मारवाड़ का महाकुंभ भोगीशैल परिक्रमा यात्रा की तैयारियां पूरी

आज जागरूकता रैली निकाली जाएगी तथा शुक्रवार को घंटाघर प्रांगण से भोगीशैल परिक्रमा यात्रा रवाना होगी

जोधपुर। हिंदू सेवा मंडल की ओर से आयोजित मारवाड़ का महाकुंभ भोगीशैल परिक्रमा यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार को विधि-विधान से पूजन कर घंटाघर प्रांगण स्थित मंडल कार्यालय पर ध्वज स्थापित किया गया, वहीं गुरुवार को जागरूकता रैली निकाली जाएगी तथा शुक्रवार दोपहर को गाजे-बाजों के साथ घंटाघर प्रांगण से रवाना होगी।
भोगीशैल परिक्रमा यात्रा आयोजन समिति के सचिव विष्णुचंद्र प्रजापति ने बताया कि गत यात्रा के दौरान वैश्विक महामारी के चलते प्रतीकात्मक यात्रा निकाली गई थी, जिसमें सिर्फ मंडल पदाधिकारी ही शामिल हुए थी।

आमजन के लिए छह वर्ष बाद सैनाचार्य स्वामी अचलानंद गिरि महाराज व सूरसागर रामद्वारा के महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज के सान्निध्य तथा राजस्थान मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा, राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, महापौर कुंती परिहार, जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन 28 जुलाई से 3 अगस्त तक आयोजित हो रही इस परिक्रमा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। बुधवार को स्वयंसेवकों को दिए जाने वाले टीशर्ट का विमोचन व दिशा-निर्देश संबंधी पेम्फ्लेट का विमोचन किया गया। इस मौके कोषाध्यक्ष राकेश गौड़, मुख्य मेला व्यवस्थापक मदन सैन, लिखमीचंद किशनानी, प्रेमराज खींवसरा, तुलसीदास वैष्णव, नरेंद्र गहलोत, दिनेश रामावत, हनवंतराज गाच्छा, महेंद्र सिंह तंवर, गौरीशंकर गांधी, ताराचंद शर्मा, महेश गहलोत, यतिंद्र प्रजापत आदि मौजूद थे।

यात्रा का मार्ग
संयोजक कैलाश जाजू ने बताया कि

28 जुलाई शुक्रवार दोपहर 3:15 बजे गाजे-बाजे के साथ परिक्रमा यात्रा रवाना होगी। यात्रा घंटाघर, तीजा माता मंदिर, घासमंडी, सोजती गेट, नई सड़क, पुलिस लाइन, भाटिया चौराहा, पहुचेगा, श्रद्धालु होटल इंडाणा होते हुए बिछड़िया गजानंद मंदिर पहुंचेगी। यहां पूजा-अर्चना के बाद यात्री पुन: भाटिया चौराहा पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम यहीं पर करेंगे।
29 जुलाई को सुबह भाटिया चौराहा से रवाना होकर श्रद्धालु रिक्तिया भैरुजी, मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर, पाल लिंक रोड, जूना खेड़ापति, सैन बगेची होते हुए चौपासनी स्थित श्याम मंदिर पहुंचेगी तथा रात्रि विश्राम चौपासनी गांव में ही होगा।
30 जुलाई को चौपासनी से रवाना होकर हथकरघा भवन, दंताल माता, श्रीजी बैठक, कच्छवाह चौराहा से होते हुए पहाड़ी मार्ग से गुजरेगी। तत्पश्चात अरना-झरना, भदरेसिया, कदमकंडी होते हुए बड़ली भैरुजी पहुंचेगी और रात्रि विश्राम करेगी।
31 जुलाई को सुबह यात्रा प्रारंभ होकर सोढ़ों की ढाणी, रूपावतों का बेरा, भूरी बेरी, वृहस्पति कुंड होते हुए बैद्यनाथ मंदिर पहुंच रात्रि विश्राम करेगी।
1 अगस्त को सुबह बैद्यनाथ से यात्रा प्रारंभ होगी, जो मंडलनाथ महादेव, कुंडली माता, बीएसएफ, जोगी तीर्थ, दईजर माता से पहाड़ी मार्ग होते हुए बेरी गंगा पहुंच रात्रि विश्राम वहीं करेगी।
2 अगस्त को सुबह यात्रा रवाना होकर निंबली, नींबा तीर्थ, रेलवे स्टेशन, बालाजी मंदिर होते हुए मंडोर उद्यान पहुंचेगी तथा दिनभर विश्राम करेगी।
3 अगस्त को सुबह परिक्रमा रवाना होकर संतोषी माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, शेखावत बालाजी, उम्मेद भवन, रातानाड़ा गणेश मंदिर, पुलिस लाइन, सोजती गेट, कंदोई बाजार, कपड़ा बाजार, जूनी मंडी, गंगश्याम जी मंदिर तत्पश्चात पुन: घंटाघर स्थित मंडल कार्यालय पहुंच संपन्न होगी।

