अब तक 102 स्वस्थ होकर हुए डिस्चार्ज
सेवा भारती समाचार
जोधपुर। जिले में अब तक 17 हजार सैम्पल लिए जा चुके है, जिनमें से 13 हजार से अधिक जोधपुर शहर में सैम्पल लिए गए है। अब तक कोविड-19 के 102 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके है व 292 मरीज अभी भर्ती है। जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि बृहद स्पर पर डिस्पेंसरी में सैम्पलिंग कार्य हो रहा है। डिस्पेंसरी में बुलाकर सैम्पलिंग हो रही है। उन्होंने बताया कि हाईरिस्क या खांसी, जुकाम, बुखार वाले लोगो की स्थानीय डिस्पेंसरी पर सैम्पलिंग हो रही है। उन्होंने बताया कि सर्वे में आने वाले बीएलओं व एएनएम को बतायेंगे तो उनके द्वारा एम्बुलेंस में लेजाकर नजदीकी डिस्पेंसरी में सैम्पलिंग करवा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा जांच होगी तो जल्दी ही संक्रमण की पहचान होगी व इलाज भी समय पर हो सकेगा व संक्रमण चेन को तोड़ा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि शहर के प्रत्येक वार्ड में बड़े स्तर पर सैम्पलिंग की जा रही है। शहर को सात जोन में बांटकर एक एक इंसीडेंट कमिश्नर व एक वरिष्ठ चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में वहां प्रतिदिन सर्वे द्वारा चिन्हित लोगों को नजदीकी सार्वजनिक स्थान पर डिस्पेंसरी स्तर पर सेम्पल करवा रहे है। जिला कलक्टर ने बताया कि पूरे शहर में दो तीन बार डोर टू डोर सर्वे किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आईएलआई लक्षण वाले लोगों के अतिरिक्त हाईरिस्क लोगों को भी चिन्हित किया है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु, क्रानिक डिजीज, गर्भवती महिलाओं को हाईरिस्क केटेगरी माना गया है, इन लोगों पर एएनएम, बीएलओ द्वारा निरन्तर निगरानी रखी जा रही है। इनके द्वारा डोर टू डोर सर्वे के साथ ही ऐसे लोगो का व्हाटसअप ग्रुप भी बनाया जा रहा है जो इन लोगों में लक्षण आते ही सेल्फ रिपोर्टिग कर सकेव उन्हें सैम्पल लेने के लिए समय व स्थान से अवगत कराया जा सके।
जिला कलक्टर ने बताया कि आई बी आर कॉलिंग का तरीका भी अपनाया है। इसके तहत ऐसे चिन्हित व्यक्तियों को कॉल करके लक्षण की जानकारी ली जाती है। जिला कलक्टर ने बताया कि जोधपुर में शुरूआत में पॉजिटिव केस 50 से 100 होने व 100 से 200 होने में 4-4 दिन लेगे, परन्तु 200 केसेज को 400 होने में 9 दिन का समय लगा, यह राहत वाली बात है। उन्होंने बताया कि मास्क पहनना व सोशल डिस्टेंसिंग रखना भी इसका कारण रहा है। लोगों में जागरूकता इसका कारण है। उन्होंने बताया कि पहले चार दिन में केसेज दुगने होते थे व अब बढने की दर नियंत्रण में आयी है। अब केवल 6-7 प्रतिशत वृद्धि हो रही है। 102 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके।