राष्ट्रीय लोक अदालत में 324 प्रकरणों का हुआ निस्तारण
लोक अदालत न्यायपालिका का एक सशक्त माध्यम : जस्टिस भाटी
जोधपुर। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष, राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जोधपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2024 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन राजस्थान उच्च न्यायालय भवन, जोधपुर में शनिवार को किया गया।
राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव श्री अजीज खान ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ माननीय न्यायाधिपति एवं अध्यक्ष राज० उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जोधपुर डॉ० पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने दीप प्रज्जवलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत किसी तरह की कोई रेस नहीं है परन्तु लोक अदालत एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म है जहां से हम पक्षकारों के मध्य सामंजस्य स्थापित कर समाज और आमजन का उत्थान कर सकते हैं तथा हम सभी ऐसे प्रयासों को दिन-ब-दिन और अधिक सुदृढ बनाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे कि समाधान का प्लेटफॉर्म मजबूत हो। उन्होंने कहा कि मानव की मूल प्रकृति सामंजस्य बनाए रखने की है और उस मूल प्रकृति को हम जितना ज्यादा प्रबल बनाएंगे उतना ही लोक अदालत जैसा प्रबल प्लेटफॉर्म उसे जागृत करने का बेहतरीन तरीका बनेगा। जस्टिस भाटी ने कहा कि यदि आम नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागृत होगा तभी वह न्यायालय आएगा । सभी तरफ़ से ऐसा प्रयास होना चाहिए कि आमजन को उसकी परेशानियों का स्थाई समाधान मिल सके तथा सुलभ न्याय की प्राप्ति हो सके।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए माननीय उच्च न्यायालय में 05 बैंचों का गठन किया गया। जिसके तहत प्रथम बैंच में माननीय न्यायाधिपति एवं अध्यक्ष श्री फरजंद अली व अधिवक्ता सदस्य श्री निशांत बोड़ा, माननीय न्यायाधिपति एवं अध्यक्ष श्री मदन गोपाल व्यास व अधिवक्ता सदस्य श्री हरीश पुरोहित, माननीया न्यायाधिपति एवं अध्यक्ष सुश्री रेखा बोराणा व अधिवक्ता सदस्य श्री सुनील जोशी, माननीय न्यायाधिपति व अध्यक्ष श्री कुलदीप माथुर व अधिवक्ता सदस्य श्री दिलीप सिंह उदावत, माननीय न्यायाधिपति अध्यक्ष श्री योगेन्द्र कुमार पुरोहित व श्री मुक्तेश माहेश्वरी ने बतौर सदस्य सुनवाई कर पक्षकारान के मध्य समझाइश करवाकर विभिन्न प्रकृति के कुल 324 प्रकरणों का निस्तारण कर 7,69,63,722/- के अवार्ड पारित किए गए।