300 से ज्यादा स्वयंसेवक करेंगे सेवा
मुख्य मेला व्यवस्थापक मदन सैन ने बताया कि आयोजन समिति की ओर से विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 300 स्वयंसेवक 24 घंटे तैनात रहेंगे। जिसमें पीले टीशर्ट में 150, भगवा टीशर्ट में 75, सफेद टीशर्ट में 50 व खाकी वर्दी में 50 पुरुष व 35 महिला स्वयंसेवक सहित अनेक कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से सेवाएं देंगे।

टेबल कुर्सी पर बैठाकर करवाएंगे भोजन
कोषाध्यक्ष राकेश गौड़ ने बताया कि आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सेवार्थ टेंट, टेबल कुर्सी पर बैठाकर निशुल्क भोजन, सुबह व शाम को चाय नाश्ता, मोबाइल चार्जिंग, पेयजल के लिए पानी, नहाने-धोने के लिए पानी के टैंकर, वृद्ध यात्रियों के लिए मिनी बस की व्यवस्था, सभी पड़ाव स्थलों पर सत्संग व भजन संध्या, प्रतिदिन शाम को महा आरती, प्राथमिक उपचार, निशुल्क दवाइयां सहित अनेक प्रकार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

यात्रियों का सामान आवागमन के लिए टोकन व्यवस्था
यात्रियों का सामान एक पड़ाव से दूसरे स्थल तक पहुंचाने के लिए भी आयोजन समिति की ओर से श्वेत वस्त्र धारियों की एक टीम पड़ाव स्थल पर तैनात रहेगी। इसके लिए 25 हजार टोकन का सेट तैयार किया गया है। एक टोकन यात्री के पास तथा दूसरा सामान पर लगाया जाएगा। अगले पड़ाव स्थल पर टोकन का मिलान कर यात्री समान प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त पैदल चलन में असमर्थ यात्रियों के लिए मिनी बसों की भी व्यवस्था की गई है।

विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी नियुक्त
तुलसीदास वैष्णव को शिविर व्यवस्था, प्रेमराज खींवसरा को भोजन, सोहन सैन को टेंट, महेश गहलोत को जल, महेंद्र सिंह तंवर को रोशनी, दीनदयाल पुरी को चिकित्सा, गौरीशंकर गांधी को सत्संग व्यवस्था, नरेंद्र गहलोत को यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। ताराचंद शर्मा को ध्वज प्रभारी व स्वयंसेवक मंत्री नियुक्त किया गया।

