स्वास्थ्य – Sevabharati News https://sevabharati.co.in Latest News Channel Sat, 02 Aug 2025 14:00:21 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.2 https://sevabharati.co.in/wp-content/uploads/2020/12/seva-bhara-logo-new.jpg स्वास्थ्य – Sevabharati News https://sevabharati.co.in 32 32 158664721 मैरिंगो सिम्स हॉस्पिटल ने डॉ. के.सी. मेहता के साथ साझेदारी कर ऑर्थोपेडिक सेवाओं को दी नई ऊंचाई https://sevabharati.co.in/archives/52414 https://sevabharati.co.in/archives/52414#respond Sat, 02 Aug 2025 14:00:21 +0000 https://sevabharati.co.in/?p=52414 जोधपुर। मैरिंगो सिम्स हॉस्पिटल, अहमदाबाद और चंद्रा नी क्लिनिक के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर में 360 नी क्लिनिक का शुभारंभ शनिवार, 2 अगस्त को होटल श्रीराम इंटरनेशनल, रेजीडेंसी रोड पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर विश्व प्रसिद्ध नी रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. के.सी. मेहता की टीम में औपचारिक भागीदारी की घोषणा की गई।

डॉ. मेहता, जिन्हें नी जॉइंट डिज़ाइन करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर सहित कई देशों में 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पेटेंट प्राप्त हैं, अब मैरिंगो सिम्स की मेडिकल टीम के हिस्से बन गए हैं। उनकी यह भागीदारी राजस्थान में जॉइंट रिप्लेसमेंट चिकित्सा के लिए एक नया अध्याय साबित होगी।

डॉ. मेहता को कुसिएट-रिटेनिंग हाई-फ्लैक्स तकनीक के अग्रणी वैश्विक विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है, जो बेहतर मोबिलिटी और तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है। हाल ही में उन्हें पश्चिम भारत में एडवांस्ड *BPK-5 सिरेमिक नी* इम्प्लांट करने वाले पहले सर्जन के रूप में भी मान्यता प्राप्त हुई है।

360° नी क्लिनिक** का उद्देश्य एक ही स्थान पर घुटनों और जोड़ों से जुड़ी सभी समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान प्रदान करना है। इस क्लिनिक में बिना पोस्ट-ऑपरेटिव फिजियोथेरेपी के हज़ारों सफल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी डॉ. मेहता की तकनीक की सफलता को दर्शाते हैं।

डॉ. मेहता ने 25 से अधिक देशों के मरीज़ों का सफल इलाज किया है और वह लंदन, लिवरपूल व भारत के कई प्रमुख अस्पतालों में सेवा दे चुके हैं। अपने चिकित्सीय योगदान के साथ-साथ वे एक समर्पित समाजसेवी भी हैं, जो अपने पिता श्री चंद्रशंकर मेहता की स्मृति में स्थापित ट्रस्ट के माध्यम से स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं।

डॉ. मेहता ने प्रेस वार्ता में कहा कि “हमारी तकनीक मरीजों को बिना फिजियोथेरेपी के ही बेहतर जीवन जीने में सक्षम बनाती है। संक्रमण दर भी विश्व में सबसे कम है।”

