑटो रिपेयर, मार्केटिंग, आईटी, गारमेण्ट मेकिंग, मेडिकल आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। गत माह 41 लाभार्थियों का बैच बनाकर निदेशालय को भिजवाया गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही विभिन्न टे्रड्स में इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए आरएसएलडीसी द्वारा प्रशिक्षण प्रारम्भ कर दिया जायेगा।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके)
इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कॉमन सर्विस सेन्टर (सद्भावना मण्डप) हेतु जैसलमेर जिला मुख्यालय पर भूमि आंवटन होते ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। इसके लिए कार्यकारी एजेन्सी सार्वजनिक निर्माण विभाग को 1.39 करोड़ रुपए धनराशि का आंवटन हो चुका है।
आवासीय विद्यालय एवं राजकीय छात्रावास
भणियाणा में आवासीय विद्यालय के लिए 17 बीघा भूमि का चिह्निकरण हो चुका है जबकि पोकरण में बालक छात्रावास के समीप भूमि आंवटन की कार्यवाही जारी है। इसी प्रकार जैसलमेर जिला मुख्यालय पर बालक-बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। भणियाणा में छात्रावास के लिए भूमि का कब्जा प्राप्त कर लिया गया है जबकि पोकरण में छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
भणियाणा उपखण्ड मुख्यालय पर राजकीय कॉलेज के लिए भूमि आंवटन की प्रक्रिया जारी है। इसी प्रकार पोकरण क्षेत्र में निर्मित आईटीआई का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए कार्यवाही जारी है। सरहदी जिले जैसलमेर में अल्पसंख्यक कल्याण की दिशा में बहुआयामी प्रयासों का खा़सा असर सामने आ रहा है और अल्पसंख्यक उत्थान के क्षेत्र में ऎतिहासिक उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं। इस दिशा में प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण मंत्री श्री शाले मोहम्मद के इसी जिले के होने का लाभ भी मिल रहा है और उनके प्रयासों से जिले में अल्पसंख्यक उत्थान का सुनहरा दौर जारी है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्री हेमन्त सैनी बताते हैं कि सीमावर्ती जैसलमेर जिले में अल्पसंख्यक कल्याण के क्षेत्र में विभागीय गतिविधियां रफ्तार पर हैं और विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दृष्टि से जिला प्रदेश में अग्रणी पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।