खालिस्तान समर्थकों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होगे
भारत पाक समर्थक खालिस्तानियों को देगा मुंहतोड़ जवाब : बिट्टा
जोधपुर। ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एम.एस. बिट्टा ने कहा कि कनाड़ा में पनप रहे खालिस्तान समर्थकों को भारत सरकार को मुंह तोड़ जवाब देना चाहिये और इसके लिये सामाजिक स्तर और विशेष कर सिख समुदाय को भारतीय होने के नाते सरकार को समर्थन देना चाहिये।
उन्होने कहा कि सिख समुदाय ने भारत की आजादी से पहले और आजादी के बाद भी देशभक्ति के नायाब उदाहरण पेश किये है तो अब वो भारत को तोडऩे के मंसूबे रखने वाले पाकिस्थान के समर्थन से पनप रहे खालिस्तान समर्थकों का खुलकर क्यों नहीं विरोध कर रहे है। वे आज जोधपुर प्रवास पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।
उन्होने कनाड़ा में खालिस्तान समर्थकों की ओर से हिन्दुस्तानियों और विशेष कर हिन्दूओं पर किये जा रहे अत्याचार और हत्याओं को लेकर कुछ हद तक कनाड़ा की सरकार को भी जिम्मेदार माना। उन्होने कहा कि जहां कनाड़ा के प्रधानमंत्री को जी सम्मेलन में भारत समर्थन देता है वहीं कनाड़ा देश भारत में खालिस्तान बनाने के नाम पर वहां पर बसे कुछ असामाजिक तत्वों को समर्थन देकर भारत की अस्मिता और अखंड़ता से खिलवाड़ कर रहा है।
उन्होने कहा कि भारत ने कनाड़ा से आने वाले और जाने वाले लोगों के लिये वीजा पर प्रतिबंध लगाया है लेकिन भारत सरकार अपने देश के नागरिकों को वहां पर भी सुरक्षा मुहैया कराने के लिये अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहल करेगा। उन्होने कहा कि एक तरफ जहां खालिस्तान समर्थक सिख समुदाय से जुड़े कुछ लोग पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवाद फैला रहे है वहीं भारत के हिन्दू, मुस्लिम, सिख और र्ईसाई के सभी वर्गो को इनका खुलकर विरोध करना चाहिये क्योंकि धर्म से पहले वो भारत के नागरिक है और उनको देशभक्ति निभाकर देश की अखंडता से खिलवाड़ करने वाले लोगों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिये। आमजनता जब इसका विरोध शुरू करेगी तो सरकार को भी ताकत मिलेगी और वो खालिस्तान समर्थकों और उनको समर्थन देने वाले देशों को मुंह तोड़ जवाब देगा।
उन्होने कहा कि कैनेडा से हिन्दू निकल जाओ इस बात का जवाब कौन देगा क्योंिक वर्तमान सरकार खालिस्तानियों के स्पोर्ट से बनी हुई है।। इसके लिये देश को एकता का परिचय देेने की जरूरत है और विशेष कर अकाल तख्त, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी आगे आकर खालिस्तानियों के खिलाफ बोलना चाहिए ।
उन्होने कहा कि सिक्ख कौम मजलुमो की मदद के लिए बनाई गई थी नकि विघटन के लिये। इसके चलते खालिस्तान कभी नहीं बनेगा। राष्ट्र प्रथम था है और हमेशा रहेगा। खालिस्तान कभी नही बनेगा। इसके लिये सभी एक स्वर में कहे कि हमे खलिस्तान नही चाहिए। अब गलतियां करने का समय नहीं। पूर्व में भी हुए ऐसे ही आंदोलनो के दौरान 6 साल में 36 हजार लोगों का कत्ल आम हुआ था।
उन्होने कहा खालिस्तानियों के देश का गद्दार बताया। और कहा कि जब तक जिन्दा हूं देश के लिए लड़ूंगा और अगर कुर्बानी भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटूगा। हिंदुस्तान को धर्मशाला नही बनने देंगे। उन्होने कहा कि केनेडा के लगाए इल्जाम को किया खारिज करते हुए कहा कि कैनेडा दूसरा पाकिस्तान बन चुका है जिसके चलते वहां पर गेंगेस्टरों, टेरिस्ट, नाको टेरिज्म का अड्डा बन गया है। वहां पर अब हर रोज खालिस्तान के नारे लगाये जा रहे है। जी 20 के बाद कनाड़ा में बैठे खालिस्तानी समर्थकों के साथ कई देश भारत के बढ़ते वर्चस्व को लेकर बौखलाएं हुए है।
उन्होने कहा कि खालिस्तान समर्थकों की ओर से कनाड़ा में मंदिरों पर हमले, करने के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्तियों को तोडक़र अमन चैन खराब करना चाहते है लेकिन इतिहास पढ़ा जाये तो सिक्ख समुदाय का काम यह नहीं हो सकात है। खालिस्तानी आंदोलन के लिए देश विरोधी ताकतें कनेड़ा की धरती का उपयोग करेंगे अपनी बात मनवाना चाहते है लेकिन यह कभी भी संभ नहीं होगा।