जोधपुर में स्थापित हुआ यह क्लिनिक अब राजस्थान ही नहीं, पूरे एशिया-पेसिफिक क्षेत्र में आधुनिक ऑर्थोपेडिक उपचार का केंद्र बनकर उभरेगा।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/52414/feed 0 52414
ब्रेन डेडे रोगी के परिजनों से कई घरों के चिराग बच सकते है : डा. सुरेन्द्रसिंह https://sevabharati.co.in/archives/52356 https://sevabharati.co.in/archives/52356#respond Fri, 01 Aug 2025 12:36:18 +0000 https://sevabharati.co.in/?p=52356 जोधपुर। भारत सरकार के दिशा निर्देश अनुसार जुलाई माह को अंगदान जागरूकता माह  के रूप में मनाया जा रहा है। इसी संदर्भ में आज डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज की ट्रांसप्लांट टीम के सदस्यों के द्वारा ऐश्वर्या कॉलेज, कमला नेहरू नगर जोधपुर में अंग दान जागरूकता लेक्चर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नेफ्रोलॉजी विभागध्यक्ष डॉक्टर सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अंगदान केवल वेंटिलेटर पर रहे ब्रेन डेड मरीज से ही लिया जा सकता है।  उन्होंने ब्रेन डेड  मरीज को चिन्हित करने की कानूनी और मेडिकल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी छात्र- छात्राओं को दी। यह आज के समय में सबसे बड़ा पुण्य का कार्य साबित हो सकता है क्योंकि किसी ब्रेन डेड रोगी के परिजनों द्वारा लिया गया यह निर्णय कई घरों के बुझते चिरागों को नया जीवन और नई रोशनी प्रदान कर सकता है। सिर्फ सरकार के द्वारा चिन्हित अस्पतालों में पूर्व निर्धारित चिकित्सक कमेटी द्वारा घोषित ब्रेन डेड रोगियों से ही अंग लिऐ जा सकते हैं और यह अंग कम से कम 9 से 11 लोगों की जान बचा सकते हैं।
यूरोलॉजी विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर गोवर्धन चौधरी ने अंगदान की ऑनलाइन शपथ के बारे में विस्तार से बताया। अंगदान  की शपथ भारत सरकार की वेबसाइट पर ली जा सकती है। इस प्रक्रिया में आधार ओटीपी की जरूरत पड़ती है और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने पर डिजिटल सर्टिफिकेट भी मिलता है जिसका इस्तेमाल लोग सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाने के लिए कर सकते हैं।
हालांकि अंगदान की परिस्थिति अगर किसी परिवार के सामने आती है तो परिजनों की सहमति ली ही जाती है और शपथ लेने पर भी अंगदान की विधिक प्रक्रिया और सहमति में कोई फर्क नहीं आता है ।इस अवसर पर सौ से अधिक विद्यार्थियों ने अंगदान की ऑनलाइन शपथ ली ।अंत में कार्यक्रम का धन्यवाद संबोधन करते हुए कॉलेज लॉ डिपार्टमेंट की शिक्षिका डॉ नीलिमा जी ने सभी  का आभार प्रकट किया।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/52356/feed 0 52356
जीत मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल में ब्लड सेंटर शुरू https://sevabharati.co.in/archives/47914 https://sevabharati.co.in/archives/47914#respond Tue, 16 Jul 2024 11:48:03 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=47914 रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं

Gulam Mohammed, Editor, Seva Bharati News

जोधपुर। रक्तदान ना सिर्फ एक मनुष्य के जीवन को बचाता है बल्कि इससे सुकून भी बहुत मिलता है। रक्तदान से बढ़कर कोई भी दान नहीं है। इसलिए जब भी किसी जरूरतमंद को रक्त की जरूरत हो हमें बढ़-चढ़कर रक्तदान करना चाहिए। यह बात स्थानीय मोगड़ा स्थित जीत मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल में ब्लड सेंटर का उद्घाटन करते हुए अतिथियों ने कही।

हाॅस्पिटल की अधीक्षक डाॅ रंजना माथुर ने बताया कि डाॅ अभिषेक सोनी, डॉ. मधु सिंघल, डॉ. दीपक वर्मा एवं अन्य सभी संकाय सदस्यों और स्टाफ सदस्यों की उपस्थिति में ब्लड सेंटर का उद्घाटन किया गया। उन्होंने बताया कि हाॅस्पिटल के विस्तार और यहां आने वाले मरीजों को कई बार इलाज के दौरान आपातकालीन स्थितियों में खून चढाने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए हाॅस्पिटल प्रशासन की ओर से इस सेंटर की स्थापना की गई है। इसकी स्थापना के बाद अब मरीजों को अब आपातकाल में हाॅस्पिटल में ही ब्लड उपलब्ध हो जाएगा। डाॅ माथुर ने बताया कि उद्घाटन समारोह के बाद रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें हाॅस्पिटल के स्टाफ के साथ मौजूद लोगों ने भी बढ़-चढ़कर रक्तदान किया।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/47914/feed 0 47914
पश्चिमी राजस्थान को मिला पहला निजी मेडिकल कॉलेज https://sevabharati.co.in/archives/47700 https://sevabharati.co.in/archives/47700#respond Sun, 07 Jul 2024 12:12:59 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=47700 व्यास मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश की अनुमति

Gulam Mohammed, Editor, Seva Bharati

जोधपुर। सूर्यनगरी के लोगों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है कि उनके शहर में पश्चिमी राजस्थान का पहला निजी क्षेत्र का मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है । व्यास मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को सत्र 2024-25 के लिए एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिल गई है । हाल ही में हुए एनएमसी के इंस्पेक्शन में सभी मापदंड़ों पर खरा उतरते हुए व्यास मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है । यह जानकारी रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में व्यास ग्रुप के चेयरमैन मनीष व्यास ने दी ।