सात पड़ाव स्थलों के प्रभारी नियुक्त
इस बार यात्रा के दौरान नवाचार करते हुए सात पड़ाव स्थलों के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसी कड़ी में रातानाडा में पन्नालाल प्रजापत, गणपत सिनावड़िया, चौपासनी में हिमांशु पुरोहित, गोविंद पुरोहित, बड़ली में भरत सिंह राजपुरोहित, लूणाराम प्रजापत, वैद्यनाथ में कैलाश गिरि, बेरीगंगा में दीनदयाल दवे, दीनदयाल ओझा, मंडोर में लक्ष्मण सिंह सोलंकी व प्रमोद गहलोत को प्रभारी बनाया गया है। इन प्रभारियों के नेतृत्व में पड़ाव स्थलों पर साफ-सफाई, झाड़ियों की कटिंग, जलाशयों व जल कुंडों की साफ-सफाई का कार्य जोरों पर चल रहा है।

28 से अधिक विभागों का रहेगा सहयोग
यात्रा के दौरान मेला प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट, नगर निगम उत्तर, नगर निगम दक्षिण, जोधपुर विकास प्राधिकरण, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जिला परिषद, मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग, आयुर्वेद विभाग, जोधपुर वितरण निगम लिमिटेड, जलदाय विभाग, शिक्षा विभाग माध्यमिक, शिक्षा विभाग प्रारंभिक, स्काउट गाइड, उद्यान विभाग, देव स्थान विभाग, वन विभाग, खनिज विभाग, नागरिक सुरक्षा, पंचायत समिति केरू, पंचायत समिति मंडोर, सरस डेयरी, जिला संपर्क विभाग, कोर कमांडर मिलट्री, बीएसएफ, आकाशवणी व दुरदर्शन भागीदारी निभाएंगे।

विश्राम स्थलों के लिए प्रभारी नियुक्त
यात्रियों को अधिकाधिक सुविधाएं देने तथा प्राकृतिक आपदा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए मार्ग प्रभारी बनाए गए हैं। इसमें रातानाडा में गणपत सिनावड़िया, चौपासनी में हिमांशु पुरोहित (सोनू) व गोविंद पुरोहित बड़ली में भरतसिंह राजपुरोहित, लूणाराम प्रजापत, बैद्यनाथ में कैलाश गिरि, बेरीगंगा में दीनदयाल दवे व दीनदयाल ओझा, मंडोर में प्रमोद गहलोतको यह जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।

मार्ग प्रभारियों को सौंपी जिम्मेदारियां
चौपासनी के लिए पप्सा परिहार, कच्छवाह चौराहा से अरना के लिए गुमानसिंह भाटी, झरना से भदरेसिया ओमप्रकाश परिहार, भदरेसिया से कदमकंडी पप्पू पुरी, भदरेसिया मंदिर से आड माता मंदिर जेठाराम, कदमकंडी सुखराम, रूपावतों का बेरा जसवंतसिंह सोढ़ा, सोढ़ा ढाणी हरीश सोलंकी, केरु रोड़ पार्षद भंवरलाल, भूरी बेरी पार्षद भागीरथ मेघवाल, वृहस्पति कुंड भंवरलाल, कुंडली माता शंभुनाथ, जोगीतीर्थ-दईजर माता रामेश्वर पुरी, दईजर माता-बेरी गंगा धर्मेंद्र गिरि, नींबा-मंडोर महेंद्र गहलोत, मंडोर अजय अरोड़ा को जिम्मेदारी सौंपी गई।

उम्मेद भवन में राज परिवार करेगा श्रद्धालुओं का स्वागत
3 अगस्त को सुबह शेखासर जी तालाब होते हुए यात्री उम्मेद भवन पहुंचेंगे। वहां पर पूर्व नरेश गजसिंह, महारानी हेमलता राजे, युवराज शिवराज सिंह, युवरानी गायत्री परिवार, बाईजीलाल शिवरंजनी व राज परिवार के अन्य सदस्य श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा से स्वागत करेंगे। साथ ही ध्वज पूजन कर आयोजन समिति के पदाधिकारियों का स्वागत अभिनंदन करेंगे।

इन संस्थाओं का रहेगा सहयोग
कार्यकारी अध्यक्ष लिखमीचंद किशनानी ने बताया कि श्री मित्र सेवा समिति, श्री कृष्ण हिंदू सेवा समिति, अग्रवाल सेवा समिति, अग्रसेन सेवा समिति, ब्राह्मण स्वर्णकार सेवा समिति, गुरु कृपा जीव जंतु पक्षी कल्याण सेवा समिति, गांच्छा समाज सेवा समिति, मेघवाल समाज सेवा समिति, श्रीराम व्यायामशआला, सैन समाज पुरबिया सेवा संस्थान, सुदर्शन सेवा समिति, कृषि उपज मंडी व्यापार संघ, मंडोर, प्रेमकिशोर अग्रवाल होम्योपैथी सेवा समिति, भारत सेवा संस्थान, भारत विकास परिषद, बाबा रामदेव सेवा समिति, जय सहकार बाबा रामदेव सेवा समिति, शिव प्याऊ, रांकावत ब्राह्मण समाज, मारवाड़ दुग्ध उत्पादक सेवा संघ, घांची समाज, खंडेलवाल वैश्य समाज समस्त हिंदू लखारा समाज, बालाजी सेवा मंडल चौखी, श्री गणेश सेवा समिति, मांगीचंद भंडारी एंड संस, श्री मिश्रीलाल परमार्थ सेवा मंडल, लालसागर, मित्र सेवा संस्थान, परोपकार चेरिटेबल संस्थान, शिव सेवा समिति, मोबाइल वैन चिकित्सा, बालाजी सेवा समिति, लौंगमल भैरवानी मेमोरियल ट्रस्ट, हर्ष केटरिंग, मित्र सेवा समिति, श्री सनातन धर्म सेवा मंडल, शिव प्याऊ, श्री गणेश सेवा समिति, पचेटिया भगवा ग्रुप, नारायण सेवा समिति, मंडोर, मित्र मंडल सेवा समिति, लालसागर, सनातन सेवा समिति, शिव सेवा समिति, सालगराम परिहार नाडी सेवा समिति, रामद्वारा जयपुर, रामद्वारा जगत जलगांव द्वारा संचालित, रामद्वारा जयपुर, श्रीजी गेस्ट हाउस, मानव अधिकार सेवा संघ, नृसिंह उद्यान सेवा समिति, जेएमजे हैल्थ केयर व सोना हॉस्पिटल एवं सहित अनेक संस्थाएं भागीदारी निभाएंगे।

मार्ग में मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की करेंगे आवभगत
बिछड़या गजानंद मंदिर में राजेंद्र वैष्णव, बाबा रामदेव मंदिर मसूरिया में नरेंद्र सिंह चौहान, जूना खेड़ापति हनुमान मंदिर में कमलेश पुरोहित, सैन मंदिर, नाईयों की बगेची में बन्नाराम पंवार, श्याम मनोहर मंदिर चौपानसी में विनोद थानवी, सुंदर बालाजी में हिमांशु पुरोहित, अरणा मंदिर में कैलाश गिरि, भदरेसिया आड माता मंदिर में जेठाराम, कदमकंडी में सुखराम, बड़ली भैरुजी में भैरु पुरी, वृहस्पति कुंड में छोटसा, बैद्यनाथ महादेव मंदिर में कैलाश नाथ, मंडलनाथ महादेव मंदिर में प्रेम कुमार जोशी, कुंडली माता मंदिर में शंभु नाथ, जोगी तीर्थ में रामेश्वर पुरी, दईजर माता मंदिर में धर्मेंद्र गिरि, बैरु गंगा में दीनदयाल दवे, सूर्य मंदिर नींबा तीर्थ में संत अरुणदास, मुक्तेश्वर महादेव मंदिर नींबड़ी धाम में राज गहलोत, भुवनेश्वरी माता मंदिर में प्रदीप कच्छवाह, संतोषी माता मंदिर में देवीचंद सांखला, शीतला माता मंदिर में निर्मल कच्छवाह, शेखावतजी तालाब में केवलदास, रातानाडा गणेश मंदिर महेश अबोटी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं की आवभगत की जाएगी।

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