एक मई से समर्थन मूल्य पर होगी सरसों एवं चना की खरीद

  • 782 खरीद केन्द्र किए स्थापित, सीधी खरीद के लिए 1426 प्रोसेसिंग यूनिट को लाइसेंस जारी

सेवा भारती समाचार 

जोधपुर। प्रमुख शासन सचिव सहकारिता एवं कृषि नरेश पाल गंगवार ने कहा कि राज्य में 1 मई से 782 खरीद केन्द्रों पर सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों के खरीद केन्द्रों की तुलना में दुगुने से अधिक केन्द्र स्थापित कर किसानों को अपने खेत के नजदीक उपज बेचान की व्यवस्था दी गई है। कोटा संभाग में 16 अप्रेल से जारी समर्थन मूल्य पर 5500 से अधिक किसानों से 19 हजार 412 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। उन्होंने खरीद कार्य में लगे सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों की हौसला अफजाई की।गंगवार जयपुर में कृषि पंत भवन में समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चना की होने वाली खरीद के संबंध में जिला स्तर पर सहकारिता एवं कृषि के अधिकारियों को वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 90 दिनों तक होने वाली खरीद में 16.62 लाख मीट्रिक टन सरसों एवं चना की खरीद की जानी है। उन्होंने कोविड-19 की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपादित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 1 मई से पुन: पंजीयन भी प्रारंभ किया जा रहा है। अत: सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखे। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि किसानों से सीधी खरीद हेतु 136 मुख्य अनाज मंडियों में से 130 मंडियों, 296गौण मंडियों में से 280 मंडियों ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। 1426 कृषि प्रसंस्करण यूनिट को लाइसेंस जारी हो चुके है। जिसमें से 897 कार्य कर रहे है तथा 560 गौण मंडियां घोषित जीएसएस एवं केवीएसएस में से 220 ने भी कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि कफ्र्यू क्षेत्र को छोडकर शेष क्षेत्र में समन्वय बनाकर किसानों से सीधी खरीद हेतु प्रोत्साहित किया जाए एवं अक्रियाशील गौण मंडियों को सक्रिय किया जाए। गंगवार ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों को भी लाइसेंस दिए जाए। उन्होंने कहा कि खरीद की विकेन्द्रीकरण व्यवस्था से किसानों को फायदा मिलेगा एवं जीएसएस तथा केवीएसएस की आमदनी में बढोतरी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रोसेसिंग इकाईयों को सुविधा एवं मदद प्रदान करे ताकि किसानों को प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य पर सीधी खरीद का लाभ मिल सके। उन्होंने हिदायत दी कि किसानों के साथ ठगी नही होनी चाहिए। अत: किसानों को भी जागरूक करे। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर पहली बार स्थापित किये गये खरीद केन्द्रों पर विशेष फोकस करे ताकि सकारात्मक माहौल में खरीद हो सके। उन्होंने खरीद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजर, केन्द्रों पर लाइनिंग एवं रिंग बनाने एवं मास्क के उपयोग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि 1 लाख से अधिक किसानों को 250 करोड रूपये से अधिक का सहकारी फसली ऋण वितरित हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि फसली ऋण वितरण के दौरान जारी किये गये दिशा-निर्देशों का पालन करे। राजफैड की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा ने कहा कि कोटा संभाग में किसानों को 37 करोड़ रूपये का भुगतान हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को 3 से 4 दिन में भुगतान हो सके इसके लिए ईडब्लूआर को शीघ्र भिजवायें। उन्होंने हैडलिंग एवं ट्रांसर्पोटेशन के टेण्डर पारदर्शिता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक महीने तक की खरीद के लिए बारदाने की व्यवस्था हो चुकी है तथा भंडारण हेतु गोदामों की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 1 मई से खरीद हेतु किसानों को एसएमएस जा चुके है। उन्होंने आपसी समन्वय पर कार्य करने के निर्देश दिए।
कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक, ताराचंद मीणा ने क्षेत्रीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश कि जिनको लाइसेंस जारी किये है वे धरातल पर कार्य करे। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव आने पर और गौण मंडियां घोषित की जाएगी। उन्होंने केन्द्रों पर छाया-पानी एवं बिजली पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रथम रशिम गुप्ता ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेन्टर एवं गोदाम निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव भिजवायें। अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय जीएल स्वामी ने कहा कि गंगानगर जिले की गौण मंडी घोषित सहकारी समितियों ने अच्छा कार्य कर 85 हजार क्विटंल गेहूं खरीदा है। उन्होने मंडी नियमों के अनुरूप खरीद के निर्देश दिए है। वीसी के दौरान कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश भी उपस्थित थे।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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