उन्होंने बताया कि यह पश्चिमी राजस्थान व जोधपुर का पहला निजी क्षेत्र का मेडिकल कॉलेज है । वर्ष 2024-25 के लिए 113 संस्थाओं ने मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए आवेदन किया था । राजस्थान से निजी व सरकारी कॉलेज मिलाकर 12 संस्थाओं ने आवेदन किया था । राजस्थान में केवल दो मेडिकल कॉलेजेज को ही NMC ने परमिशन दी है । जबकि देश भर में 44 कॉलेज को परमिशन दी गई है ।

व्यास मेडिसिटी के डायरेक्टर डॉ. अशोक राठौड़ ने बताया कि व्यास मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 735 बेड की सुविधा है । इसके अलावा 12 ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, एनआईसीयू, सीसीयू, कार्डिक मरीजों के लिए कैथ लैब के अलावा ब्लड बैंक की भी सुविधा है ।

व्यास मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. के सी अग्रवाल ने बताया कि जोधपुर से मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक बच्चों को अब उनके शहर में सुविधायुक्त एक प्राइवेट कॉलेज में बेहतरीन शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक माहौल मिलेगा । शहर से बाहर के प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बॉयज व गर्ल्स हॉस्टल अलग-अलग की सुविधा कॉलेज कैम्पस में ही उपलब्ध है ।

व्यास मेडिसिटी की मैनेजिंग डायरेक्टर आशा व्यास ने बताया कि पिछले करीब बीस वर्षों से स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन की सुविधा एक ही कैम्पस में उपलब्ध है । इनमें नर्सिंग, बीएसएस नर्सिंग, डेंटल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कॉमर्स, बीएड के संस्थान संचालित है, जिसमें अब व्यास मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का नाम जुड़ गया है । इस मौके पर व्यास ग्रुप के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ रजनीश अग्रवाल उपस्थित थे ।

      
]]>
https://sevabharati.co.in/archives/47700/feed 0 47700
निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 135 रोगियों को किया गया लाभान्वित https://sevabharati.co.in/archives/47552 https://sevabharati.co.in/archives/47552#respond Fri, 05 Jul 2024 03:26:30 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=47552 पीपाड़ में आयुर्वेदिक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का किया गया आयोजन

जोधपुर । डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में तथा विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल प्रखंड पीपाड़ के द्वारा पीपाड़ में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सालय उपाधीक्षक डॉ. ब्रह्मानंद शर्मा ने बताया कि चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राहुल सावरिया आरएमओ संजीवनी चिकित्सालय ने शिविर में कुल 135 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सा दी। इस शिविर में मधुमेह रोग, उच्च रक्तचाप, घुटनों में दर्द, थायरॉयड ग्रन्थि विकार, पेट से सम्बन्धित रोग, श्वास रोग आदि से सम्बन्धित चिकित्सा दी गई एवं आमजन को जागरूक किया गया।                

शिविर में पी जी अध्येता  डॉ. अंकुश विश्नोई,  डॉ. मोहम्मद अली, नर्सिंग कर्मी राहुल भाटी, सत्यनारायण प्रजापत तथा चालक श्रवण ने अपनी सेवाएं दी। कार्यक्रम में ओमप्रकाशजी विश्व हिन्दू परिषद जिला उपाध्यक्ष, अपना सहयोग प्रदान किया।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/47552/feed 0 47552
नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में 150 लोग लाभान्वित हुए https://sevabharati.co.in/archives/47390 https://sevabharati.co.in/archives/47390#respond Mon, 01 Jul 2024 17:59:33 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=47390 Gulam Mohammed, Editor, Seva Bharati News

चिकित्सा शिविर में जटिल बीमारियों का परामर्श व नि:शुल्क दवाईया वितरित की गई

जोधपुर। अल् अब्बास एज्यूकेशन सोसायटी एवं हकीम निसार अहमद मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के तत्वाधान में रविवार को मरहुमा हज्जन गुलशन बाई की स्मृति में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
सोसायटी के सदर पीर अब्दुल रूआब चिश्ती ने जानकारी देते हुए बताया की अल् अब्बास एज्यूकेशन सोसायटी एवं हकीम निसार अहमद मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के तत्वाधान में रविवार 30 जून 2024 को सुबह 10 बजे से माई खदीजा हॉस्पीटल, मुस्लिम स्कूल कैम्पस, पाललिंक रोड पर मरहुमा हज्जन गुलशन बाई की स्मृति में एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर में लगभग डेढ सौ लोग लाभान्वित हुए।
इस दौरान चिकित्सा शिविर में वरिष्ठ युनानी चिकित्सक डॉ. साजिद निसार ने युनानी पद्धति से पुराने व जटिल रोगों का उपचार कर परामर्श व नि:शुल्क दवाईया वितरित की। वहीं चिकित्सा शिविर में डेन्टल सर्जन डॉ. मोहसिन खान, एम. डी. एस, सीटी डेन्टल क्लिनिक चीरघर ने दांतो सम्बन्धी बीमारियों का उपचार किया। साथ ही युनानी मेडिकल आफिसर डॉ. शगुफ्ता चिश्ती ने महिला रोगियों को परामर्श व उपचार कर राहत प्रदान की।
सोसायटी के सदर पीर अब्दुल रूआब चिश्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि इस नि:शुल्क चिकित्सा शिविर के पश्चात् सोसायटी के द्वारा बहुत ही जल्द एक नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा एवं नेत्र लेन्स प्रत्यारोपण के शिविर का आयोजन किया जायेगा। सोसायटी के पदाधिकारियो एवं सदस्यों ने सभी चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों, फार्मा कम्पनी के प्रतिनिधियों का और माई खदीजा हॉस्पीटल के प्रबन्धन का आभार जताया। इस दौरान समाजसेवी रियाज खान मुल्लाजी महाराज बैण्ड, समाजसेवी गुलाम मोहम्मद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। वहीं चिकित्सा शिविर के दौरान सोसायटी के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग प्रदान किया। अंत में सोसायटी के सदर पीर अब्दुल ऊआब चिश्ती के सभी का आभार व्यक्त किया।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/47390/feed 0 47390
तम्बाकू नियन्त्रण गतिविधियों से संबंधित कार्यशाला आयोजित  https://sevabharati.co.in/archives/39415 https://sevabharati.co.in/archives/39415#respond Thu, 11 May 2023 14:39:18 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=39415 जोधपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर के आदेशों की अनुपालना में सम्पूर्ण राजस्थान में तम्बाकू नियन्त्रण गतिविधियॉ तथा तम्बाकू मुक्ति अभियान की पहल, जानकारी व उपचार से सम्बन्धित कार्यशाला के लिए सर्जन डॉ राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, राजस्थान कैंसर फाउंडेशन, जयपुर द्वारा चिकित्सक शिक्षकों, चिकित्सक कर्मचारियों व मेडिकल विद्यार्थियों के लिये कार्यशाला डॉ एस एन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर में आयाजित  की गई।

कार्यशाला आयोजन प्रभारी डॉ अफजल हकीम ने अवगत कराया कि डॉ राकेश गुप्ता द्वारा तम्बाकू व उनके उत्पादों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव व इसलत से निजाद एवं उपचार से सम्बन्धित  महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई। लगभग 15 प्रतिशत लोग तम्बाकू व उसके उत्पादों का सेवन करते हैं जिससे शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक परेशानियों का सामना करना पडता है। तम्बाकू व इसके उत्पादों से कैंसर होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे लोगों को चिकित्सकों द्वारा विभिन्न गतिविधियों- काउंसलिंग, सामुदायिक चिकित्सा, उपचार व पुर्नवास से उक्त लत से निजाद दिलाई जा सकती है। इसमें चिकित्सक एवं चिकित्सा व्यवसाय से जुडे समस्त व्यक्ति सहयोग कर सकते हैं। 

प्रधानाचार्य एवं नियन्त्रक, डॉ दिलीप कच्छावा ने डॉ राकेश गुप्ता का स्वागत किया तथा उनके द्वारा तम्बाकू नियन्त्रण हेतु विगत बीस वर्ष से उल्लेखनीय कार्य की सराहना की तथा चिकित्सालयों को तम्बाकू निषेध क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर बल दिया।

उक्त कार्यशाला में डॉ ए.आर.कल्ला, डॉ गिरधर सिंह भाटी, डॉ संजय गहलोत, डॉ रीता मीणा, डॉ सुमन भंसाली आदि अनेक वरिष्ठ चिकित्सक सम्मिलित हुए। इस अवसर पर डॉ गुप्ता द्वारा लिखित दो पुस्तकों 1. तम्बाकू मुक्ति की ओर व 2. तम्बाकू नियन्त्रण के मुद्दे की प्रतियॉ महाविद्यालय को भेंट की गईं।

 कार्यक्रम में मेडिसिन, साइकेट्री, पी.एस.एम., गाइनेकोलॉजी, कैंसर विभाग, दन्त रोग विभाग के चिकित्सक व पी.जी. विद्यार्थियों ने भाग लिया। एम.बी.बी.एस. विद्यार्थियों के विभिन्न प्रष्नों व जिज्ञासाओं का प्रभावी उपायों के साथ समस्या से निजाद हेतु उपाय बताये गये। डॉ गुप्ता ने प्रधानाचार्य से अनुरोध किया कि तम्बाकू नियन्त्रण के लिए एंटी तम्बाकू क्लिनिक का मेडिकल कॉलेज में संचालन होना चाहिये।

 कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्य, डॉ जयराम रावतानी द्वारा किया गया। अन्त में डॉ सावित्री शर्मा द्वारा सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया गया । 

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/39415/feed 0 39415
मैरिंगो सिम्स अस्पताल एक छत के नीचे पांच अंग प्रत्यारोपण करने के लिए नैदानिक उत्कृष्टता और वैश्विक विशेषज्ञता से लैस है https://sevabharati.co.in/archives/39387 https://sevabharati.co.in/archives/39387#respond Sat, 06 May 2023 09:36:31 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=39387 मैरिंगो सिम्स प्रत्यारोपण कार्यक्रमों के लिए पसंदीदा स्थान है

जोधपुर। श्री अग्रसेन संस्थान में 7 मई रविवार को अहमदाबाद के विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में मेडिकल कैंप का आयोजन दिनांक 7 मई 2023 रविार को श्री अग्रसेन संस्थान पहले पुलिया, जोधपुर पर श्री अग्रसेन संस्थान, मोरिंगो सिम्स अस्पताल अहमदाबाद और द रॉयल सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में एक बहुउद्देशीय विशेषज्ञ चिकित्सकों का निशुल्क मेडिकल शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें जोधपुर के जन्मे कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सत्य गुप्ता, कार्डियक सर्जन डॉक्टर धीरेंन शाह, मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केवल चांगडिय़ा, दिमाग व रीड विशेषज्ञ डॉक्टर देवेंद्र जवेरी, न्यूरो सर्जन डॉक्टर जयन शाह, यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर स्वाति नायक, यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर नीलय जैन, कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ डॉक्टर नितिन सिंघल, लिवर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विकास पटेल, किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मयूर पाटील, फेफड़े विशेषज्ञ डॉक्टर मीनेश पटेल, लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर अभिलाष चौकसी, आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉक्टर दरिया सिंह, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर हार्दिक पढिय़ार तथा फिजिशियन एवं ओबेसिटी विशेषज्ञ डॉक्टर रीकीन शाह की सेवाएं उपलब्ध रहेगी। शिविर में आरबीएस, बीपी, बीएमआई एवं ईसीजी की निशुल्क सेवाएं प्रदान की जाएगी।
जोधपुर में पहली बार अहमदाबाद के विशेषज्ञ चिकित्सकों का निशुल्क बृहत स्तर पर शिविर का आयोजन पहली बार किया जा रहा है जिसमें अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं निशुल्क प्रदान करेंगे। शिविर का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा । शिविर में अग्रिम रजिस्ट्रेशन पर जांच वरीयता के अनुसार की जाएगी और पुरानी रिपोर्ट लाना जरूरी है। श्री अग्रसेन संस्थान भवन में भी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है जिसमें कार्यालय समय में रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। एक मीडिया इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया था, और डॉक्टरों ने रोगियों का इलाज करने वाली विशेषज्ञता में अपनी विशेषज्ञता के बारे में अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। डॉक्टरों ने अंग प्रत्यारोपण के लाभों और जटिलताओं और भारत में ब्रेन स्ट्रोक की बढ़ती घटनाओं को संबोधित किया ।
अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता तब होती है जब अंगों में से एक अंग बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा हो या वह अंग वो काम करने में विफल हो रहा हो जो मानव शरीर में करने के लिए आवश्यक है। एक अंग प्रत्यारोपण व्यक्ति के जीवन काल को बढ़ा सकता है जिससे व्यक्ति सामान्य जीवन जी सके। ऐसे अंग हैं जो एक जीवित दाता द्वारा दान किए जा सकते हैं और ऐसे अंग हैं जिन्हें किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों द्वारा दान किया जा सकता है। जीवित दाता एक गुर्दा, यकृत का हिस्सा, आंत या अग्न्याशय दान कर सकते हैं। किडनी दान सबसे ज्यादा और सबसे आम जीवित दान है। अध्ययनों से पता चलता है कि वर्ष 2020 में कुल 5725 जीवित दाता प्रत्यारोपण किए गए और अधिक लोग दान करने के लिए आगे आए ताकि परिवार के एक सदस्य को बचाया जा सके।
डॉ. धीरेन शाह गुजरात के प्रथम हृदय प्रत्यारोपण सर्जन (हार्ट ट्रान्सप्लान्ट सर्जन, कार्डियोवस्क्युल एवं थोरासीस सर्जन), मैरिंगो सिम्स अस्पताल कहते हैं, हृदय गति रुकना एक ऐसी स्थिति है जब अंग अपनी पूरी क्षमता से काम करने की क्षमता खो देता है। हृदय पर्याप्त रक्त पंप करने की क्षमता खो देता है और अपर्याप्त रक्त आपूर्ति के साथ शरीर के कार्य बाधित हो जाते हैं। मानव शरीर तब लगातार कमजोरी, ज़ोरदार गतिविधियों को करने में असमर्थता का अनुभव करता है, और यहाँ तक कि घातक परिणाम भी देता है। यह एक ऐसी स्थिति है जब कोई व्यक्ति को हृदय प्रत्यारोपण की जरुरत होती है। गुजरात में अब तक 40 हृदय प्रत्यारोपण हो चुके है
डॉ. विकास पटेल ( लीवर रोगो एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ), मैरिंगो सिम्स अस्पताल ने बताया कि, “लिवर मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे आमतौर पर शरीर की रसोई के रूप में जाना जाता है। यकृत के कार्यों में पाचन, चयापचय, प्रतिरक्षा और शरीर में पोषक तत्वों का भंडारण शामिल है। अगर लिवर 70 प्रतिशत खराब भी हो जाए तब भी यह काम कर सकता है। प्रत्यारोपण की आवश्यकता तभी होती है जब यकृत विफलता के अंतिम चरण में होता है। यकृत रोगों में योगदान देने वाले पारिस्थितिक कारकों में बदलाव आया है। हम अब शराब या हेपेटाइटिस के कारण यकृत की क्षति वाले रोगियों का इलाज नहीं कर रहे हैं। हम जंक फूड की अधिकता, गतिहीन जीवन शैली और फैटी लीवर के कारण लीवर फेलियर के अंतिम चरण के रोगियों को भी देख रहे हैं। भारत में लिवर प्रत्यारोपण कार्यक्रमों की उपलब्धता ने अंतिम चरण के लिवर की बीमारी से मरने वाले व्यक्तियों के लिए एक जीवनरक्षक प्रक्रिया शुरू की है। भारत अब एक वर्ष में 1800 लीवर प्रत्यारोपण करता है और यह अंग दान पर जागरूकता के साथ बढऩे के लिए तैयार है, विशेष रूप से जीवित दाताओं से बढ़ रहा है। और यह आनेवाले समय के लिए एक बड़ी छलांग है।” अब तक 40 लिवर प्रत्यारोपण हो चुके है। परिवार के सदस्यों द्वारा किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद दान किए जा सकने वाले अंग में हृदय, गुर्दे, यकृत, फेफड़े, अग्न्याशय और आंतें हैं। त्वचा, बोन टिश्यू (टेंडन और कार्टिलेज सहित), आई टिश्यू, हृदय वाल्व और रक्त वाहिकाएं टिश्यू के प्रत्यारोपण योग्य रूप हैं। डॉ. मीनेष पटेल (फेफड़े प्रत्यारोपण विशेषज्ञ) ने बताया कि, फेफड़े के प्रत्यारोपण कार्यक्रमों में भारत ने एक लंबा सफर तय किया है। एक रोगग्रस्त या निष्क्रिय फेफड़े को केवल एक प्रत्यारोपण के माध्यम से एक स्वस्थ फेफड़े से बदला जाना चाहिए। अंतिम चरण की फेफड़ों की बीमारी एक ऐसी स्थिति है जहां रोगी को फेफड़े के प्रत्यारोपण की आवश्यकता होगी। फेफड़े के प्रत्यारोपण के क्षेत्र में नैदानिक तौर-तरीकों में काफी सुधार हुआ है। फेफड़े के दान में विस्तारित मानदंड की राष्ट्रीय स्वीकृति, फेफड़े के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित होने और भारत में अंग दान की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि ने देश में फेफड़े के प्रत्यारोपण कार्यक्रम को मजबूत किया है। अधिक जीवन बचाने के अभियान को अनुकूलित करने के लिए, सरकार ने हाल ही में स्थापित किया है कि एक अंग प्राप्तकर्ता अंग के लिए देश में कहीं भी पंजीकरण करा सकता है।” गुजरात में पहला लंग (फेफसा) प्रत्यारोपण किया और अब तक 2 हो चुके है। डॉ. मयूर पाटिल (नेफ्रोलॉजिस्ट, किडनी ट्रान्सप्लान्ट सर्जन) ने बताया कि, किडनी प्रत्यारोपण गंभीर गुर्दे की विफलता के लिए उपचार हैं, जिसे किडनी (या गुर्दे) की विफलता, स्टेज 5 क्रोनिक किडनी रोग, और अंत – चरण किडनी (या गुर्दे ) की बीमारी भी कहा जाता है। यदि आप लंबी अवधि के लिए बेहतर स्वास्थ्य की तलाश कर रहे हैं, तो आपको डायलिसिस एवं गुर्दा प्रत्यारोपण पर विचार करना चाहिए । लेकिन डायलिसिस की तुलना में गुर्दा प्रत्यारोपण कई महत्वपूर्ण लाभों से जुड़ा है। इनमें अधिक जीवन प्रत्याशा, बेहतर समग्र स्वास्थ्य और जीवन की बेहतर गुणवत्ता शामिल है जिसमें डायलिसिस उपचार के गंभीर प्रतिबंधों से मुक्ति शामिल है।
डॉ. जयुन शाह (दिमाग एवं रीढ के विशेषज्ञ) कहते हैं, मस्तिष्क और स्पाइन से जुड़ी अनगिनत मेडिकल चुनौतियां हैं, जो मरीज को विकलांग बना सकती हैं या उसकी मौत भी हो सकती है। एक बार मस्तिष्क में एक न्यूरॉन क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद इसे पुनर्जीवित करने का कोई तरीका नहीं है। क्षतिग्रस्त न्यूरॉन जिन कार्यों को निर्देशित करता है वे प्रभावित होते हैं और इसके परिणामस्वरूप विकलांगता के लिए अग्रणी आंशिक पक्षाघात के विभिन्न स्तर होंगे।
यह स्थिति रोगी को न केवल शारीरिक रूप से प्रभावित करती है बल्कि उसे मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से डराती है। निर्धारित अवधि जिसके भीतर एक मरीज को चिकित्सा हस्तक्षेप प्राप्त करना चाहिए, वह सर्वोपरि है। मैरिंगो सिम्स अस्पताल स्वास्थ्य सेवा के बदलते चेहरे को फिर से परिभाषित करने के लिए लगातार नई पहल करने की कोशिश कर रहा है। भारत में ब्रेन स्ट्रोक की बढ़ती संख्या और ब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित होने वाले घटते आयु वर्ग को देखते हुए अध्ययनों के अनुसार, युवा व्यक्तियों (इस अध्ययन में 18-49 वर्ष के रूप में परिभाषित) के बीच वार्षिक स्ट्रोक घटना प्रति 1,00,000 में 46 थी। अध्ययनों से पता चलता है कि भारत में हर साल लगभग 0.5 मिलियन लोग ऐसे कारणों से मरते हैं जिन्हें उन अंगों के प्रत्यारोपण से रोका जा सकता था जो उनके लिए उपलब्ध नहीं थे।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/39387/feed 0 39387
जेठाराम सोलंकी के जन्म दिवस पर नि:शुल्क नेत्र जाँच शिविर आयोजित https://sevabharati.co.in/archives/36158 https://sevabharati.co.in/archives/36158#respond Mon, 15 Aug 2022 11:13:35 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=36158 शिविर में 217 मरीज हुए लाभांवित

