सुरपुरा बांध में डूबे तीन युवकों के शवों को बरामद करने में सफलता प्राप्त की
एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम ने
जोधपुर। पुलिस कन्ट्रोल रूम जोधपुर से एसडीआरएफ कन्ट्रोल रूम राजस्थान को रविवार दोपहर 12:10 बजे सूचना मिली कि पुलिस थाना मण्डोर आयुक्तालय जोधपुर के अन्तर्गत सुरपुरा बांध में तीन युवक डूब गये है। जिस पर एसडीआरएफ एक रेस्क्यू टीम आवश्यक साजो सामान के साथ अविलम्ब घटनास्थल पहुँची।
प्राप्त सूचना पर एसडीआरएफ कन्ट्रोल रूम द्वारा कमाण्डेन्ट राजकुमार गुप्ता के निर्देशानुसार आपदा राहत हेतु एफ कम्पनी जोधपुर की कम्पनी मुख्यालय पर तैनात रेस्क्यू टीम एफ-6 के प्रभारी हैड कानि0 बीरबल सिंह को अविलम्ब घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। रेस्क्यू टीम एफ-4 प्रभारी 11 जवानों की टीम तथा आपदा राहत उपकरणों के साथ दोपहर 12:20 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हुए। दोपहर 12:40 बजे घटनास्थल पर पहुँचकर टीम कमाण्डर ने स्थिति का जायजा लिया तथा एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट को बताया कि पुलिस थाना मण्डोर आयुक्तालय जोधपुर के अन्तर्गत सुरपुरा बांध पर छ: युवक घूमने गये थे उनमें से पाँच युवक पैर फिसलने के कारण बांध में डूब गये। दो युवकों को बांध पर बोटिंग करवाने वाले गोताखोरों ने जीवित बाहर निकाल लिया तथा तीन की तलाश सिविल डिफेंस की टीम कर रही है। सिविल डिफेंस टीम को अभी तक सफलता नहीं मिल पायी है। बांध की लम्बाई 800 मीटर, चौडाई 600 मीटर तथा गहराई लगभग 20 फीट है। एसडीआरएफ राजस्थान कमाण्डेन्ट ने टीम कमाण्डर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये एवं गणपति महावर डिप्टी कमाण्डेन्ट तथा गुलाबाराम कम्पनी कमाण्डर को ऑपरेशन के निकटतम सुपरवीजन हेतु नियुक्त किया। टीम कमाण्डर के निर्देश पर रेस्क्यू टीम के जवानों महेन्द्र जाजडा, वाला राम, नत्थी लाल, अर्जुनराम, तेजाराम, बत्तीलाल, राजेश कुमार, संजय मेहरा, दौलतराम तथा दलपत सिंह ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले लाईन तथा जीक जैक सर्च तकनीक से बांध में गोता लगाकर सर्च किया। उसके बाद बांस तथा लाईफ बॉय की मदद से गहन सर्च ऑपरेशन चलाया। रेस्क्यू टीम को पूर्ण लगन एवं कडी मेहनत से अल्प समय में ही दोपहर एक बजे सफलता मिल गयी तथा टीम ने सूरपुरा बांध में डूबे तीनों युवकों 1. इब्राहिम पुत्र अब्दूल गफार उम्र 20 वर्ष, 2. इस्माइल पुत्र शौकत खां उम्र 21 वर्ष, 3. नौशाद पुत्र रियाज खां उम्र 18 वर्ष सभी निवासी प्रतापनगर जोधपुर शहर के शवों को बरामद कर स्थानीय प्रशासन को सुपुर्द कर दिया। ैक्त्थ् रेस्क्यू टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मात्र 20 मिनट के सर्च ऑपरेशन में तीनों युवकों के शवों को बरामद कर शौर्य का परिचय तो दिया साथ ही एसडीआरएफ के स्लोगन ‘‘आपदा सेवार्थ कटिबद्धता’’ को पूर्णरूप से चरितार्थ किया है। मौके पर मौजूद स्थानीय प्रषासन के अधिकारी हिमांशु गुप्ता जिला कलक्टर, श्रीमती अमृता दुहन डी0सी0पी0 पूर्व, राजेन्द्र प्रसाद देवाकर सी.ओ.मण्डोर, मनीष देव थानाधिकारी पुलिस थाना मण्डोर मय जाप्ता तथा स्थानीय नागरिकों ने धन्यवाद दिया तथा रेस्क्यू टीम के कार्य की सराहना की।