जोधपुर। बालरवा गांव में कैलाश बन्ना माजीसा सेवा संस्थान के तत्वधान में समाजसेवी जेठाराम सोलंकी के जन्म उत्सव पर नि: शुल्क नेत्र जांच शिविर एवं लैंस प्रत्यारोपण का आयोजन भावना हॉस्पिटल में हुआ।
शिविर का शुभारंभ कैलाश बना माजीसा सेवा संस्थान के गद्दीपति प्रकाश नारायण जी (दाताश्री ) के द्वारा किया गया। संयोजक मालाराम सोलंकी ने बताया कि शिविर में करीब 217 लोग लाभान्वित हुए। गौ भक्त जितेंद्र सिंह सोलंकी एवं छगन भाई गहलोत ने बताया कि शिविर में गणमान्य बालरवा युवा सरपंच प्रतिनिधि सांवर जी परिहार, उपसरपंच नरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच बाबूलाल परिहार, तिंवरी सरपंच अचलसिंह गहलोत, चौपासनी सरपंच रामकिशोर परिहार, मथानिया सरपंच ओमप्रकाश सोलंकी, नगतबन्ना धाम गणेश गोस्वामी, पुखराज परिहार, समाजसेवी आदर्श शर्मा , डॉ. आकाश पंचारिया, रघुवीर शर्मा, डॉ. किशोर देवड़ा, जगडीश परिहार, शैतान परिहार, गौ भक्त रामकिशोर सोलंकी, श्याम परिहार, रोटरी क्लब ऑफ जोधपुर संस्कार निर्देशक कल्पन चौहान, पूजा जैन , जय महाकाल गो-सेवा समिति कि पुरी टीम आदि उपस्थित रहे । प्रकाश सोलंकी व निखिल सोलंकी ने बताया कि इस दौरान ओमप्रकाश टाक, चैनपुरी गोस्वामी, लवलेश परिहार, महेंद्र सिंह, गौभक्त नरपत परिहार, प्रेमाराम टाक, नरपत कच्छावाह ,किशोर परिहार ,पन्नालाल सोलंकी, पूनमचंद परिहार, नरपत सोलंकी, दिनेश टाक, प्रवीण टाक, मुकेश परिहार, कुलदीप टाक, दिलजीत सिंह, सुरेश देवड़ा, रमेश परिहार,पुनाराम परिहार भाणु, किशन राणा, भगवान सोलंकी, दयाल परिहार भाणु, सभी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और शिविर को सफल बनाया।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/36158/feed 0 36158
नि:शुल्क नेत्र व दंत चिकित्सा शिविर आयोजित https://sevabharati.co.in/archives/36129 https://sevabharati.co.in/archives/36129#respond Mon, 15 Aug 2022 10:13:45 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=36129
शिविर में आँखों की जाँच करते डॉ. विपुल माथुर नेत्र रोग विशेषज्ञ

शिविर में नेत्र व दंत रोग जाँच करवाने के लिए उमड़े लोग

जोधपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर ऋषभ आई एण्ड डेन्टल केयर सेन्टर द्वारा नि:शुल्क नेत्र एवं दन्त चिकित्सा शिविर 3 से 15 अगस्त आयोजन किया गया। जिसमें नेत्र 261 व दांतो के 86 मरीजों की जाँच की गई।
सुमित साँखला ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर नि:शुल्क नेत्र एवं दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन 3 अगस्त से 15 अगस्त प्रताप नगर टैम्पो स्टैण्ड के पास ऋषभ आई एण्ड डेन्टर केयर सेन्टर किया गया। शिविर में डॉ. विपुल माथुर नेत्र रोग विशेषज्ञ व डॉ. धीरज सोनी दंत रोग विशेषज्ञ द्वारा नेत्र 261 व दांतो के 86 मरीजों की जाँच की एवं उपचार कर नि:शुल्क दवाईयां वितरित की गई तथा जरूरतों के नि:शुल्क ऑपरेशन कर लैंस लगाए गए व खराब दांत निकाले गए। शिविर के दौरान डॉ. विपुल माथुर, डॉ. धीरज, अशोक कुमार, जयश्री, यश जोशी, सुनिल, विजय, पुखराज, नवीन वैष्णव, नरेन्द्र, नरेश, अंकित, उमर, अफजल, किशन, जयकांत, कमल, पूजा, रामकुमार, नारायण, मो. इनाम, नितिन आदि सराहनीय सहयोग रहा।

]]>
https://sevabharati.co.in/archives/36129/feed 0 36129